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Monday, August 21, 2017

शिक्षामित्रों का महाप्रदर्शन: रोक के बाद भी डटे रहे शिक्षामित्र...

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद्द होने एवं योगी सरकार के विरोध पर नाराज शिक्षामित्रों का लखनऊ के लक्ष्मण मेला पार्क पर सत्याग्रह आंदोलन शुरू, शिक्षामित्रों का दावा है कि पूरे प्रदेश से करीब 1 लाख 70 हजार की संख्या में शिक्षामित्र लखनऊ पहुंच रहे हैं। हालांकि पुलिस श‍िक्षामित्रों को शहर के बाहर ही रोकने की कोश‍िश कर रही है। रास्ता रोकने से नाराज श‍िक्षामित्रों ने कई जगह सड़क जाम कर दिया है। ये सत्याग्रह आंदोलन लक्ष्मण मेला पार्क में शुरू किया जा रहा है। इसको देखते हुए प्रशासन ने लखनऊ में धारा 144 लगी दी है।

महाप्रदर्शन की शुरूआत...

  •  शिक्षामित्रों ने जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सत्याग्रह की शुरुआत की। सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 लगा दी गई है। कई जिलों से हजारों की तादाद में शिक्षा मित्र लक्ष्मण मेला स्थान पर पहुंच चुके हैं।
  • लखनऊ में होने वाले सत्याग्रह को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। बताया जा रहा है कि अधिकतर शिक्षा मित्र रविवार देर शाम ही लखनऊ पहुंच गए हैं।
  • प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ल ने बताया कि दो हजार से अधिक शिक्षा मित्र लखनऊ निकल चुके हैं। अधिकतर निजी वाहनों से गये हैं।
  • आजमगढ़ में संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष समिति के संयोजक हरेंद्र सिंह, देवसी प्रसाद यादव ने कहा कि जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह आंदोलन का कल अंतिम दिन था।
  • अभी नहीं तो कभी नहीं नारे के साथ लक्ष्मण मेला पार्क में अनिश्चितकाल के लिए धरना के लिए डटे रहना होगा। जब तक मांग पूरी हो जाती है,तब तक लखनऊ से वापस नहीं होना है।

उत्तर प्रदेश सरकार के कड़े रूख के बावजूद राजधानी लखनऊ में सोमवार को हजारों की तादाद में शिक्षामित्रों ने जोरदार प्रदर्शन कर अपनी बहाली के पक्ष मे आवाज बुलंद की। हाई कोर्ट में समायोजन संबंधी याचिका के निरस्त होने के बाद स्थानीय लक्ष्मण मेला पार्क में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र एकत्र हुए। उधर, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये सरकारी इमारतों समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों में बडी तादाद में सुरक्षा बल तैनात किये गये थे। इसके बावजूद हजरतगंज और विधानसभा के पास शिक्षामित्रों और पुलिस के बीच हल्की फुल्की झड़प हुयी।

शिक्षामित्रों ने जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सत्याग्रह की शुरुआत की थी। सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 लगा दी गई है। कई जिलों से हजारों की तादाद में शिक्षा मित्र लक्ष्मण मेला स्थान पर पहुंचे।

शिक्षामित्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर लखनऊ जिला प्रशासन ने कल रात से धारा 144 लगा दी थी। सभी जिलों को एडवाइजरी जारी कर कहा गया था कि शिक्षामित्रों को लखनऊ जाने से रोका जाये मगर तमाम बंदोबस्त को धता बताते हुये हजारों शिक्षामित्र आज यहां जमा हो गये।

प्रदर्शन में शामिल होने वाले जिलाध्यक्ष योगेश भड़ाना ने कहा कि शिक्षामित्र पिछले 16 सालों से सेवा दे रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण उनके सामने रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचा है। ऐसी दशा में उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है।
शिक्षामित्रों ने ऐलान किया था कि योगी आदित्यनाथ सरकार उनकी समस्यायों का निदान करने में असफल रही है। इसलिये वे आज यहां विशाल प्रदर्शन करेंगे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि शिक्षामित्रों को लक्ष्मण मेला पार्क में रोका गया है और पार्क से बाहर आने की किसी को इजाजत नहीं है। जिले में धारा 144 के उल्लघंन किसी को नहीं करने दिया जायेगा।
लखनऊ से सटे जिलों से आ रहे शक्षिामित्रों को शहर के बाहर ही रोकने की कोशशि की जा रही है। रास्ता रोकने से नाराज शक्षिामित्रों ने कई जगह सड़क जाम कर दिया है। शहर के बाहर से ही लोगों को वापस भेजा रहा है। पुलिस ने बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर से आ रही बसों को लखनऊ-दिल्ली मार्ग पर रोक दिया गया है। उन्नाव में भी पांच बसों को वापस कर दिया गया है। जिसमें सैकड़ों की मात्रा में लोग राजधानी कूच कर रहे थे। शिक्षा मित्रों की भीड़ के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर पुलिस को विशेष चौकसी बरतने के निदेर्श दिए गये हैं।
आजमगढ़ में संयुक्त शिक्षा मित्र संघर्ष समिति के संयोजक हरेंद्र सिंह, देवसी प्रसाद यादव ने कहा कि जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह आंदोलन का कल अंतिम दिन था।
बड़ा सवाल : स्कूलों में पढ़ाने तो पहुंचे  शिक्षामित्र लेकिन वेतन कैसे

अभी नहीं तो कभी नहीं नारे के साथ लक्ष्मण मेला पार्क में अनिश्चितकाल के लिए धरना के लिए डटे रहना होगा। जब तक मांग पूरी हो जाती है,तब तक लखनऊ से वापस नहीं होना है।
आंदोलन: यूपी के शिक्षा मित्रों ने योगी के नाम खून से खत लिखा

 योगी और मोदी को खून से चिट्ठी लिखी 

अमरोहा जिले में शनिवार को शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा आंदोलन के तीसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खून से चिट्ठी लिखी तथा कटोरा लेकर सड़क उतर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर भीख मांगी। इससे पूर्व सुबह के समय शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर गेट पर धरना दिया था। सोमवार से शिक्षामित्र लखनऊ मुख्यालय पर धरना देंगे।

शिक्षाम‌ित्रों के हक में अखिलेश ने किया ट्वीट, निशाने पर सीएम योगी
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अख‌िलेश यादव ने अपने लेटेस्ट ट्वीट में एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तरफ उन्होंने शिक्षामित्रों से हमदर्दी जताई है वहीं दूसरी ओर सीएम योगी पर निशाना साधा है।
अखिलेश ने ट्वीट किया,
लखनऊ में लाखों शिक्षामित्र अपने परिवार के भरण-पोषण और अपने आत्मसम्मान को बचाने के लिए इकट्ठा हुए हैं, Picnic के लिए नहीं!

बता दें क‌ि बीते गोरखपुर में हुए हादसे के बाद जब राहुल गांधी पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे तो सीएम योगी ने कहा था क‌ि गोरखपुर को पिकन‌िक स्पॉट न बनाएं। उन्होंने कहा था, दिल्ली में बैठा कोई युवराज स्वच्छता अभियान का महत्व नहीं जानेगा। गोरखपुर उनके लिए पिकनिक स्पॉट बने, उसकी इजाजत नहीं देनी चाहिए।

अखिलेश ने इशारे में राहुल पर योगी के किए गए कटाक्ष का भी जवाब दे दिया।

बता दें क‌ि आज लखनऊ में प्रदेशभर से करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र जमा हुए हैं। सरकार से समायोजन पर बात न बन पाने पर वे यहां धरना देने आए हैं। पुलिस ने जिलों की सीमा पर कई शिक्षामित्रों को रोक दिया वहीं शिक्षामित्र प्रदर्शन न कर पाएं इसके लिए पूरे शहर में भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात है।


शिक्षामित्र को लखनऊ आने पर रोक...

  • -शिक्षामित्र लखनऊ के झूलेलाल पार्क में सत्याग्रह आंदोलन करने की तैयारी में है। जिसे देखते हुए प्रशासन ने शिक्षामित्रों के राजधानी आने पर रोक लगा रही है।
  • - शहर के बाहर से ही लोगों को वापस भेजा रहा है। पुलिस ने बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर से आ रही बसों को लखनऊ-दिल्ली मार्ग पर रोक दिया गया है।
  • - वहीं उन्नाव में भी 5 बसों को वापस कर दिया गया है। जिसमें सैकड़ों की मात्रा में लोग राजधानी कूच कर रहे थे।
शिक्षामित्रों ने किया हाईवे जाम

  • - बीच रास्ते से बसों को वापस करने से शिक्षामित्र नाराज हो गए। गुस्से में आकर एक घंटे तक इटौंजा टोल टैक्स पर जाम लगा दिया। जिससे यातायात बाधित हो गया। इससे दैनिक यात्रा करने वाले यात्री को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
  • - विधानसभा, सीएम आवास, हजरतगंज में पुलिस की कड़ी व्यवस्था की गई है। शिक्षामित्रों के लखनऊ में एंट्री पर रोक लगाते हुए जगह-जगह पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
  • राजधानी में तैनात क‍िए गए भारी पुल‍िस फोर्स
  • - शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने राजधानी में धारा-144 लागू कर दिया है। वहीं, बड़े पैमाने पर फोर्स तैनात कर दिया गया है।
  • - बताया जाता है क‍ि अध्यादेश संशोधन कर सहायक अध्यापक बनाने की मांग को लेकर यह आंदोलन होगा। प्रकिया पूरी होने तक समान कार्य का समान वेतन की मांग शिक्षामित्र कर रहे हैं।
  • - शिक्षामित्रों के सभी संगठनों का सामूहिक आंदोलन रविवार रात और सोमवार सुबह पहुंचेगा। प्रदेश भर से ट्रेनों और बसों से लखनऊ पहुंच रहे शिक्षामित्रों को रोकने के प्रदेश भर पुलिस को सक्रिय कर दिया गया है।
  • - सोमवार को विधानसभा के सामने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने की सूचना को लेकर सुरक्षा के इंतजाम बड़ा दिए गए हैं।
इन नारों के साथ श‍िक्षाम‍ित्र देंगे धरना
-'अभी नहीं तो कभी नहीं' नारे के साथ श‍िक्षाम‍ित्र लक्ष्मण मेला पार्क में अनिश्चितकाल के लिए धरना देने का एलान क‍िया है। उनका कहना है क‍ि जब तक मांग पूरी हो जाती है तब तक लखनऊ से वापस नहीं होना है।

-वहीं, अमरोहा जिले में शनिवार को शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा आंदोलन के तीसरे दिन सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम खून से चिट्ठी लिखी थी। इसके अलावा कटोरा लेकर सड़क उतरकर पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर भीख मांगे थे। इससे पूर्व सुबह के समय शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर गेट पर धरना दिया था।
-बता दें, समायोजन निरस्त होने के बाद प्रदेश सरकार से मांग पूरी न करने पर तीसरे दिन शिक्षामित्रों का आंदोलन उग्र हो गया था। प्रदर्शन में शामिल होने वाले जिलाध्यक्ष योगेश भड़ाना ने कहा कि शिक्षामित्र पिछले 16 सालों से सेवा दे रहे हैं। अधिक उम्र होने के कारण उनके सामने रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचा है। ऐसी दशा में उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है।
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Monday, July 31, 2017

थम नहीं रहा शिक्षामित्रों का विरोध, बीएसए ऑफिस का किया घेराव, अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन

मथुरा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का धरना-प्रदर्शन सोमवार को छठे दिन भी पूरे प्रदेश में जारी रहा। शिक्षामित्रों ने बीएसए ऑफिस का घेराव किया। वहीं समायोजन रद्द होने से दुखी मथुरा के शिक्षामित्रों ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के प्रति विरोध जताया।

शिक्षामित्रों का कहना है कि मौखिक दबाव से हम नहीं झुकेंगे। लिखित आदेश के बाद धरना प्रदर्शन स्थगित होगा। उपस्थित शिक्षामित्रों एकजुट होकर आगे आने की अपील की। उधर, आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित धरना में वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वह संघर्ष करने को विवश होंगे।

शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनका बतौर शिक्षक समायोजन रद्द किए जाने के बाद सरकार से उनके हित में निर्णय लेने की मांग की। इस पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार समायोजित शिक्षकों के भविष्य को लेकर गंभीर है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय पर सरकार द्वारा विचार विमर्श किया जा रहा है। सरकार समायोजित शिक्षकों का नुकसान नहीं होने देगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिले के समायोजित शिक्षकों की समस्याओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर समस्या के समाधान का प्रयास करेंगी।

तब तक समायोजित शिक्षक धरना-प्रदर्शन को समाप्त करें। केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याणमंत्री ने कहा कि सरकार समायोजित शिक्षकों के साथ खड़ी है, सरकार द्वारा उचित निर्णय लेने तक धैर्य रखें।


 कुछ ही दिन पहले मथुरा में गुस्साए शिक्षामित्रों ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया था
कोर्ट के फैसले से गुस्साए शिक्षामित्रों ने कुछ दिन पहलेट्रेन रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि उसने पहले ही उन्हें रोक लिया। सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्रों ने मथुरा छावनी स्टेशन पर पहुंचकर कासगंज जाने वाली पैसेंजर गाड़ी रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया। बाद में शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंच कर वहां ताला डाल दिया और काफी देर तक सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्रवण कुमार सिंह ने बताया, 'शिक्षामित्रों को शहर में कहीं भी शांति व्यवस्था भंग करने का कोई मौका नहीं दिया गया है।' उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थिति पूरी तरह शांत एवं नियंत्रण में है।

क्या हैं शिक्षामत्रों की मांगें?
शिक्षामित्रों की मांग है कि सरकार इस मामले में न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे या फिर मामले की सुनवाई संविधान पीठ से करवाने का प्रयास करे। उनका कहना है कि आम शिक्षकों के समान ही कार्य करने वाले शिक्षामित्रों के मामले में समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को सरकार स्वीकार करे। 

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Tuesday, July 25, 2017

खुशखबरी: सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं हटेंगे यूपी के 1.72 लाख शिक्षामित्र, रखी एक शर्त

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के शिक्षाम‌ित्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शिक्षामित्रों (SHIKSHAMITRA)  के समायोजन पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा- यूपी में शिक्षामित्र बनने के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) क्लियर करना अनिवार्य होगा। कि समायोजित किए गए 1.72 लाख शिक्षामित्र नहीं हटाए जाएंगे। लेकिन उन्हें दो भतिर्यों के अंदर परीक्षा पास करनी होगी, इसमें उन्हें अनुभव का भी वेटेज मिलेगा। इसके साथ ही टीइटी ((UPTET 72825)  वालों को भी राहत मिली है। उनका अकादमिक रिकॉर्ड देखा जाएगा।  इसके साथ-साथ अदालत ने इस वर्डिक्ट में यह भी कहा है कि उनको टीईटी क्लियर करने के लिए दो मौके मिलेंगे। कोर्ट ने यह भी बताया है की समायोजित किए गए 1.72 लाख शिक्षामित्र नहीं हटाए जाएंगे।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में 1.72 लाख शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित करना है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो भी पक्षकार लिखित रूप से अपना पक्ष रखना चाहता है वह एक हफ्ते के भीतर रख सकते हैं।

शिक्षामित्रों की ओर से सलमान खुर्शीद, अमित सिब्बल, नितेश गुप्ता, जयंत भूषण, आरएस सूरी सहित कई वरिष्ठ वकीलों ने अपनी ओर से दलीलें पेश की थी। शिक्षामित्रों की ओर से पेश अधिकतर वकीलों का कहना था कि शिक्षामित्र वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका भविष्य अधर में है। ऐसे में उन्हें सहायक शिक्षक के तौर पर जारी रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि वह संविधान के अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर शिक्षामित्रों को राहत प्रदान करें।

शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी (BTC) और टीईटी (TET) पास हैं। कई ऐसे हैं जो करीब 10 सालों से काम कर रहे हैं। वहीं शिक्षामित्रों की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह कहना गलत है कि शिक्षामित्रों को नियमित किया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति हुई है। वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए स्कीम के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन ये नियुक्ति गलत ढंग से हुई है।


 केस से जुड़े कुछ पॉइंट्स  

  • आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में 1.72 लाख शिक्षामित्रों को समायोजित किया जाना है। इलाहाबाद ने शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल थी। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा था कि जो भी पक्षकार लिखित रूप से अपना पक्ष रखना चाहता है वह एक हफ्ते के भीतर रख सकते हैं।

  • शिक्षामित्रों की ओर से सलमान खुर्शीद, अमित सिब्बल, नितेश गुप्ता, जयंत भूषण, आरएस सूरी सहित कई वरिष्ठ वकीलों ने अपनी ओर से दलीलें पेश की थी। अधिकतर वकीलों का कहना था कि शिक्षामित्र वर्षों से काम कर रहे हैं, वे अधर में हैं। लिहाजा, मानवीय आधार पर सहायक शिक्षक के तौर पर शिक्षामित्रों के समायोजन को जारी रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि वह संविधान के अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर शिक्षामित्रों को राहत प्रदान करें।

  • वरिष्ठ वकील नितेश गुप्ता ने कहा था कि सहायक शिक्षक बने करीब 22 हजार शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनके पास वांछनीय योग्यता है, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ये शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी और टीईटी पास हैं। ये सभी करीब 10 सालों से काम कर रहे हैं। वहीं शिक्षामित्रों की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह कहना गलत है कि शिक्षामित्रों को नियमित किया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति हुई है। वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए स्कीम के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्ति हुई थी। उनकी नियुक्ति पिछले दरवाजे से नहीं हुई थी। शिक्षामित्र पढ़ाना जानते हैं। उनके पास अनुभव है। वे वर्षों से पढ़ा रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में उनके साथ मानवीय रवैया अपनाया जाना चाहिए। सभी की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।


क्या था केस ?
गौरतलब है कि 12 सितंबर 2015 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सभी शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था। इसमें से 1.30 लाख शिक्षामित्र समायोजित हो चुके हैं और बाकी को समायोजित करने की प्रक्रिया चल रही थी। यूपी सरकार ने इस मसले को केंद्र सरकार के साथ मिलकर सुलझाने की कोशिश भी की, लेकिन केंद्र ने भी राज्य के पाले में गेंद डाल दी थी।


इसके बाद अखिलेश सरकार ने नवंबर में सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की थी। राज्य सरकार का तर्क था कि उत्त्र प्रदेश में शिक्षकों की कमी के चलते ही शिक्षामित्रों को रखा गया था। वहीं शिक्षा का अधिकार कानून के आने के बाद इन्हें राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुमति लेकर प्रशिक्षित भी किया गया।

 Supreme Court on Tuesday said that Teachers Eligibility Test is mandatory for being a 'Shikshamitra' in Uttar Pradesh. The court also granted two opportunities to aspirants to clear the Teachers Eligibility Test.

In this case 1,72,000 contractual teachers in Uttar Pradesh as assistant teachers will be accomodated. Earlier, the Allahabad High Court had canceled the adjustment of contractual teachers, against which the Uttar Pradesh government and the teachers went to Supreme Court.

So far, 1,32,000 contractual teachers are accommodated at the post of assistant teachers.

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Thursday, October 6, 2016

UPTET 2016 ऑनलाइन आवेदन प्रकिया जारी, पढ़े महत्वपूर्ण निर्देश और करें आवेदन....

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2016 में ऑनलाइन आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन बुधवार दोपहर बाद से शुरू होंगे। अभ्यर्थी 24 अक्टूबर को शाम छह बजे तक रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर शाम छह बजे तक होगी। टीईटी शेड्यूल के अनुसार अभ्यर्थी 3 से 7 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन पत्र में की गई त्रुटियों में संशोधन कर सकेंगे।

आवेदन करने के लिए नीचे दी गई लिंक में क्लिक करें...

यूपीटीईटी आयोजित कराने के लिए जनपद स्तर पर परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जनपद स्तरीय समिति करेगी। इसके लिए आठ नवंबर तक का समय तय किया गया है। समिति 11 नवंबर तक केंद्र निर्धारित करके छात्र आवंटन सहित इसकी सूची सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को भेजेगी। यूपीटीईटी में शामिल अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर 1 दिसंबर तक अपलोड कर दिए जाएंगे। इसके बाद अभ्यर्थी वेबसाइट से इसे निकाल सकेंगे।

वहीं एनआईसी लखनऊ द्वारा उपस्थिति पत्रक प्राप्त करने की तिथि 8 दिसंबर तय की गई है। 13 दिसंबर तक अभ्यर्थियों के स्कैन किए हुए फोटोयुक्त उपस्थिति पत्रक केंद्र व्यवस्थापक को प्राप्त कराना होगा। 16 दिसंबर तक प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट डबल लॉक में रखने के लिए जनपद मुख्यालय को भेज दी जाएगी।

आगामी 19 दिसंबर को यूपीटीईटी परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा। पहली पाली में सुबह 10 से 12.30 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। जकि दोपहर की पाली में 2.30 बजे से 5 बजे तक प्राइमरी स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा के बाद 27 दिसंबर को उत्तर माला वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। इस पर 30 दिसंबर तक आपत्ति दी जा सकेगी।


अंग्रेजी में जानें.....

the Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test (UPTET) is going to be held on December 19, as we had reported. The candidates had been waiting for the official notification of UP TET 2016 which was released on Tuesday. As per the dates mentioned in the notice, the online application process would commence on October 5 and would continue up to October 24. TET exam is conducted in the state as per the NCTE guidelines to determine the eligibility of a person to be appointed as a teacher.

UPTET application form can be submitted now as the link to submit form is active now on upbasiceduboard.gov.in (official website).

The Basic Education Board, Uttar Pradesh would look after the TET exam, while the state exam regulatory authority has released the final schedule of the test. It was speculated that the state government would give its nod for holding the teacher eligibility test before the assembly elections next year and accordingly the decision was taken. UP TET would be organised in December for which as much as 9-10 lakh aspirants are expected to apply.

UPTET 2016 Application Process

UP TET application form would be available on the official web portal upbasiceduboard.gov.in from October 5. The candidates would be able to register for the test by October 24 (by 6 pm) while the fee can be deposited till October 26. The instructions for filling the online application form would also be available on the official site so the candidates are advised to read the instructions carefully before filling the UPTET online application form.

The Board would also allow the applicants to rectify the mistakes done in the application form, the facility would be available from October 3 to 7.

UP TET would consist of two papers : Paper 1 for classes I to V and Paper 2 for classes VI to VIII. The test is scheduled to be held in two shifts on December 19. UP TET paper 2 would be conducted in the first shift from 10am to 12.30 pm, while Paper 1 would be conducted in the second shift from 2.30 pm to 5 pm.

To keep up with the other major tests conducted across the country and also to maintain transparency in the examination process, UP Basic Education Board would release the answer keys of the TET exam on December 27 and would invite objections from the candidates. The objections against the released UPTET answer keys would be submitted till December 30. The Board would look after the objections and prepare the final answer keys. The result of the TET exam would be based on the final answer keys and would be announced on February 28, 2017.
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