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Saturday, April 23, 2016

दक्षिण कोरिया ने कहा, उत्तर कोरिया ने पनडुब्बी से दागे जाने वाले मिसाइल का परीक्षण किया

 सोल। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया ने आज जापान सागर में मिसाइल परीक्षण किया, जिसके पनडुब्बी से दागे जाने वाले बैलिस्टक मिसाइल होने के आसार हैं। अमेरिका ने इसको लेकर उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है।
 रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर कोरिया ने आज सुबह करीब 6:30 बजे जापान सागर में सिनपो बंदरगाह के पास एक मिसाइल दागा और माना जा रहा है कि वह पनडुब्बी से दागे जाने वाला बैलिस्टक मिसाइल था।
 उन्होंने कहा कि हम उत्तर कोरिया की सेना पर करीबी नजर रख रहे हैं। यह अभी ज्ञात नहीं हो सका है कि प्रक्षेपण कामयाब रहा या नहीं।
 प्रवक्ता ने कहा कि मिसाइल 30 किलोमीटर तक गई, लेकिन यह लगता है कि परीक्षण विफल हो गया।
 उत्तर कोरिया यह पनडुब्बी से दगी जाने वाली मिसाइल की क्षमता हासिल करने के लिए प्रयास करता रहा है। उसके यह क्षमता हासिल कर लेने से उससे परमाणु खतरा काफी बढ़ जाएगा।
 उधर, अमेरिका ने कहा है कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का 'स्पष्ट उल्लंघनÓ है और उसने चेतावनी भी दी कि वह इस पर गहरी निगाह रखे हुए है।
 अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने एक बयान में कहा, ''हम उत्तर कोरिया की गतिविधियों एवं कोरियाई प्रायद्वीप पर हालात पर नजदीकी नजर बनाए हुए हैं।
 उन्होंने कहा, ''हम उत्तर कोरिया का आह्वान करते हैं कि वह ऐसे कदम उठाने से परहेज करे जिससे क्षेत्र अस्थिर होता हो।
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Sunday, April 17, 2016

इक्वाडोर में 7.8 की तीव्रता का भूकंप, 77 की मौत

 क्विटो। इक्वाडोर में कल आए एक शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 77 व्यक्तियों की मौत हो गई, इमारतें और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गए। इससे भयभीत नागरिक अपने घरों से निकल गए।
 इक्वाडोर के उप राष्ट्रपति जॉर्ज ग्लास ने भूकंप को हाल के दशकों में आया भीषण भूकंप बताया और कहा कि मृतक संख्या और बढऩे की आशंका है।
 भूकंप कल रात अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 11 बजकर 58 मिनट पर क्विटो से 170 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में आया। भूकंप के झटके करीब एक मिनट तक महसूस किए गए। यह झटके इक्वाडोर, उत्तरी पेरू और दक्षिणी कोलंबिया में महसूस किए गए। राजधानी क्विटो में 60 वर्षीय मारिया टोरेेस ने कहा, ''हे भगवान, वह भूकंप मेेरे जीवन में आया सबसे तगड़ा भूकंप था। वह लंबे समय तक रहा और मुझे चक्कर आ रहा था। मैं चल नहीं पा रही थी...मैं सड़क पर भागना चाहती थी लेकिन ऐसा कर नहीं पाई।ÓÓ ग्लास ने टेलीविजन और रेडियो पर एक विशेष प्रसारण में कहा कि आज सुबह तक 77 व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हो गई थी और 588 से अधिक घायल हैं। उन्होंने कहा, ''हमें पता है कि मलबे के नीचे नागरिक हैं जिन्हें बचाना जरूरी है।ÓÓ अधिकारियों ने छह सबसे प्रभावित प्रांतों में आपातकाल घोषित कर दिया है।  ग्लास ने कहा कि पुलिस, सेना और आपात सेवाएं ''नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए अधिकतम अलर्ट की स्थिति में हंै।ÓÓ राष्ट्रपति राफेल कोरिया वैटिकन की यात्रा पर हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वह तत्काल इक्वाडोर लौट रहे हैं।   एएफपी के एक फोटोग्राफर की रिपोर्ट के अनुसार बंदरगाह शहर गायाक्विल में एक पुल ढह गया, जिसके नीचे एक कार दब गई। लोगों को ध्वस्त हुए मकानोंं के मलबे से निकाला जा रहा है।  इक्वाडोर के जियोफिजिकल कार्यालय के अनुसार भूकंप के केंद्र और गायाक्विल की दूरी तक काफी संरचनात्मक क्षति हुई है।  यूएस जियोलॉजिकल सर्वे :यूएसजीएस: की रिपोर्ट के अनुसार इक्वाडोर में 7.8 तीव्रता का तगड़ा भूकंप आया। 
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Saturday, April 9, 2016

मदर टेरेसा को मरणोपरांत फाउंडर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया

 लंदन । मदर टेरेसा को इस वर्ष के ब्रिटेन के प्रतिष्ठित फाउंडर्स अवॉर्ड से मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। यह सम्मान वैश्विक एशियाई समुदाय के लोगों को उनकी अनुकरणीय उपलब्धियों को मान्यता देता है और उन्हें पुरस्कृत करता है। टेरेसा की एक मात्र जीवित रिश्तेदार 72 वर्षीय उनकी भतीजी अगी बोजाझीयू खासतौर पर यह पुरस्कार लेने के लिए कल इटली से आई थीं। टेरेसा को चार सिंतबर को संत घोषित किया जाएगा। उन्होंने मिशनरीज ऑफ चेरेटी की स्थापना की थी और 45 साल तक गरीब, बीमार, अनाथ और कोलकाता की सड़कों पर रहने वाले बेहसाहरा लोगों की खिदमत की थी। 87 वर्ष की उम्र में सन 1997 में कोलकाता में उनका देहांत हो गया था। छठें एशियन अवॉर्ड में फाउंडर्स अवार्ड का कल ब्रिटेन में आयोजन किया गया था। यह पुरस्कार एशियाई समुदाय के लोगों की अनुकरणीय उपलब्धियों को मान्यता देता है और उन्हें पुरस्कृत करता है। यह पुरस्कार व्यापार, लोकोपकार, मनोरंजन, संस्कृति और खेल सहित 14 श्रेणियों में दिया जाता है।
 एशियन पुरस्कार की शुरूआत 2010 में पॉल सागो ने की थी जोकि उद्यमी हैं और लेमन समूह के संस्थापक हैं।
 सागो ने कहा कि मदर टेरेसा को उनके संत बनने वाले वर्ष में सम्मानित करना शानदार है और यह हमारे इतिहास को एक शानदार पहचान देगा।
 प्रमुख एनआरआई उद्यमी और लोकोपकार रामी रेंजर ने यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के लिए एक लाख पौंड का योगदान दिया और उन्हें उत्कृष्ठ उपलब्धि के लिए कम्युनिटी सर्विस पुरस्कार से नवाजा गया।
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Monday, April 4, 2016

सबसे बड़े 'टैक्स लीक' से खुलासा, पुतिन-नवाज के साथ बिग बी और ऐश्वर्या का भी नाम

पेरित :ऐजेन्सी: इतनी बड़ी संख्या में ये रिकॉर्ड जर्मन अखबार सुडूशे जीतुंग ने एक अज्ञात सूत्र से प्राप्त किए हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) के जरिए दुनिया भर के मीडिया के साथ साझा कर दिया. आईसीआईजे ने कहा कि इस जांच के तहत विदेशों में स्थित 2.14 लाख प्रतिष्ठानों से 1.15 करोड दस्तावेज प्राप्त किए गए. लीक हुए दस्तावेज पनामा की विधि फर्म मोजैक फोंसेका से आये. इस फर्म के 35 से भी अधिक देशों में दफ्तर हैं.

टैक्स बचाने के लिए दूसरे देशों में पैसा छिपाने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट्स लीक हुए हैं। ये बताते हैं कि व्लादिमीर पुतिन, नवाज शरीफ, शी जिनपिंग और फुटबॉलर मैसी ने कैसे अपनी बड़ी दौलत टैक्स हैवन वाले देशों में जमा की। सवालों के घेरे में आए बड़े भारतीय नामों में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय और डीएलएफ के प्रमोटर केपी सिंह शमिल हैं।

अमिताभ और ऐश्वर्या का नाम क्यों?

- अमिताभ : इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अमिताभ को चार कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में थी। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की आॅथोराइज्ड कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी। लेकिन ये कंपनिया उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी।

- ऐश्वर्या : इन्हें पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनया गया। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। जानकारी के मुताबिक, यह कंपनी 2005 में बनाई गई। तीन साल बाद यानी 2008 में बंद हो गई थी।

8# भारत से और कितने बड़े नाम?

- गरवारे फैमिली: रोन्डर ओवरसीज लिमिटेड और दूसरी कई कंपनीज चलाती है। ये कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स और पनामा में हैं। लिस्ट में इस फैमिली के तीन लोगों अशोक गरवारे, आदित्य गरवारे और सुषमा गरवारे के नाम हैं।

- शिशिर के. बाजोरिया: हैप्टिक लिमिटेड (ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स) के नाम से रजिटस्टर्ड कंपनी। शिशिर बाजोरिया ग्रुप के प्रमोटर हैं जो जूट और टी का बिजनेस संभालती है। इस ग्रुप की स्टील यूनिट्स छह देशों में काम कर रही हैं। करीब 200 मिलियन डॉलर का टर्नओवर है।

- ओंकार कंवर: जे एंड एस सिस्टम्स कॉर्पोरेशन (ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स)। इनकी कंपनी अपोलो टायर्स बनाने के लिए ज्यादा मशहूर है। इन्होंने 2010 में जे एंड एस कॉर्पोरेशन नाम से कंपनी और 2014 में दो ट्रस्ट बनाए। इनका रजिस्ट्रेशन भी ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स में है।

- हरीश साल्वे: क्रेस्टब्राइट, पायबुश ग्रुप और एडनेवल ग्रुप लिमिटेड (ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स)। देश के सबसे मशहूर वकील हैं जो कई सेलिब्रिटीज की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश होते रहे हैं। साल्वे 1999 से 2002 तक सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया भी रहे। उनकी फैमिली के तीन मेंबर्स के नाम से तीन कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स में रजिस्टर्ड हैं।

कुशल पाल सिंह: देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलफ के प्रमोटर हैं। केपी. सिंह के नाम से मशहूर इस डीएलएफ प्रमोटर की पत्नी इंदिरा उस कंपनी (वाइल्डर लिमिटेड) में शेयर होल्डर हैं जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड है। सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से लैंड डील को लेकर सिंह का नाम सुर्खियों में रहा था। 2011 में सिंह फोर्ब्स की ‘रिचर लिस्ट’ में 130 वें नंबर पर थे।

समीर गहलोत: रियल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर हैं। 2014 में समीर उनके पिता बलवान सिंह और भाई नागेंद्र तब चर्चा में आए जब उन्होंने लंदन में 87444 स्केवेयर फीट की प्रॉपर्टी अक्वायर की। इनकी तीन फर्म ब्रिटेन, बहामास और न्यूजर्सी में बताई गई हैं। टैक्स बचाने के लिए दूसरे देशों में पैसा छिपाने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट्स लीक हुए हैं। ये बताते हैं कि व्लादिमीर पुतिन, नवाज शरीफ, शी जिनपिंग और फुटबॉलर मैसी ने कैसे अपनी बड़ी दौलत टैक्स हैवन वाले देशों में जमा की। सवालों के घेरे में आए बड़े भारतीय नामों में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय और डीएलएफ के प्रमोटर केपी सिंह शमिल हैं।

अमिताभ और ऐश्वर्या का नाम क्यों?

- अमिताभ : इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अमिताभ को चार कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में थी। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की आॅथोराइज्ड कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी। लेकिन ये कंपनिया उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी।

- ऐश्वर्या : इन्हें पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनया गया। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। जानकारी के मुताबिक, यह कंपनी 2005 में बनाई गई। तीन साल बाद यानी 2008 में बंद हो गई थी।

 भारत से और कितने बड़े नाम?

- गरवारे फैमिली: रोन्डर ओवरसीज लिमिटेड और दूसरी कई कंपनीज चलाती है। ये कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स और पनामा में हैं। लिस्ट में इस फैमिली के तीन लोगों अशोक गरवारे, आदित्य गरवारे और सुषमा गरवारे के नाम हैं।

- शिशिर के. बाजोरिया: हैप्टिक लिमिटेड (ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स) के नाम से रजिटस्टर्ड कंपनी। शिशिर बाजोरिया ग्रुप के प्रमोटर हैं जो जूट और टी का बिजनेस संभालती है। इस ग्रुप की स्टील यूनिट्स छह देशों में काम कर रही हैं। करीब 200 मिलियन डॉलर का टर्नओवर है।

- ओंकार कंवर: जे एंड एस सिस्टम्स कॉर्पोरेशन (ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स)। इनकी कंपनी अपोलो टायर्स बनाने के लिए ज्यादा मशहूर है। इन्होंने 2010 में जे एंड एस कॉर्पोरेशन नाम से कंपनी और 2014 में दो ट्रस्ट बनाए। इनका रजिस्ट्रेशन भी ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स में है।

- हरीश साल्वे: क्रेस्टब्राइट, पायबुश ग्रुप और एडनेवल ग्रुप लिमिटेड (ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स)। देश के सबसे मशहूर वकील हैं जो कई सेलिब्रिटीज की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश होते रहे हैं। साल्वे 1999 से 2002 तक सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया भी रहे। उनकी फैमिली के तीन मेंबर्स के नाम से तीन कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स में रजिस्टर्ड हैं।

कुशल पाल सिंह: देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलफ के प्रमोटर हैं। केपी. सिंह के नाम से मशहूर इस डीएलएफ प्रमोटर की पत्नी इंदिरा उस कंपनी (वाइल्डर लिमिटेड) में शेयर होल्डर हैं जो ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड है। सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से लैंड डील को लेकर सिंह का नाम सुर्खियों में रहा था। 2011 में सिंह फोर्ब्स की ‘रिचर लिस्ट’ में 130 वें नंबर पर थे।

समीर गहलोत: रियल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर हैं। 2014 में समीर उनके पिता बलवान सिंह और भाई नागेंद्र तब चर्चा में आए जब उन्होंने लंदन में 87444 स्केवेयर फीट की प्रॉपर्टी अक्वायर की। इनकी तीन फर्म ब्रिटेन, बहामास और न्यूजर्सी में बताई गई हैं।

जिन लोगों के नाम दस्तावेजों की इस भारी लीक में सामने आए हैं, उनपर इसका गंभीर राजनीतिक असर पड सकता है. आईसीआईजे की जांच में जिन लोगों के बारे में मुख्य दावे किए गए हैं, उनमें पुतिन के करीबी सहयोगी शामिल हैं. इन्होंने ‘‘बैंकों और छद्म कंपनियों के जरिए दो अरब डॉलर का गुप्त घालमेल किया.' हालांकि इन नामों में पुतिन का नाम इसमें शामिल नहीं है.

आईसीआईजे ने कहा कि इन दस्तावेजों में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के परिवार का विदेशी कंपनियों से संबंध सामने आया है. शी खुद अपने देश में कड़ा भ्रष्टाचार रोधी अभियान चला चुके हैं.आइसलैंड में इन दस्तावेजों में प्रधानमंत्री सिगमुंदर डेविड गुनलॉग्सन और उनकी पत्नी द्वारा विदेशी कंपनी का गुप्त स्वामित्व रखने की बात कही गयी है. इस कंपनी ने देश के आर्थिक संकट के दौरान लाखों डॉलर आइसलैंडिक बैंक बॉंडों के रूप में रखे थे.

फीफा के आचार-नीति समिति के एक सदस्य जुआन पेड्रो दामियानी की विधिफर्म के उन तीन लोगों के साथ कारोबारी संबंध थे, जिनपर फीफा स्कैंडल में अभियोग लगाया गया था. ये तीन लोग थे- फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष ई. फिगुरेडो, ह्यूगो जिंकिस और उनका बेटा मरियानो. इनपर लातिन अमेरिका में फुटबॉल प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए रिश्वत देने का आरोप था.

अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाडी मेस्सी और उसके पिता का पनामा की कंपनी मेगा स्टार एंटरप्राइजेज इंक पर स्वामित्व है. यह एक शेल कंपनी है, जो पिता-पुत्र के कर मामलों की स्पैनिश जांच में सामने नहीं आई थी. फ्रांसटीवीइंफो ने फुटबॉल जगत से यूईएफए के अध्यक्ष माइकल प्लेटिनी को पनामा स्थित कर कंपनी का लाभार्थी बताया है. फ्रांसटीवीइंफो ने हालांकि यह भी कहा है कि किसी अवैध गतिविधि का आरोप नहीं लगाया गया है.

प्लेटिनी की संचार सेवा ने एएफपी को भेजे गए एक बयान में कहा गया कि ‘‘उसके सभी खातों और संपत्तियों की जानकारी स्विट्जरलैंड के कर अधिकारियों को है. वह वर्ष 2007 से वहां का करदाता है.'
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Sunday, April 3, 2016

सऊदी में मोदी का हुआ स्वागत, प्रधानमंत्री ने मजदूरों के साथ बैठकर खाया खाना

रियाद: तीन देशों की यात्रा पर निकले पीएम नरेंद्र मोदी अपने आखिरी पड़ाव में शनिवार को सऊदी अरब पहुंचे। मोदी अभी रियाद में टीसीएस के कर्मचारियों को एड्रेस कर रहे हैं। इससे पहले यहां उनका रियाद के गर्वनर प्रिंस फैजल बिन बांदर बिन अब्दुलअजीज ने स्वागत किया। इस दौरान मोदी ने L&T वर्कर्स को एड्रेस किया। उन्होंने मजदूरों के साथ बैठकर खाना भी खाया। इससे पहले मोदी वॉशिंगटन में न्यूक्लियर सिक्युरिटी समिट और बेल्जियम में भारत-ईयू समिट में हिस्सा ले चुके हैं।

 वर्कर्स से बोले मोदी, 'हमेशा आपकी जेब में रहूंगा'

- मोदी ने L&T वर्कर्स से कहा, ‘आप नरेंद्र मोदी एप डाउनलोड कर लीजिए, मैं हमेशा आपकी जेब में रहूंगा।"
- "आपका पीएम आपकी जेब में रहे और आपको क्या चाहिए।"
- उन्होंने कहा, "मैं खाली रहता हूं, मुझे कोई काम वाम नहीं, अगर काम है तो देशवासियों का है, मेरा अपना कोई काम तो है नहीं।"
- इसके बाद पीएम ने यहां भारतीय मजदूरों के साथ बैठकर खाना खाया और उनसे काफी देर तक बातचीत की।
- मोदी ने भोज की फोटो ट्विटर पर शेयर की और लिखा, "इन कामगारों की जी-तोड़ मेहनत आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करेगी।"

भारतीयों के लिए हेल्पलाइन

- मोदी ने कहा, "हमने विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं।"
- "अगर विदेश में कोई भारतीय संकट में है, तो उसे फौरन हेल्प मिलेगी।"
- "सऊदी अरब में बसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।"

इंडियन इकोनॉमी का जिक्र

- भारत की आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि देश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- उन्होंने कहा, "30 साल के अंतराल के बाद कोई सरकार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई है।"
- "हमारी सरकार में एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर भरोसे के साथ आगे बढ़ रहे हैं।"

सऊदी दौरे पर नजर

- सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल एक्सपोर्टर देश है। अरब देशों की जीडीपी में 25% कॉन्ट्रिब्यूशन सऊदी अरब का है।
- गल्फ को-ऑपरेशन काउन्सिल के देशों की कुल जीडीपी में 50% कॉन्ट्रिब्यूशन सऊदी अरब का है।
- हर साल दुनिया भर के लोग हज के लिए भी सऊदी अरब जाते हैं। करीब 1 लाख 34 हजार भारतीय हर साल हज के लिए जाते हैं।
- मोदी भारत से हज पर जाने वाले लोगों के लिए ज्यादा सहूलियतों की मांग कर सकते हैं।
- यह भारत का चौथा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।
- सऊदी अरब में भारत का एक्सपोर्ट 11 बिलियन डॉलर से ज्यादा है।
- भारत में सप्लाई होने वाले क्रूड का 20% हिस्सा सऊदी अरब से आता है।
- पिछले साल भारत ने सऊदी अरब से 21 बिलियन डॉलर का क्रूड खरीदा था।
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Saturday, April 2, 2016

प्रधानमंत्री मोदी ने परमाणु सुरक्षा पहलों की घोषणाएं की

 वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परमाणु तस्करी रोकने और परमाणु आतंकवाद प्रतिरोधी प्रौद्योगिकी को तैनात करने सहित परमाणु सुरक्षा और अप्रसार के क्षेत्रों में अपनी सरकार द्वारा उठाई गई कई पहलों की घोषणा की।
 मोदी ने यहां आयोजित परमाणु सुरक्षा सम्मेलन के दूसरे एवं अंतिम दिन के दौरान ए घोषणाएं कीं। इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के नेताओं ने शिरकत की थी।  भारत 2017 में 'परमाणु आतंकवाद से मुकाबला के लिए वैश्विक पहलÓ की बैठक की मेजबानी करेगा। इसके तहत परमाणु तस्करी से मुकाबले पर इंटरपोल के साथ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है। इसके अलावा, भारत परमाणु सुरक्षा कोष में 10 लाख अमेरिकी डॉलर का योगदान करके परमाणु सुरक्षा में अंतरराष्ट्रीय परमाणु उूर्जा एजेंसी :आईएईए: की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करेगा। आईएईए के विशेषज्ञों के साथ 'अंतरराष्ट्रीय भौतिक संरक्षण आकलन सेवाÓ आईपीपीएएस पर भारत में एक कार्यशाला भी आयोजित होगी। दुनिया के नेताओं को अपने द्वारा किए गए उपायों के बारे में सूचित करते हुए मोदी ने बताया कि भारत मजबूत संस्थागत ढांचा, स्वतंत्र नियामक एजेंसी और प्रशिक्षित एवं विशेषीकृत कर्मियों के जरिए परमाणु सुरक्षा को शीर्ष राष्ट्रीय प्राथमिकता प्रदान करता रहेगा।
 इस योजना में विकास एवं परमाणु आतंकवाद को रोकने एवं उससे रक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल शामिल है। उन्होंने कहा कि इनमें ढांचागत एवं साइबर अवरोधकों, प्रौद्योगिकीय दृष्टिकोण, निम्न परिष्कृत यूरेनियम और सीजियम 137 जैसे अतिसंवेदनशील रेडियो आईसोटॉप के इस्तेमाल के लिए मेडिकल ग्रेड 'मोली-99Ó के लिए सुविधाओं की स्थापना राष्ट्रीय योजना में शामिल है।  रेडियो आईसोटॉप 'सीजियम 137Ó का इस्तेमाल कैंसर के उपचार के लिए मेडिकल थेरेपी, औद्योगिक रेडियोथेरेपी, विकिरण मापने, खाद्य विकिरण और मृदा परीक्षण में होता है। मोदी ने कहा कि भारत परमाणु तस्करी का मुकाबला और राष्ट्रीय स्तर पर परमाणु एवं रेडियोधर्मी सामग्री का पता लगाने वाले संस्थान को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए एक समर्पित परमाणु तस्करी-रोधी टीम का गठन किया गया है। राष्ट्रीय कार्य योजना के मुताबिक, भारत की निर्यात नियंत्रण सूची और दिशानिर्देशों को परमाणु आपूर्ति समूह :एनएसजी: के नियमों के अनुरूप बनाया गया है और भारत निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं की सदस्यता के जरिए साझा परमाणु अप्रसार उद्देश्यों के लिए अपने योगदान को मजबूत करने की दिशा में आशान्वित है।
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Thursday, March 31, 2016

परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका पहुंचे

 वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज सुबह यहाुं पहुंचे। इस सम्मेलन में करीब 50 देशों के शीर्ष नेता परमाणु हथियारों और सामग्री के खतरे के आकलन और इस बारे में विचार साझा करेंगे। दो दिन के अपने अमेरिका प्रवास के दौरान मोदी यहां मेजबान राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत कई विश्व नेताओं से मुलाकात करेंगे। समझा जाता है कि पहली बार परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग ले रहे मोदी यहां परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी की यह तीसरी अमेरिका यात्रा है। इससे पहले सितंबर 2014 में उन्होंने व्हाइट हाउस में ओबामा से मुलाकात की थी और करीब एक साल पहले उन्होंने न्यूयॉर्क और सिलिकॉन वैली की यात्रा की थी। वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक कार्यक्रम के बारे में अभी तक कोई जानकारी साझा नहीं की गई है फिर भी मोदी के दिनभर कई बैठकों में व्यस्त रहने की उम्मीद है। इन बैठकों में कई राष्ट्रप्रमुखों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं, सामुदायिक नेताओं, वैज्ञानिकों और कारोबार जगत की हस्तियों से होने वाली मुलाकातें शामिल हैं। मोदी का आज न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की से मुलाकात का कार्यक्रम तय है। इसके अलावा वह लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी :लीगो: के वैज्ञानिकों से भी मुलाकात करेंगे।
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वैश्विक आर्थिक संकट के बीच आशा की किरण है हिन्दुस्तान : मोदी

 ब्रूसेल्स। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दुनिया के अच्छे से अच्छे देशों की अर्थव्यवस्था आज हिल चुकी है और पूरा विश्व आर्थिक संकट से गुजर रहा है लेकिन इसके बावजूद दुनिया एक स्वर में यह कह रही है कि इन हालात में भी आशा की अगर कोई किरण है तो हिन्दुस्तान है। प्रधानमंत्री ने कल यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, '' भारत ने विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं के बीच सबसे तेज गति से बढऩे वाली एक अर्थव्यवस्था के रूप में दुनिया में अपनी जगह बना ली है। और ए नसीब के कारण नहीं हुआ है, मोदी के कारण भी नहीं हुआ है... यह सबा सौ करोड़ हिन्दुस्तानियों के कारण हुआ है। ÓÓ  उन्होंने कहा, '' आज पूरा विश्व आर्थिक संकट से गुजर रहा है, दुनिया से अच्छे से अच्छे देशों की अर्थव्यवस्था हिल चुकी है। ऐसे समय सारी दुनिया एक स्वर में कहती है, चाहे विश्व बैंक हो, आईएमएफ हो, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी हो.... हर कोई एक स्वर से कह रहे हैं कि दुनिया में अगर आज कोई आशा की किरण है तो उस देश का नाम हिन्दुस्तान है। ÓÓ  मोदी ने कहा, '' अगर दिशा सही हो, नीतियां स्पष्ट हो, इससे भी बढ़कर नियत साफ हो तो भारत जैसे देश को कोई रोक नहीं सकता है। ÓÓ पूर्व की किसी सरकार का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, '' हमारे देश में अमीरों की सरकारें जब होती है तब अमीरों को गैस सिलिंडर पहले मिलता था लेकिन 2015 में एक वर्ष में गरीबों को सबसे ज्याद गैस कनेक्शन देने का काम इस सरकार :मोदी सरकार: ने किया है।
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Saturday, February 13, 2016

पाक को एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने को ओबामा तैयार, भारत ने जताई आपत्ति

वाशिंगटन : पाकिस्तान को लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित बिक्री रोकने की अमेरिकी सांसदों की मांग के बावजूद ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने के अपने फैसले के बारे में अमेरिकी कांग्रेस को अधिसूचित किया है।

अमेरिका के इस निर्णय पर भारत ने निराशा जताई है और इस तर्क से सहमत नहीं है कि इस प्रकार के हथियारों के हस्तांतरण से आतंकवाद से निपटने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान को एफ-16 विमानों की बिक्री पर अपनी नाराजगी और आपत्ति जाहिर करने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को तलब करने का निर्णय लिया है।

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही दलों के प्रभावशाली सांसदों के बढ़ते विरोध के बावजूद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस को अधिसूचित किया है कि वह पाकिस्तान सरकार को एफ-16 ब्लॉक 52 विमान, उपकरण, प्रशिक्षण और साजोसामान से जुड़े सहयोग वाली विदेशी सैन्य बिक्री करने को मंजूरी दे रहा है।

पेंटागन की शाखा रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अनुमानित कीमत 69.94 करोड़ डॉलर है। बयान में कहा गया कि यह प्रस्तावित बिक्री दक्षिण एशिया में एक रणनीतिक सहयोगी की सुरक्षा में सुधार में मदद करके अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों में अपना योगदान देती है।

पेंटागन ने कहा कि इससे क्षेत्र में सामान्य सैन्य संतुलन प्रभावित नहीं होगा। प्रस्तावित बिक्री मौजूदा और भविष्य के सुरक्षा से जुड़े खतरों से निपटने में पाकिस्तान की क्षमता में सुधार लाती है।
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Tuesday, February 9, 2016

जर्मनी में दो ट्रेनों की टक्कर नौ लोगो की मौत,150 घायल

जर्मनी: दक्षिण जर्मनी में दो यात्री ट्रेनों के बीच मंगलवार सुबह हुई आमने-सामने की टक्कर में कम से कम नौ व्यक्तियों की मौत हो गई। जबकि 150 अन्य घायल हो गए। कुछ घायलों को क्षतिग्रस्त ट्रेन के कोच को काटकर बाहर निकाला गया और नदी पार कराकर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। पुलिस प्रवक्ता स्तेफन सोनताग ने बताया कि दो क्षेत्रीय ट्रेनें बवारिया प्रांत में बाद एबलिंग के पास एक एकल ट्रैक मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। इस टक्कर में कई कोच पलट गए। उन्होंने बताया कि घायलों में से 50 को गंभीर चोटें लगी हैं। कुछ घायलों तक पहुंचने में कई घंटे का समय लगा। अधिकारी दोपहर तक ट्रेन से शवों को निकालने के लिए काम कर रहे थे।

संघीय पुलिस प्रवक्ता रेनर स्कार्फ ने घटनास्थल से कहा, ‘एक बार यह काम पूरा हो जाने पर जांचकर्ता अपना काम शुरू कर सकते हैं।’ संवाद समिति डीपीए ने बताया कि इस रेल लाइन का इस्तेमाल उन यात्रियों द्वारा किया जाता है जो म्युनिख काम करने के लिए जाते हैं। ये यात्री आमतौर पर अपने बच्चों को स्कूल भी ले जाते हैं लेकिन फिलहाल स्कूलों में छुटिट्यां हैं। अभी यह पता नहीं चला है कि दुर्घटना के समय ट्रेनों की गति क्या थी लेकिन जर्मन रेल आपरेटर ड्यूचे बान ने बताया कि इस लाइन पर ट्रेनों को 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलने की इजाजत होती है।

ये ट्रेन दुर्घटना म्युनिख से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण पूर्व एक दूरदराज के क्षेत्र में हुई जहां एक ओर जंगल और दूसरी ओर नदी है। बचावकर्मी घायल यात्रियों को नदी के दूसरी ओर एंबुलेंसों में पहुंचाने के लिए हेलीकाप्टर एवं छोटी नौकाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को दक्षिण बवारिया के पास अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। जर्मनी और पड़ोसी आस्ट्रिया से सैकड़ों आपातकर्मी मौके पर पहुंचे हैं। ये सभी लोग क्षतिग्रस्त बोगियों से यात्रियों को निकालने में मदद कर रहे हैं।

सोनताग ने कहा, ‘यह इस क्षेत्र में हाल के वषरें में हुई सबसे बड़ी दुर्घटना है। मौके पर कई चिकित्सक, एंबुलेंस और हेलीकाप्टर हैं।’’ ट्रेन आपरेटर बेयरिशे ओबरलैंदबान्ह ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा कि मेरिडियन लाइन से दोनों ट्रेनें दोनों आंशिक रूप से पटरी से उतर गई। पुलिस ने कहा कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि किस कारण से दुर्घटना हुई। संघीय परिवहन मंत्री अलेक्जेंडर दोबरिंत ने दुर्घटनास्थल से कहा कि वह मृतकों एवं घायलों के परिवारजनों के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें यह पता लगाना होगा कि दुर्घटना किस कारण से हुई। यह पता लगना चाहिए कि दुर्घटना प्रौद्योगिकी के चलते हुई या मनुष्य की गलती से।’’ बेयरिशे ओबरलैंदबान्ह ने कहा कि उसने एक हाटलाइन शुरू की है जिससे यात्रियों के परिवार वालों को अपने परिजनों के बारे में जानकारी लेने में सुविधा हो सके।’
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Saturday, February 6, 2016

सुषमा स्वराज ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति से मुलाकात की

कोलंबो  । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से मुलाकात की और दोनों ने कई क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
 कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त वाई के सिन्हा ने कहा कि दो दिन की सरकारी यात्रा पर कल यहां पहुंचीं सुषमा की राष्ट्रपति सिरीसेना के साथ 'बहुत अच्छी मुलाकात हुई। उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति ने हजारों सालों के सभ्यता के संपर्कों पर दोनों देशों के बीच बने बहुत गर्मजोशी वाले संबंधों को याद किया। दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे चली मुलाकात के दौरान भारत और श्रीलंका की कई परियोजनाओं पर और पिछली उच्चस्तरीय यात्राओं के दौरान लिए गए फैसलों पर चर्चा की। सिन्हा ने कहा, ''उन्होंने श्रीलंका में भारत द्वारा शुरू की गई अनेक परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और राष्ट्रपति ने भारत के सहयोग के लिए उसका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया, ''राष्ट्रपति सिरीसेना ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विकास के बारे में मंत्री को जानकारी दी। उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने कल यहां हुई संयुक्त आयोग की नौवीं बैठक में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर ध्यान देने के लिहाज से 1992 में संयुक्त आयोग बनाया गया था।
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Wednesday, January 20, 2016

पाकिस्तान की बाचा खान यूनिवर्सिटी पर आतंकी हमला, 25 की मौत, सभी छह आतंकी ढेर

नई दिल्ली : चारसद्दा में बाचा खान यूनिवर्सिटी पर आज सुबह आतंकियों ने हमला किया। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार यूनिवर्सिटी में घुसे सभी छह आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया है। इसके अलावा इस आतंकवादी हमले में 25 लोगों के मारे जाने की खबर है। मारे गए लोगों में केमिस्ट्री के एक प्रोफेसर भी हैं। वहीं चश्मदीदों ने बताया कि आतंकवादियों ने घुसते ही वहां मौजूद करीब 60-70 छात्रों के सिर में गोली मारी। सेना का ऑपरेशन खत्म हो गया है हालांकि सर्च ऑपरेशन और राहत कार्य अभी भी जारी है।
खबरों के मुताबिक आज सुबह करीब दस बजे जब यूनिवर्सिटी में बाचा खान की पुण्य तिथि मनाई जा रही थी तब करीब आठ आतंकवादी कोहरे का फायदा उठाकर घुस गए। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त यूनिवर्सिटी में 3000 छात्र और 600 अतिथि मौजूद थे। सेना ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी ऑपरेशन में लग गए हैं।

आतंकियों ने 60 से 70 छात्रों के सिर में  मारी गोली 


हमले के दौरान बचाए गए छात्रों ने बताया था कि आतंकियों ने 60 से 70 छात्रों के सिर में गोली मार दी. हमले में 25 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है जबकि 50 लोग घायल बताए जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, यूनिवर्सिटी से शवों को बाहर निकाला जा रहा है. कैंपस में मौजूद छात्रों, शिक्षकों और अन्य लोगों को बचाने के लिए सुरक्षाबलों रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. स्थानीय पुलिस के मुताबिक, अब तक चार आतंकी मारे जा चुके हैं.

यूनिवर्सिटी में से धमाके की आवाज आ रही है। लगातार फायरिंग की आवाज आ रही है। इस हमले में अभी तक पांच लोगों के घायल होने की खबर है। मौके पर आर्मी और सुरक्षाकर्मी पहुंच चुके हैं। पाकिस्तानी टीवी न्यूज जियो के मुताबिक आतंकवादी घने कोहने की आड़ में यूनिवर्सिटी की दीवार फांसकर घुसे और उन्होंने करीब तीन धमाके किए। हालांकि अभी तक इस धमाके में किसी के मारे जाने की खबर नहीं है लेकिन स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पांच घायलों को चारसाद्दा के जिला अस्पताल में पहुंचा दिया गया है।

मंगलवार रात यूनिवर्सिटी हाई अलर्ट पर थी। पाकिस्तान एयरफोर्स भी इस ऑपरेशन में जुट गई है। टीवी के मुताबिक जब आतंकवादी पहुंचे तो वहां मौजूद सुरक्षा जवानों से उनकी फायरिंग हुई इसमें दो जवान घायल हो गए।

पाक अखबार डॉन के मुताबिक पांच गंभीर घायलों को चारसद्दा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चश्मदीदों के मुताबिक यूनिवर्सिटी से लोगों ने कई धमाकों की आवाज सुनी।
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Thursday, January 7, 2016

लीबिया में ट्रक बम हमले में कम से कम 60 लोगों की मौत, 200 घायल

 त्रिपोली । लीबिया के पश्चिमी जिल्टेन शहर में आज एक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के समीप ट्रक बम हमले में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 200 लोग घायल हो गए। किसी :संगठन: ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इस्लामिक स्टेट से संबद्ध एक स्थानीय संगठन अपनी पकड़ वाले सिरते से जिल्टेन में अपनी जड़े जमाने में जुटा है। एक अस्पताल के प्रवक्ता मुअम्मर कद्दी ने बताया कि बचाव दल मलबे से 60 शव निकाल पाए हैं।  लीबियाई अधिकारियों ने बताया कि उन्हें और लोगों के मरने की आशंका है। जिल्टेन के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण केंद्र का इस्तेमाल सीमा पुलिस कर रही थी। वहां करीब 400 पुलिस रंगरूट प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि सीमा पुलिस ने पिछले साल जिल्टेन के तट पर मानव तस्करी की कई कोशिशें विफल की थीं। हाल के वर्षों में यूरोप में बेहतर जीवन की आस लिए हजारों प्रवासी लीबिया से खचाखच भरी नावो से गए। उनमें से कई डूब गईं। लंबे समय तक सत्ता में रहे तानाशाह मुअम्मर कज्जाफी के वर्ष 2011 में अपदस्थ होने और उनकी हत्या के बाद लीबिया अराजकता के गिरफ्त में आ गया। तेल समृद्ध यह देश राजधानी त्रिपोली की इस्लामिक सरकार और पूर्वी हिस्से से संचालित अंतरराष्ट्रीय मान्यताप्राप्त सरकार के बीच बंटा हुआ है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र समर्थित एकता सरकार ट्यूनीशिया में है।
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Monday, December 21, 2015

चीन: भूस्खलन हादसे में 91 लापता

शेन्झेंग :  सैकड़ों बचावकर्मी दक्षिणी शहर शेनचेन में भूस्खलन के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि 91 लोग अभी भी लापता हैं. हालांकि सात लोगों को मलबे से बाहर निकालने में कामयाबी हासिल हुई है.
भूस्खलन से पहले ही सैकड़ों लोगों को वहां से निकाला जा चुका था.
अधिकारियों का कहना है कि 91 लोग अभी भी लापता हैं. हालांकि सात लोगों को मलबे से बाहर निकालने में कामयाबी हासिल हुई है.
भूस्खलन से पहले ही सैकड़ों लोगों को वहां से निकाला जा चुका था.
शेनचेन के एक औद्योगिक क्षेत्र में 33 इमारतें जमीन और कीचड़ में धंस गईं जिनमें कम से कम दो रिहायशी इमारतें भी हैं.
बचाव के कामों में एक्सकेवेटरों और खोजी कुत्तों को लगाया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाज़ा हुआ है कि कुछ लोग मलबे में ज़िंदा हो सकते हैं.
हादसे में बचाए गए लोगों ने बताया कि कैसे कई लोग वहीं दफ़न हो गए. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि इस भूस्खलन की क्या वजह है.
चीनी मीडिया की कुछ ख़बरों में कहा जा रहा है कि एक ग़ैरक़ानूनी भराव टूट गया कारण ये हादसा हुआ.
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Sunday, December 20, 2015

यमन पर हमला , 75 की मौत

सना : सउदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने उत्तरी यमन पर हवाई हमले किए और भीषण युद्ध हुआ। देश में जारी संघर्ष के दोनों प्रमुख पक्षों के बीच लगातार जारी विवाद के कारण संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन किया जा रहा है और स्विटजरलैंड में चल रही पहले से ही कमजोर शांतिवार्ताओं को और अधिक कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

यमन के सुरक्षा अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सउदी सीमा के पास हज्जाह प्रांत में हुई ये झड़पें विद्रोहियों के सहयोगियों की इकाइयों और सरकार समर्थक यमन बलों के बीच हुईं। इन झड़पों में पिछले तीन दिन में 75 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

मरने वालों में 40 विद्रोही और 35 सरकारी सैनिक शामिल हैं। विद्रोही पक्ष के 50 लोग घायल हुए हैं और सरकारी पक्ष के दर्जनों लोग घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, दर्जनों टैंक और सशस्त्र वाहन नष्ट कर दिए गए। अरब दुनिया के इस सबसे गरीब देश के सुरक्षा अधिकारी इस संघर्ष में तटस्थ बने हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, यमन में युद्ध में मार्च से अब तक कम से कम 5884 लोग मारे गए हैं। सउदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा विद्रोहियों को निशाना बनाकर हवाई हमले शुरू किए जाने के बाद से लड़ाई बढ़ गई है।

मंगलवार से लागू हुए सप्ताह भर तक के संघर्षविराम समझौते के बावजूद यमन में लड़ाई जारी है। बुधवार तक, कम से कम 42 लोग क्षड़पों में मारे गए। इससे संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में स्विस गांव मैकोलिन में होने वाली शांति वार्ताओं में सफलता हासिल करने में होने वाली कठिनाइयां रेखांकित हो गईं।
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