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Sunday, August 5, 2018

भाजपा की चुनावी सेना तैयार, पुनः मीडिया प्रभारी बनाये गए नवीन श्रीवास्तव


लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने नवीन श्रीवास्तव को दोबारा प्रदेश मीडिया सम्पर्क विभाग में सहसहयोजक बनाये गये। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने नवीन श्रीवास्तव को मीडिया सम्पर्क विभाग में सहसहयोजक पद पर मनोनीत किया है। नवीन श्रीवास्तव के सहसहयोजक पद पर चुने जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं, शुभचिंतको और मित्रों में खुशी की लहर दौड़ गयी। नवीन श्रीवास्तव ने विगत कई वर्षो से प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया में भाजपा का पक्ष बड़े दमदारी से रखा है ।

 मेरठ में 11 अगस्त से होने जा रही दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले ही भाजपा ने चुनावी युद्ध के लिए अपनी सेना तैयार कर ली है। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रकोष्ठों, मोर्चों विभागों और प्रकल्पों के प्रदेश प्रभारियों, संयोजकों और सहसंयोजकों के नामों की घोषणा की है। इनमें से कुछ का गठन तो करीब ढाई साल बाद हुआ है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मंशा भी यही थी कि कार्यसमिति के पहले ही मोर्चा और प्रकोष्ठों का गठन पूरा कर लिया जाए।

सुशासन केंद्र-राज्य शासकीय कार्यक्रम समन्वय-संयोजक-चंद्रभूषण पांडेय, सहसंयोजक-कर्नल कमलेश्वर नाथ त्रिपाठी, चंद्रभान राय और वीरेंद्र तिवारी।
नीति विषयक शोध-संयोजक पुष्कर मिश्रा, सहसंयोजक- अंतरयामी सिंह, आलोक पांडेय।
मीडिया संपर्क-संयोजक तरुण कांत त्रिपाठी, सहसंयोजक-नवीन श्रीवास्तव, राकेश त्रिपाठी, सुधाकर सिंह कुशवाहा, अभय सिंह।
प्रशिक्षण-संयोजक-अरुण वशिष्ठ, सहसंयोजक शिवभूषण सिंह, दयाशंकर यादव, रविंद्र राजौरा।
राजनीतिक प्रतिपुष्टि- संयोजक-राजेश्वर सिंह, सहसंयोजक-स्वतंत्र प्रकाश गुप्त, राजेश राय, चंचल त्रिपाठी।
राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं बैठक- संयोजक नागेंद्र गामा दूबे, सहसंयोजक मान सिंह, राकेश श्रीवास्तव, साकेत सिंह।
डाक्यूमेंटशन एवं गंथालय-संयोजक केशो मेहरा, सह संयोजक-रामसेवक सोनकर।
सहयोग आपदा राहत एवं सेवाएं- संयोजक-मणिकांत जैन, सहसंयोजक-कुमार अशोक पांडेय, आनंद पांडेय।

  1. अध्यक्षीय कार्यालय प्रवास एवं कार्यक्रम-संयोजक-देवेश कुमार, सहसंयोजक मनोज कुमार तिवारी।

ट्रस्ट समन्वय - संयोजक -डा.वीरेंद्र सिंह, सहसंयोजक अजीत जैन, अरविंद सिंघल, राजेंद्र तिवारी।
चुनाव प्रबंधन-संयोजक-अरुण कांत त्रिपाठी, विजय प्रताप सिंह, अशोक द्विवेदी।
चुनाव आयोग संपर्क- संयोजक-अखिलेश अवस्थी, सहसंयोजक नितिन माथुर, प्रखर मिश्रा।
कानूनी एवं और विधिक विषय-संयोजक शिवशंकर वर्मा, सहसंयोजक राजेश्वर त्रिपाठी, राजीव मिश्रा, विक्रम पटेल।
पार्टी पत्रिकाएं और प्रकाशन- संयोजक-अरुण कांत त्रिपाठी, सह संयोजक-रामरक्षा द्विवेदी, राजकुमार, उत्तम ओझा,
आइटी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रबंधन-संयोजक-संजय राय, सह संयोजक कामेश्वर ,अमित मिश्रा, अंकित सिंह चंदेल, सौरभ मारोदिया, विनीत मालवीय।
विदेश संपर्क-संयोजक डा.रजनीश सरीन, सह संयोजक राज राजेश्वर सिंह।
आजीवन सहयोग निधि-संयोजक संजीव अग्रवाल, सह संयोजक प्रेम कपूर, अशोक गोयल, प्रदीप भार्गव।
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Friday, October 13, 2017

यूपी निकाय चुनावः महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण घोषित, देखे पूरी लिस्ट


उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची घोषित कर दी गयी है। पूरी लिस्ट जनइंडिया न्यूज  http://www.janindianews.com पर आप देख सकते हैं। 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची गुरुवार की देर रात जारी कर दिया। सरकार की ओर से जारी की गई सूची में राजधानी लखनऊ की महापौर सीट सामान्य महिला घोषित हुई है। वहीं बाकी जिलों का ब्योरा निम्न है-


  • -मथुरा जिले के नगर निगम मथुरा वृंदावन को अनुसूचित जाति श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -मेरठ जिले के नगर निगम मेरठ को अनुसूचित जाति महिला श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -फिरोजबाद जिले के नगर निगम फिरोजबाद को पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -वाराणसी जिले के नगर निगम वाराणसी को पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -सहारनपुर जिले के नगर निगम सहारनपुर को पिछड़ा श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -गोरखपुर जिले के नगर निगम गोरखपुर को पिछड़ा श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -लखनऊ जिले के नगर निगम लखनऊ को महिला श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -कानपुर जिले के नगर निगम कानपुर को महिला श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -गाजियाबाद जिले के नगर निगम गाजियाबाद को महिला श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है।
2017 के निकाय चुनाव में सीटों की संख्या (सूची अनुसार)
नगर निगम सीट-16
नगर पालिका सीट-199
नगर पंचायत सीट-438

यूपी में पिछला निकाय चुनाव मेयर की 12 सीटों पर कराया था।
जबकि इस बार मेयर की 16 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। 
मेयर की सीटों में मथुरा व मेरठ की सीट एससी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें मेरठ की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है। फिरोजाबाद, वाराणसी, सहारनपुर व गोरखपुर की मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें फिरोजाबाद व वाराणसी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रखी गई है।


16 मेयर व 637 अध्यक्षों की सीटों पर आरक्षण
इसके साथ ही आगरा जिले के नगर निगम आगरा, इलाहाबाद जिले के नगर निगम इलाहाबाद, बरेली जिले के नगर निगम बरेली, मुरादाबाद जिले के नगर निगम मुरादाबाद, अलीगढ़ जिले के नगर निगम अलीगढ़, झांसी जिले के नगर निगम झांसी और फैजाबाद जिले के नगर निगम फैजाबाद को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। सरकार की ओर से जारी किए गए शासनादेश में कहा गया है कि यदि इस पर किसी को कोई आपत्ति हो तो वो 20 अक्टूबर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।

प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने 16 नगर निगम में मेयर, 199 पालिका परिषद व 438 नगर पंचायतों में अध्यक्ष की सीटों के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। स्थानीय निकाय निदेशालय में 20 अक्तूबर तक इस पर आपत्तियां ली जाएंगी। नगर विकास विभाग इसके बाद सीटों के आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी करेगा। इसके आधार पर निकाय चुनाव होगा।

पालिका परिषद की 199 अध्यक्षों की सीटों में नौ सीटें एससी महिला, 16 एससी, 18 ओबीसी महिला, 35 ओबीसी, 40 अनारक्षित महिला तथा 81 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। इसी तरह 438 नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटों में 19 एससी महिला, 36 एससी, 1 एसटी महिला, 40 ओबीसी महिला, 70 ओबीसी तथा 86 अनारक्षित महिला व 178 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।

यूपी में पिछला निकाय चुनाव मेयर की 12 सीटों पर कराया था। इस बार मेयर की 16 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। मेयर की सीटों में मथुरा व मेरठ की सीट एससी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें मेरठ की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है। फिरोजाबाद, वाराणसी, सहारनपुर व गोरखपुर की मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें फिरोजाबाद व वाराणसी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रखी गई है।

लखनऊ, कानपुर नगर व गाजियाबाद मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। इसके अलावा आगरा, इलाहाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी व फैजाबाद की मेयर की सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। इस बार सहारनपुर, फिरोजाबाद, मथुरा व फैजाबाद नगर निगम में मेयर की सीटों के लिए पहली बार चुनाव हो रहा है। अमेठी गौरीगंज पालिका परिषद सीट एससी महिला के लिए आरक्षित, इसी क्रम में...

  • सीतापुर मिश्रिख एससी महिला
  • सीतापुर खैराबाद ओबीसी
  • सीतापुर लहरपुर ओबीसी
  • सीतापुर महमूदाबाद ओसी
  • सीतापुर शहर अनारक्षित
  • सीतापुर बिस्वा अनारक्षित
  • श्रावस्ती भिनगा अनारक्षित
  • बाराबंकी नवाबगंज महिला
  • गोंडा शहर महिला
  • बलरामपुर शहर महिला
  • बलरामपुर उतरौला अनारक्षित
  • अंबेडकर नगर अकबपुर महिला
  • अंबेडकर नगर जलालपुर ओबीसी महिला
  • गोंडा करनैलगंज ओबीसी पिछड़ा
  • गोंडा नवाबगंज अनारक्षित
  • गोंडा शहर महिला
  • सुल्तानपुर शहर महिला
  • हरदोई मल्लांवां ओबीसी
  • हरदोई सांडी ओबीसी
  • हरदोई संडीला ओबसी
  • हरदोई शहर अनारक्षित
  • हरदोई शाहबाद महिला
  • हरदोई पिहानी अनारक्षित
  • हरदोई बिल्ग्राम अनारक्षित
  • अंबेडकर नगर टांडा ओबीसी महिला
  • फैजाबाद रुदौली ओबीसी
  • बहराइच नानपारा ओबसी
  • बहराइच शहर महिला
  • रायबरेली शहर महिला
  • उन्नाव शहर महिला
  • उन्नाव गंगाघाट महिला
  • उन्नाव बांगरमऊ अनारक्षित
विस्तृत में देखें पूरी लिस्ट....
#UP_body_elections
नगर निगम निकाय #NAGAR_NIGAM 

नगर पालिका निकाय #NAGAR_PALIKA 





नगर पंचायत निकाय #NAGAR_PANCHAYAT 












up-body-elections-2017-list-of-reservation-for-mayor-and-chairman-seats-published-see-complete-list
up-government-issues-nagar-nikay-chunav-reservation-list-in-hindi-www.JanIndiaNews.com

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Monday, August 7, 2017

राखी पर ग्रहण : भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन आज, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त


जन इंडिया परिवार की ओर से रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
लखनऊ। देशभर में सोमवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। हर साल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्राकाल के साथ ही चंद्रग्रहण का साया भी है. 12 साल बाद इस पर्व के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है. राखी के त्योहार के दिन ग्रहण लगेगा तो कई लोगों के मन में कई सवाल हैं कि राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? रक्षा बंधन पर इस बार ग्रहण का साया है तो यहां जानिए सारी जानकारी जो आप जानेंगे तो शुभ और सही मुहूर्त में राखी बांध सकते हैं।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
 रक्षाबंधन पर सुबह 11:04 मिनट से दोपहर 1:52 तक राखी बांधना शुभ रहेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद कुमार मिश्र ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मुहूर्त पर राखी बांधना लाभकारी होगा। इसके बाद चंद्रग्रहण का सूतक शुरू हो जाएगा। यह चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले लगेगा। रात 10:52 मिनट से चंद्रग्रहण लगेगा जोकि अगले दिन रात 12:49 मिनट तक रहेगा।

मंत्र
येन बद्धो बलि: राजा दानवेंद्रो महाबल:।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।

अर्थ
जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधता हूं। हे रक्षे (राखी), तुम अडिग रहना। अपने रक्षा के संकल्प से कभी भी विचलित मत होना।

रक्षाबंधन का शाब्दिक अर्थ है रक्षा का बंधन. 
भाई अपनी बहन को हर मुश्किल से रक्षा करने वचन देता है. बहनें अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं. यह त्योहार हिंदू चंद्र कैलेंडर के सावन माह में पूर्ण चंद्र के दिन होता है, जिसे पूर्णिमा कहा जाता है. इसे पूरे देश में मनाया जाता है. भारत के अलावा राखी मॉरीशस और नेपाल में भी मनाई जाती है।

क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य ...
ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद कुमार मिश्र -रक्षाबंधन वाले दिन सुबह 11:04 बजे तक भद्रा भी उपस्थित रहेगी और शास्त्रोक्त दृष्टि से भद्रा काल को शुभ मंगल कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना गया है। इसलिए सुबह 11 बजकर 4 मिनट पर भद्रा समाप्त होने पर ही राखी बांधना शुभ होगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा और ग्रहण के सूतक काल को देखते हुए राखी बांधने के लिए सुबह 11 बजकर 4 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 52 मिनट तक का समय ही विशेष शुभ और मंगल दायक होगा।

इस कारण नहीं है अशुभ भाद्रा
रक्षाबंधन के दिन चन्द्रमा मकर राशि में है और जब चन्द्रमा कन्या, तुला, धनु या मकर राशि में होता है, तो भद्रा पाताल लोक में होती है और पाताल लोक की भद्रा का पृथ्वी पर कोई असर नहीं होता। जिसके कारण आप सुबह भी अपने भाई को राखी बांध सकती है।

क्या है चंद्रग्रहण ?
हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। कहा जाता है कि ग्रहण काल के दौरान भगवान की आराधना नहीं करनी चाहिए। वहीं इस दौरान कोई शुभ काम नहीं किया जाता। ऐसा माना जाता है कि चंद्रग्रहण कुंवारों के लिए अच्छा नहीं होता है क्योंकि सुंदरता का प्रतीक चंद्रमा तो श्रापित है और जो भी कुंवारा लड़का या लड़की उसे देखता है तो उसकी शादी या तो रूक जाती है या बहुत मुश्किलों से तय होती है। कहा जाता है कि इस दौरान किए गए काम से इंसान का नुकसान और अहित ही होता है इसलिए चंद्रग्रहण से पहले और ग्रहण तक हर अच्छे काम नहीं करने चाहिए।

कहा पड़ेगा चंद्रग्रहण ?

रक्षाबंधन के दिन लगने वाले चंद्रग्रहण का समय 5 घंटे एक मिनट तक होगा लेकिन कुछ जगहों पर ये समय 1 घंटे 55 मिनट तक रहेगा. भारत के अलावा ये चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, साउथ-ईस्ट अमेरिका, अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, यूरोप और अंटार्कटिका के ज्यादातर हिस्सों में देखा जाएगा. ग्रहण में चंद्रमा का मात्र एक छोटा अंश ही पृथ्वी की छाया के दायरे में आएगा. यह आंशिक ग्रहण भारत के सभी स्थानों से दिखाई देगा.

सूतक में भी बांध सकते है राखी
ग्रहण के दौरान सूतक के समय का खास ध्यान रखना चाहिए। चन्द्रग्रहण में तीन पहर पहले सूतक लगता है और एक पहर तीन घंटे का होता है, यानी इस ग्रहण का सूतक 7 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 52  मिनट पर शुरू होगा। शास्त्रों में माना जाता है कि सूतक के दौरान कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है कि 1 बजकर 52 मिनट के बाद राखी नहीं बांध सकती है। ऐसा नहीं है आप इस समय भी राखी बांध सकते है। इस बात को शास्त्र में भी कहा गया है।

"एक जरा सा धागा दिलों को जोड़ देता है और इस धागे को रक्षासूत्र कहते हैं. जानिए कौन सी राशिवाले किस रंग का रक्षासूत्र बांधें?

मेष राशि वाले लाल रंग का धागा इस्तेमाल करें

वृषभ राशि वाले सफेद रंग के सूती धागे का इस्तेमाल करें

मिथुन राशि वाले सफेद और हरे रंग का धागा मिलाकर बांधें

कर्क राशि वाले सफेद धागा और लाल धागा मिलाकर बांधें

सिंह राशि वाले सफेद धागा इस्तेमाल करेंकन्या राशि वाले हरे रंग का धागा बांधें

तुला राशि वाले सफेद और नीले रंग के धागे को मिलाकर पहनें

वृश्चिक राशि वाले लोग लाल और नीले रंग के धागे को मिलाकर बांधें

धनु राशि वाले लोग सफेद और पीले रंग का धागा मिलाकर बांधें

मकर राशि वाले पीला और नीला धागा मिलाकर बांधें

कुंभ राशि वाले लोग नीला या काला रंग का धागा बंधवाएं

मीन राशि वाले लोग पीला और लाल रंग का धागा मिलाकर पहनें

विस्तृत में...

    🌷करने योग्य🌷
🌷1. ग्रहण के समय भगवान का चिंतन, जप, ध्यान करने पर उसका लाख गुना फल मिलता है , ग्रहण के समय हज़ार काम छोड़ कर मौन और जप करिए l
🌷2. ग्रहण लगने के पहले खान - पान ऐसा करिए कि आपको बाथरूम में ना जाना पड़े l

    🌷न करने योग्य🌷
🌷❌ 1. ग्रहण के समय सोने से रोग बड़ते हैं l
🌷3. ग्रहण के समय मूत्र त्याग नहीं करना चाहिए, दरिद्रता आती है l
🌷4. ग्रहण के समय धोखाधड़ी और ठगाई करने से सर्पयोनी मिलती है l
🌷5. ग्रहण के समय शौच नहीं जाना चाहिए, वर्ना पेट में कृमि होने लगते हैं l
🌷6. ग्रहण के समय जीव-जंतु या किसी की हत्या हो जाय तो नारकीय योनि में जाना पड़ता है l
🌷7. ग्रहण के समय भोजन व मालिश करने वाले को कुष्ट रोग हो जाता है l
🌷8. ग्रहण के समय पत्ते, तिनके, लकड़ी, फूल आदि नहीं तोड़ने चाहिए l
🌷9. स्कन्द पुराण के अनुसार ग्रहण के समय दूसरे का अन्न खाने से १२ साल का किया हुआ जप, तप, दान स्वाहा हो जाता है l
🌷10. ग्रहण के समय अपने घर की चीज़ों में कुश, तुलसी के पत्ते अथवा तिल डाल देने चाहिए l
🌷11. ग्रहण के समय रुद्राक्ष की माला धारण करने से पाप नाश हो जाते हैं l

🌷12. ग्रहण के समय दीक्षा अथवा दीक्षा लिए हुए मंत्र का जप करने से सिद्धि हो जाती है ।

    🌷मनुस्मृति🌷
🌷भाई और बहन के लिए रक्षाबंधन (07 अगस्त 2017 सोमवार) एक महापर्व की तरह है। रक्षाबंधन भाई और बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भाई अपनी बहन को प्यार के साथ-साथ कई तरह के उपहार भी देता है। मनु स्मृति में तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया गया हैं, जो घर की महिलाओं को देने से घर में शांति और उन्नति बनी रहती है।

 🌷श्लोक-
यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमन्ते तत्र देवता।

🌷 मनुस्मृति बहन को जरूर दें ये 3 चीजें, हर काम में मिलेगी सफलता, होंगे लाभ

🌷 वस्त्र
वस्त्र यानी कपड़े। सजना-सवरना, श्रृंगार करना ये सब महिलाओं को सबसे प्रिय होता है। मनुस्मृति के अनुसार, जिस घर के पुरुष अपनी पत्नी, माता या बहन को अच्छे वस्त्र प्रदान करते हैं, उस घर पर भगवान हमेशा प्रसन्न रहते हैं। ऐसे घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है और सभी कामों में सफलता मिलती है। स्त्री को घर की लक्ष्मी माना जाता है, अगर महिलाएं गंदे या मैले कपड़े पहन कर रहती हैं या घर के पुरुष अपनी पत्नी, मां या बहन को समय-समय पर अच्छे वस्त्र नहीं प्रदान करते तो ऐसे घर पर लक्ष्मी रूठ जाती है।

🌷आभूषण
आभूषण यानी गहने। गहने महिलाओं की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक है। जिस घर की महिलाएं प्रसन्न रहती हैं, वहां देवताओं का निवास माना जाता है। हर मनुष्य को अपने घर की महिलाओं को सुंदर गहने उपहार में देना चाहिए। जिस घर की महिलाएं अच्छे कपड़े और गहनों से श्रृंगार करती है, वहां कभी दरिद्रता नहीं रहती। ऐसे घर में हमेशा खुशहाली और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

🌷 मधुर वचन
 महिलाओं को पूजनीय माना जाता है। कई ग्रंथों और पुराणों में महिलाओं का सम्मान करने की बात कही गई है। मनुस्मृति के अनुसार, जिस घर में महिलाओं से बुरी तरह से बात की जाती है या उनका सम्मान नहीं किया जाता, ऐसे घर में भगवान भी नहीं रहते। स्त्रियों का सम्मान न करने वाले मनुष्य को हर समय किसी न किसी परेशानी का सामान करना ही पड़ता है। इसलिए मनुष्य को हमेशा महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और अपने घर की स्त्रियों के साथ हर समय प्रेम और आदर से ही व्यवहार करना चाहिए।

🌷रक्षा-सूत्र बाँधने का उत्तम समय🌷
🌷 07 अगस्त को सुबह 11:04 से दोपहर 01:52 तक रक्षा-सूत्र बाँधने के लिए उत्तम समय है, इस समय तक राखी न बाँध पायें तो सूर्यास्त तक अवश्य बाँध ले परंतु चन्द्रग्रहण का सूतक लग जाने के कारण मिठाई आदि कुछ भी खाना-खिलना निषिद्ध है ।
🌷 शास्त्र कहते हैं ग्रहण में भी रक्षाबंधन मनाई जाती है। ग्रहणसूतक का राखी पर कोई प्रभाव नहीं। केवल भद्रा का त्याग कर देना।
🌷 अथ रक्षाबन्धनमस्यामेव पूर्णिमायां भद्रारहितायां त्रिमुहूत्र्ताधिकोदय व्यापिनी अपराह्ने प्रदोषे वा कार्यम्।। इदं ग्रहणसंक्रांति दिनेपि कर्तव्यं । धर्मसिन्धु
🌷 इदं रक्षाबन्धनं नियतकालत्वाद्भद्रावर्ज्यग्रहणदिनेऽपि कार्यं होलिकावत्। ग्रहसङ्क्रान्त्यादौ रक्षानिषेधाभावात्। सर्वेषामेव वर्णानां सूतकं राहुदर्शने। इति तत्कालीनकर्मपर एव न त्वन्यत्र। अन्यथा होलिकायां का गति: अत एव--नित्ये नैमित्तिके जप्ये होमे यज्ञक्रियादिषु।
उपाकर्माणि चोत्सर्गे ग्रहवेधो न विद्यते।
इति।। नियतकालीने तदभाव इति दिक्।
उपाकर्माणि तद्दिनभिन्नपरं तत्र तन्निषेधादियुक्तं प्राक्।।
निर्णयसिन्धु
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Tuesday, July 11, 2017

UP Budget 2017: योगी सरकार का पहला बजट पेश, जानें नौकरी, कर्जमाफी, शिक्षा के लिए नई घोषणाएं...


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले बजट को विधानसभा में पेश किया. 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि अगले पांच साल में प्रदेश की विकास दर 10 प्रतिशत हो.

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में गरीबी को समाप्त करना सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है. उन्होंने कहा, 'इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया है.  किसान समृद्धि योजना के लिए 10 करोड़ आवंटित किये गए हैं.

साथ ही किसानों की कर्ज माफी के लिए बजट में 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा किसान उत्पादों पर कर की दर शून्य रखी गई है. गांव को पक्के मार्गों से जोड़ने और छोटे पुलों के निर्माण लिए 451 करोड़ दिए हैं.

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिये आज विधानसभा में वार्षिक बजट पेश किया. वर्ष 2017-18 के लिए 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट पेश किया गया है. आप भी जानिए बजट से सभी मुख्य बिंदु...


1- प्रदेश की बंद सहकारी चीनी मिल मुंडेरवा के स्थान पर 5 हजार (टीसीडी) क्षमता की नई चीनी मिल, जिसे 7 हजार 500 टीसीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा.

2- जिसे 5 हजार टीसीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा और को-जनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए 273 करोड़ 75 लाख रुपये की व्यवस्था.

3- प्रदेश की बंद सहकारी चीनी मिल पिपराईच के स्थान पर 3 हजार 500 ‘टन ऑफ केन पर डे’ (टीसीडी) क्षमता की नई चीनी मिल.

4- अनुसंधान के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

5- गन्ना किसानों की उपज को बाजार तक आसानी से पहुंचाने के लिए सम्पर्क मार्गों के निर्माण के लिए 200 करोड़, मेंटीनेंस के लिए 250 करोड़ रुपये.

6- वैकल्पिक ऊर्जा प्रबन्धन के अंतर्गत सोलर फोटोवोल्टेइक इरीगेशन पंप की स्थापना योजना के लिए 125 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

7- अतिदोहित, क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल विकास खंडों में सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर’ के लिए 10 करोड़ 41 लाख रुपये की व्यवस्था.

8- फसलों की उपज बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट की उपलब्धता बढ़ाये जाने की योजना के लिए 19 करोड़ 56 लाख रुपये की व्यवस्था.

9- आजीविका उपलब्ध कराने के लिए ‘पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

10- ग्रामीण क्षेत्रों में बीहड़, बंजर और जल भराव वाले क्षेत्रों को सुधारने व कृषि मजदूरों को आवंटित भूमि का उपचार.

11- लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण अदायगी के लिए 36,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

12- अगले 5 वर्षों में 10 प्रतिशत विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य.

13- बजट में 55 हजार 781 करोड़ 96 लाख रुपये (55,781.96 करोड़ रुपये) की नई योजनाएं सम्मिलित.

14- प्रदेश के स्वयं के कर राजस्व में वर्ष 2016-17 की अपेक्षा लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी सम्मिलित.

15- बजट का आकार 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ 71 लाख रुपये (384659.71 करोड़ रुपये) है, जो वर्ष 2016-17 के बजट के सापेक्ष 10.9 प्रतिशत अधिक.

16- प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित

17- पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ का बजट.

18- उत्तर प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम के लिए 50 करोड़ का बजट.

19- उत्तर प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम के लिए 50 करोड़ का बजट.

20- रमाला सहकारी चीनी मिल के लिए 84 करोड़ का बजट.

21- चीनी मिल सठियांव के लिए 33 करोड़ 35 लाख का बजट.

22- सड़कों के चौड़ीकरण के लिए 598 करोड़ का बजट.

23- बजट 2017-18 में लखनऊ-मेट्रो रेल परिजयोजनाओं के लिए 288 करोड़ का बजट.

24- यूपी में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए 791 करोड़ 83 लाख का बजट है.

25- यूपी में 1.50 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की योजना है.

यह बिंदु भी हैं महत्वपूर्ण

– बजट 2017-18 में मलिन बस्ती विकास योजना के लिए 385 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.

– को-जनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए 270 करोड़ रुपये की व्यवस्था

– कब्रिस्तान की चाहरदीवारी बनाने पर इस बार कोई बजट नहीं

– 75 बिजली थाने बनेंगे



विस्तृत में....
किसानों और गाँवों के लिए
  • लघु एवं सीमान्त किसानों के फसली ऋण अदायगी के लिए 36,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बीहड़, बंजर और जलभराव वाले क्षेत्रों को सुधारने तथा कृषि मजदूरों को आवंटित भूमि का उपचार एवं आजीविका उपलब्ध कराने के लिए ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • फसलों की उपज बढ़ाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट की उपलब्धता बढ़ाए जाने की योजना के लिए 19 करोड़ 56 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • अतिदोहित, क्रिटिकल व सेमी क्रिटिकल विकास खण्डों में सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर के लिए 10 करोड़ 41 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • वैकल्पिक ऊर्जा प्रबन्धन के अन्तर्गत सोलर फोटोवोल्टेइक इरीगेशन पम्प की स्थापना योजना के लिए 125 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • गन्ना किसानों की उपज को बाजार तक आसानी से पहुंचाने के लिए सम्पर्क मार्गों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए तथा अनुरक्षण के लिए 250 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा एवं इलाहाबाद में फसलों पर अनुसंधान के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश की बंद सहकारी चीनी मिल पिपराइच के स्थान पर तीन हजार 500 ‘टन ऑफ केन पर डे’ (टीसीडी) क्षमता की नई चीनी मिल, जिसे पांच हजार टीसीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा एवं को-जनरेशन प्लाण्ट की स्थापना के लिए 273 करोड़ 75 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश की बंद सहकारी चीनी मिल मुंडेरवा के स्थान पर पांच हजार (टीसीडी) क्षमता की नई चीनी मिल, जिसे सात हजार 500 टीसीडी तक विस्तारित किया जा सकेगा एवं को-जनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए 270 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • निर्माणाधीन सहकारी चीनी मिल सठियांव को इस वर्ष पूर्ण किए जाने के लिए 33 करोड़ 33 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • सहकारी चीनी मिल रमाला की पेराई क्षमता दो हजार 750 (टीसीडी) को बढ़ाकर पांच हजार टीसीडी किए जाने के लिए 84 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था।
  • लघु एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए संकर शाकभाजी उत्पादन एवं प्रबंधन के लिए 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • भारत सरकार के सहयोग से 20 जनपदों में 20 नए कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना प्रस्तावित है।

अवस्थापना विकास

  • प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 288 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था।
  • मार्गों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए 598 करोड़ 65 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • गाँवों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने तथा लघु सेतुओं के लिए 451 करोड़ 58 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • जिला मुख्यालयों को चार लेन मार्गों से जोड़ने के लिए 71 करोड़ 21 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • सड़कों के अनुरक्षण एवं गड्ढामुक्त किए जाने के लिए तीन हजार 972 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘उत्तर प्रदेश राज्य सड़क विकास निगम’ की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • पूर्वांचल की विशेष योजना के लिए 300 करोड़ रुपए तथा बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपए की नई योजनाएं प्रस्तावित हैं।
  • ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना’ के लिए 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित व मलिन बस्ती विकास योजना’ के लिए 385 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत सबके लिए आवास (शहरी मिशन) के लिए 3000 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं।
  • दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के लिए 218 करोड़ 75 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • पढ़ेंं कैम्प लगाकर गरीबों को दिलाएं मुफ्त बिजली कनेक्शन : योगी
  • ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना’ के लिए 30 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था।
  • चिन्हित स्थलों पर हवाई पट्टियों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण तथा भूमि अर्जन के लिए 400 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना’ के अन्तर्गत कांजी हाउस या पशु शेल्टर होम्स की स्थापना के लिए 40 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘केन्द्रीय मार्ग निधि योजना’ के अन्तर्गत मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए आठ हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • नेपाल की सीमा से जुड़े प्रदेश के सात जनपदों में निर्मित किए जाने वाले मार्गों के लिए 251 करोड़ 67 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • विश्वबैंक की सहायता से प्रस्तावित ‘उत्तर प्रदेश कोर नेटवर्क परियोजना’ के अन्तर्गत मार्ग निर्माण कार्यों के लिए 253 करोड़ रुपए तथा एशियन डेवलेपमेण्ट बैंक की सहायता से मार्ग निर्माण के लिए 202 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश के विभिन्न श्रेणी के मार्गों पर सेतुओं, रेल उपरिगामी तथा अधोगामी सेतुओं के निर्माण के लिए 185 करोड़ 69 लाख रुपए की व्यवस्था।
उद्योग एवं रोजगार
  • ‘औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017’ के क्रियान्वयन के लिए 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए विशेष निवेश बोर्ड की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • सिंगल विण्डो क्लियरेंस की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • लखनऊ में इन्क्यूबेटर्स की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

छात्र-छात्राओं के लिए
  • बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के निःशुल्क स्कूल बैग आवंटन के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजा तथा एक स्वेटर उपलब्ध कराए जाने के लिए 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनीफॉर्म एवं किताबें उपलब्ध कराए जाने के लिए 123 करोड़ 96 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • सभी लड़कियों को ‘अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना’ के तहत ग्रेजुएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा के लिए 21 करोड़ 12 लाख रुपए की व्यवस्था।

दुर्बल वर्ग के लिए
  • ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ के अन्तर्गत 692 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘आम आदमी बीमा योजना’ के लिए 85 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • एससी, एसटी, ओबीसी तथा अल्पसंख्यक समुदाय के निर्धन अभिभावकों की बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए 250 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

हमारी सांस्कृतिक विरासत
  • ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या, वाराणसी एवं मथुरा में रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट एवं कृष्ण सर्किट की योजनाओं के लिए 1240 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘प्रसाद योजना’ के तहत अयोध्या, वाराणसी एवं मथुरा शहरों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • वाराणसी में सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए 25 करोड़ रुपए।
  • गोरखपुर स्थित रामगढ़ ताल में वॉटर स्पोर्ट्स के विकास के लिए 25 करोड़ रुपए।
  • विन्ध्याचल के पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़ रुपए। मथुरा में नगला-चन्द्रभान के ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपए तथा रामायण कॉन्क्लेव के आयोजन के लिए तीन करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • इलाहाबाद के अर्द्धकुम्भ मेला की तैयारी के लिए 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

कानून-व्यवस्था
  • पुलिस कर्मियों के अवास के लिए प्रथम चरण में 800 आरक्षियों, मुख्य आरक्षियों, उपनिरीक्षकों व निरीक्षकों के लिए श्रेणी-ए एवं बी के 800 यूनिट्स के निर्माण का लक्ष्य।
  • इस वर्ष लगभग 33 हजार 200 पुलिसकर्मियों, जिनमें 30 हजार पुलिस कांस्टेबल और 3 हजार 200 सब इंस्पेक्टर की भर्ती की जाएगी। आगामी पांच वर्षों के अन्दर 1,50,000 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

   कृषि
  • खाद्यान उत्पादन का लक्ष्य 567 लाख एवं तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 11 लाख मीट्रिक टन रखा गया है।
  • 56 लाख कुन्तल बीज वितरण का लक्ष्य, जिसमें खरीफ की फसलों के लिए 11 लाख कुन्तल एवं रबी की फसलों के लिए 45 लाख कुन्तल का वितरण किए जाने का लक्ष्य है।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 450 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना के लिए 19 करोड़ 56 लाख रुपए की व्यवस्था। इसके अलावा मृदा सर्वेक्षण एवं परीक्षण कार्यक्रम के लिए 261 करोड़ 66 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • 88 लाख 82 हजार मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य।
  • ‘सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन’ के तहत लघु एवं सीमान्त कृषकों को किराए एवं अनुदान पर कृषि यंत्र क्रय के लिए 300 कस्टम हायरिंग केन्द्र तथा 582 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है।
  • ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ के तहत में 968 करोड़ 57 लाख रुपए का बजट प्राविधान।
  • ‘नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर योजना’ के तहत परम्परागत कृषि विकास योजना द्वारा जैविक खेती का कार्यक्रम बुन्देलखण्ड के सभी जनपदों सहित 30 जनपदों में क्रियान्वित करने का प्रस्ताव।

ग्राम्य विकास
  • आवासविहीन एवं कच्चे आवासों में निवास करने वाले परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए चार हजार 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल एवं विन्ध्य क्षेत्र में सतही जल आधारित ग्रामीण पेयजल योजना के लिए दो हजार 800 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 1000 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘विधायक निधि’ योजना के क्रियान्वयन के लिए 762 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य
  • पीसीडीएफ के अन्तर्गत प्रदेश में 10 डेयरी प्लाण्टों की स्थापना तथा 04 डेयरी प्लाण्टों के सुदृढ़ीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए 134 करोड़ 10 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • कानपुर में निर्माणाधीन नवीन ग्रीन फील्ड मिल्क पाउडर प्लाण्ट को पूरा करने के लिए 35 करोड़ 70 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • दुग्ध संघों को सुदृढ़ तथा पुनर्जीवित किए जाने के लिए 57 करोड़ 25 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • गोशालाओं में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए गोसेवा आयोग को अनुदान के लिए 15 करोड़ 16 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • सक्रिय मत्स्य पालकों के आवासविहीन 666 परिवारों को एक लाख 20 हजार रुपए प्रति आवास की दर से निःशुल्क आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

पंचायती राज
  • ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना’ के अन्तर्गत स्वच्छ शौचालयों के निर्माण के लिए तीन हजार 255 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत में 02 ‘चन्द्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालय’ की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना’ के लिए 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत
  • प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार के साथ 24 गुणा 7 पावर फार ऑल के लिए 14 अप्रैल 2017 को अनुबन्ध हस्ताक्षरित।
  • अक्टूबर, 2018 से 24 घण्टे तथा प्रत्येक प्रदेशवासी को वर्ष 2019 तक वि़द्युत की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
  • प्रदेश सरकार द्वारा जल्दी ही नई सौर ऊर्जा नीति लाई जाएगी, जिसमें निजी सत्र का निवेश आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक मार्ग प्रकाश की सुविधा के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना के लिए 30 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

आवास एवं नगर विकास
  • आगरा पेय जलापूर्ति परियोजना के अन्तर्गत 130 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन द्वारा 150 क्यूसेक कच्चा जल लाए जाने के लिए 200 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश के 61 शहरों में अटल मिशन फॉर रीज्यूवनेशेन एण्ड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजना के लिए 2000 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • स्मार्ट सिटी मिशन कार्यक्रम के लिए एक हजार 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था। स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के 13 नगरों में आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचा, ई-गवर्नेन्स एण्ड सिटीजन सविर्सेज, वेस्ट मैनजमेन्ट, वॉटर मैनेजमेन्ट तथा अर्बन मोबिलिटी द्वारा जीवन स्तर को बेहतर बनाए जाने का लक्ष्य।
  • स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • शहरों में बुनियादी सुविधाओें के सुदृढीकरण एवं विकास के लिए 85 करोड़ 74 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण-नमामि गंगे के अन्तर्गत 240 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • गंगा, यमुना तथा गोमती के तटों पर स्थित नगरों में नदी प्रदूषण मुक्ति के लिए 15 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश की झीलों तथा तालों के संरक्षण के लिए झील संरक्षण योजना के लिए 70 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन योजना के लिए 213 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन योजना के लिए 3000 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित व मलिन बस्ती विकास योजना के लिए 385 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

सिंचाई
  • राजकीय नलकूप निर्माण परियोजना के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 110 राजकीय नलकूपों का निर्माण आगामी दो वर्षों में कराया जाएगा।
  • बाढ़ नियंत्रण तथा जल निकासी कार्यों के लिए 647 करोड़ 30 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर काम प्राथमिकता से शुरू किया जाएगा।

लघु सिंचाई
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत 'पर ड्राप मोर क्रॉप योजना’ के लिए 112 करोड़ 67 लाख रुपए की व्यवस्था।

हथकरघा व वस्त्रोद्योग

  • हथकरघा वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 25 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
  • प्रदेश में 100 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों की स्थापना के लिए 85 करोड़ 50 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • बरेली, मुरादाबाद व देवीपाटन (गोण्डा) में 33 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से 300 बेड वाले संयुक्त चिकित्सालय खोले जाएंगे।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 50 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • शहरी क्षेत्रों में 50 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों के लिए 10 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाए सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण के लिए क्रमशः 49 करोड़ 75 लाख एवं 85 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों की असाध्य बीमारी के उपचार के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए 150 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • जिला संयुक्त चिकित्सालयों में विशिष्ट चिकित्सा सुविधाए उपलबध कराने के लिए 125 करोड़ रुपए प्रस्तावित।
  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय लखनऊ परिसर के विस्तार के लिए 19 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

बेसिक शिक्षा
  • सर्व शिक्षा अभियान के लिए 19 हजार 444 करोड़ 35 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए दो हजार 54 करोड़ 74 लाख रुपए की व्यवस्था।

माध्यमिक शिक्षा
  • राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 551 करोड़ 93 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • 166 पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालयों के संचालन के लिए 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
उच्च शिक्षा

  • राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अन्तर्गत आधारभूत सुविधाएं उपलबध कराने के लिए 191 करोड़ 27 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश के सभी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किए जाने के लिए 15 करोड़ की व्यवस्था।
  • जननायक चन्द्रशेखर राज्य विश्वविद्यालय, बलिया के लिए 5 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • विश्वविद्यालयों में पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना के लिए नौ करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ में भाऊराव देवरस शोध पीठ की स्थापना के लिए दो करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को मान्यता प्रदान करने की ऑनलाइन व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपए का प्राविधान।
प्राविधिक शिक्षा

  • सोनभद्र के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कन्नौज एवं मैनपुरी के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के अवशेष निर्माण कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • प्रतापगढ़ में एक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए जाने के लिए चार करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ के निर्माण कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • बस्ती एवं गोण्डा में एक-एक इंजीनियरिंग कॉलेज के अवशेष निर्माण कार्यों के लिए 14 करोड़ 52 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • मिर्जापुर में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

व्यवसायिक शिक्षा

  • अगले पांच वर्षों में 70 लाख रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
  • प्रदेश के समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए अपने निजी भवन निर्मित किये जाएंगे तथा निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण कराया जाएगा।

महिला एवं बाल कल्याण
  • महिला विकास एवं मातृत्व लाभ कार्यक्रम के लिए 100 करोड़ रुपए तथा शबरी संकल्प अभियान के लिए 262 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • निराश्रित महिला भरण-पोषण अनुदान योजना के लिए एक हजार 129 करोड़ 78 लाख रुपए की व्यवस्था।
अल्पसंख्यक कल्याण
  • अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना के लिए 791 करोड़ 83 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं की फीस प्रतिपूर्ति योजना के लिए 150 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • मान्यता प्राप्त मदरसों तथा मकतबों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों की शिक्षा के लिए 394 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • अल्पसंख्यक समुदाय की छात्राओं के शैक्षिक एवं आर्थिक विकास के लिए अल्पसंख्यक सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महिला छात्रावास के लिए 18 करोड़ 41 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • मल्टीसेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेन्ट प्लान के अन्तर्गत 340 करोड़ 90 लाख रुपए की व्यवस्था।
पिछड़ा वर्ग कल्याण
  • पिछडे़ वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं के छात्रावास के लिए 52 करोड़ 66 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक एवं युवतियों को ओ लेवल कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिए 11 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की फीस प्रतिपूर्ति के लिए 551 करोड़ 28 लाख रुपए की व्यवस्था।

दिव्यांग कल्याण
  • सुगम्य भारत अभियान योजना के अन्तर्गत सरकारी कार्यालयों एवं जन उपयोगी भवनों को चिन्हित कर दिव्यांगजन के लिए बाधारहित बनाए जाने के लिए 60 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • दिव्यांग पेंशन की राशि 300 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिमाह करने के लिए 559 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों के निर्माण कार्यों के लिए 18 करोड़ 40 लाख रुपए की व्यवस्था।
खाद्य एवं रसद

  • राशन कार्ड में दर्ज यूनिट की आधार सीडिंग के लिए 76 करोड़ रुपए की व्यवस्था।


न्याय
  • उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच, लखनऊ के नवीन भवन में अतिरिक्त कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • नवसृजित जनपदों एवं नव सृजित न्यायालयों में भवन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • अधीनस्थ न्यायालयों में सोलर पॉवर सिस्टम की स्थापना के लिए 20 करोड़, सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिये 20 करोड़, सीसीटीवी कैमरों के लिए 25 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • अधीनस्थ न्यायालयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए स्वतंत्र फीडर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • मध्यस्थों को मानदेय भुगतान के लिए 50 करोड़ रुपए की व्यवस्था।

राजस्व
  • प्रदेश में आपदा राहत के लिए राज्य आपदा मोचक निधि में 744 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • तालाब विकास प्राधिकरण के गठन के लिए 50 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • मण्डल, जनपद, तहसील के कार्यालयों तथा अनावासीय भवनों के निर्माण, पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि क्रय के लिए 205 करोड़ 13 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • प्रदेश के मण्डल, जनपद, तहसीलों के आवासीय भवनों के निर्माण, पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि क्रय के लिए 95 करोड़ 80 लाख रुपए की व्यवस्था।
  • मण्डल, जनपद एवं तहसील कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम स्थापित किए जाने के लिए एक करोड़ 37 लाख रुपए की व्यवस्था।

वन एवं पर्यावरण
  • वर्ष 2017 के वर्षाकाल में वन विभाग द्वारा चार करोड़ 30 लाख तथा अन्य विभागों द्वारा दो करोड़ 24 लाख, कुल 6 करोड़ 54 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य।
संस्कृति
  • रामकथा संग्रहालय में संरक्षित गुमनामी बाबा से संबंधित दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। गोरखपुर में लोक मल्हार तथा अयोध्या में सावन झूला के विशिष्ट कार्यक्रमों के आयोजन किए जाने का संकल्प। कृष्ण संग्रहालय की स्थापना के साथ ही पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों में माहवार संस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने की रूपरेखा बनाई गई।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 135 करोड़ 26 लाख रुपए की व्यवस्था। इसके अन्तर्गत कलाकारों का उन्नयन एवं प्रशिक्षण, फिल्मों का विकास (डाक्यूमेंट्री, ऑडियो विजुअल), कला परिषद का गठन, कबीर अकादमी की स्थापना, महानगरों तथा जिला केन्द्रों पर कला उत्सव के आयोजन।
  • गोरखपुर में आधुनिक प्रेक्षागृह के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • मथुरा में गीता शोध संस्थान की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपए की व्यवस्था।
  • लोक कलाओं के संवर्धन के लिए लोक कलाकारों को वाद्य यंत्रों के लिए अनुदान के लिए एक करोड़ रुपए की व्यवस्था।

आबकारी शुल्क
  • आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 20 हजार 593 करोड़ 23 लाख रुपए निर्धारित।

स्टाम्प एवं पंजीकरण
  • स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 17 हजार 458 करोड़ 34 लाख रुपए निर्धारित।
वाहन कर
  • वाहन कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 5 हजार 481 करोड़ 20 लाख रुपए निर्धारित।
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Thursday, June 1, 2017

KGMU में इलाज के लिए आई महिला से गैंगरेप,चंगुल से छूटकर महिला ने सुनाई आपबीती...

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के चौक थाना क्षेत्र स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के  शताब्दी सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल फेस वन में हरदोई की महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है. पीड़िता की तहरीर पर लखनऊ पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में कार्यरत दो कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत केस दर्ज कर लिया है. एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, शेष की तलाश जारी है.

बताते हैं की सिक्योरिटी एजेंसी का यह लिफ्ट मैन पहले भी कई महिला मरीजों के साथ छेड़छाड़ कर चुका था लेकिन वहां तैनात जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायतों को नजरअंदाज किया। तीमारदारों का कहना है वहां तैनात सुरक्षा गार्ड मरीजों से अभद्र भाषा में बात करते हैं जिसकी कोई सुनवाई नहीं होती है। फिलहाल इस घटना ने केजीएमयू की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में हरदोई की एक महिला इलाज कराने आई थी. इसी दौरान मेडिकल कॉलेज में कार्यरत लिफ्टमैन विनय, संतोष और शिवकुमार ने खाना दिलाने के बहाने महिला को बंधक बना लिया. इसके बाद मेडिकल कॉलेज कैंपस में ही वारदात को अंजाम दिया।


चंगुल से छूटकर महिला ने आपबीती सुनाई है....

पीड़िता ने बताया कि वह अपने पति का इलाज कराने केजीएमयू आई हुई है. बुधवार की रात खाना दिलाने के नाम पर शिवकुमार उसको अपने कमरे में ले गया.महिला ने वहां जाने से इंकार किया तो उसे बहला-फुसलाकर ले गया और वहां पहले से ही संतोष और विनय पहले मौजूद थे. तीनों ने मिलकर उसको बंधक बना लिया और उसके हवस का शिकार बनाया. बताते हैं की महिला ने इसका विरोध किया तो उसे मारा-पीटा भी या। महिला किसी तरह चिल्लाती हुई वहां से भाग निकली और रोते हुए सबको हाल बताया इस दौरान भागते हुए लिस्ट मैन को पकड़ लिया गया।

इस घटना से केजीएमयू प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एस एन शंखवार, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विजय कुमार प्रॉक्टर डॉक्टर कुशवाहा पहुंच गए उन्होंने महिला को मेडिकल के लिए भेज दिया और सभी चौक कोतवाली पहुंचकर लिफ्ट मैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

 महिला के चीखने से खुलासा हुआ और लिफ्ट मैन को पकड़ लिया गया। महिला का मेडिकल कराया जा रहा है और केजीएमयू प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट चौक कोतवाली में दर्ज करा दी है। लिफ्ट मैन और सभी आदमी सिक्योरिटी एजेंसी के है। जानकारी के अनुसार शताब्दी फेस वन में यह महिला मरीज पहले भर्ती थी वह दोबारा इलाज के लिए आई थी। इस दौरान उसने वहां बैठने वाले खाने की मांग बांटने वालों से किया था। इस दौरान वहां मौजूद यह लिस्ट मैन महिला को खाना देने के लिए कुछ देर रुकने के लिए कहा और फिर उसे कहां की शताब्दी वन के ऊपरी तल पर खाना रखा है ।  पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच जारी है.महिला का आरोप है कि दरिंदों ने मुंह खोलने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी. 

पुलिस के मुताबिक, हरदोई जिले के लोनार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बबिता अपने पति रामदीन (दोनों नाम काल्पनिक) का इलाज करवाने के लिए केजीएमयू के शताब्दी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आई थी।महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति को न्यूरो की समस्या है।इसका उसने ऑपरेशन करवाया था।महिला का आरोप है कि बुधवार की रात उसे हॉस्पिटल के लिफ्टमैन विनय ने अपने साथी सुरक्षा गार्ड शिवकुमार और संतोष के साथ खाना खाने के बुलाया।इसके बाद विनय ने संतोष के साथ मिलकर उसे बंधक बनाया और बारी-बारी से सामूहिक बलात्कार किया।


बताते चलें कि यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद भी जुर्म तेजी से बढ़ रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, 16 मार्च 2017 से 30 अप्रैल 2017 तक के बीच योगी राज में जुर्म कम होने की बजाए करीब 29 फीसदी बढ़ा है. रेप के मामलों में तो 37 फीसदी का इज़ाफा हो गया है. डकैती में 74 फीसदी इजाफा है. बढ़ता जुर्म सरकार के लिए चिंता का विषय है.

मेडिकल कॉलेज परिसर में फिर भी गैंगरेप जैसी वारदात ने सुरक्षा के सभी दावों की पोल खोल दी है. पुलिस ने लिफ्ट मैन को गिरफ्तार करने के बाद महिला को मेडिकल के लिए भेजा है. इसके साथ ही आरोपियों की तलाश की जा रही है.  
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Saturday, April 22, 2017

UP के नए DGP सुलखान सिंह ने ग्रहण किया कार्यभार, बाेले UP में नहीं चलेगी गुंडागर्दी

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में कमान संभालते ही नए डीजीपी सुलखान सिंह ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. पहली प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके कार्यकाल में किसी भी तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे अपराध करने वाला सत्ताधारी दल से ही क्यों न जुड़ा हो. उन्होंने बताया कि इस म संबंध सीएम योगी की तरफ से भी उन्हें निर्देश मिले हैं.

गोरक्षा के नाम पर नहीं चलेगी गुंडागर्दी
नए डीजीपी ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर किसी को गुंडा गर्दी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. अगर कोई कानून हाथ में लेता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

रोमियो को पकड़ने सादे कपड़ों में घूमेगी पुलिस
वहीं एंटी रोमियो पर बोलते हुए सिंह ने कहा कि अब पुलिस रोमियो की पहचान करने सादे कपड़ों में घूमेगी. वहीं इस अभियान में किसी बेगुनाह को परेशान नहीं किया जाएगा.

साफ-स्वच्छ छवि के सुलखान सिंह बांदा के रहने वाले हैं. सिंह यूपी कैडर के 1980 के अधिकारी हैं. डीजीरी बनने से पहले वो डीजी ट्रेनिंग के पद पर तैनात थे.सुलखान सिंह आईआईटी रूड़की के एल्यूमिनाई भी हैं.

उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी सुलखान सिंह ने शनिवार सुबह पुलिस महानिदेशक कार्यालय जाकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान उनके साथ पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने पुष्पगुच्छ देकर उन्हें सम्मानित किया वहां पर तमाम पुलिस के आलाधिकारी मौजूद रहे। पदभार ग्रहण करने के बाद डीजीपी मीडिया से रूबरू हुए इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर करने का वादा किया।

पढ़े: IPS सुलखान को योगी राज में 'न्याय', क्यों हटाए गए डीजीपी जावीद अहमद


प्रदेश की जनता की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

नए डीजीपी सुलखान सिंह ने प्रदेश की जनता से यह वादा किया है कि उनकी सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा वह काफी समय तक फील्ड में मौजूद रहे हैं उन्हें मालूम है कि कानून-व्यवस्था के लिए किस तरह काम करना है। उन्होंने कहा कि जो सरकार की मंशा है हम उसपर खरा उतरेंगे।


ड्यूटी से पहले पुलिसकर्मियों को ब्रीफिंग
डीजीपी ने कहा है कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने से पहले उन्हें ब्रीफ करने की जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों की होगी। ड्यूटी लगाने के लिए आरआई से नीचे का अधिकारी नहीं होगा। ड्यूटी पर कौन है कौन नहीं समय से आया है या नहीं इसका भी सही ढंग से मिलान किया जायेगा।

पढ़े: कौन हैं आईपीएस सुलखान सिंह ?
पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने गुलदस्ता देकर नवनियुक्त मुखिया का किया स्वागत...

आईजी, डीआईजी सभी जनता से मिलेंगे
नए डीजीपी ने कहा कि प्रदेश के सभी आईजी, डीआईजी, एसएसपी कार्यालय में जनता से एक तय समय में मुलाकात करके उनकी बात सुनेंगे। उन्होंने कहा कि वह खुद पीड़ित जनता से मिलेंगे। अधिकारियों से सीधी मुलाकात होने से लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा, इससे कानून-व्यवस्था बेहतर होगी।


थानों 100 प्रतिशत दर्ज होगी एफआईआर
डीजीपी ने प्रदेश के लोगों से यह वादा किया अब थानों में सौ प्रतिशत एफआईआर दर्ज की जायेगी। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से सही केस और सही आरोपी की पहचान हो सकेगी। साथ ही केस के बारे में भी सही जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि एफआईआर ना दर्ज करने वाले लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।


प्रदेश की कानून-व्यवस्था होगी बेहतर
डीजीपी ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था बेहतर होगी। इसका कारण यह है यूपी पुलिस में भारी मात्रा में नई भर्तियां हो रही हैं। पुलिस को मजबूत करने के लिए कई और भी चीजें की जाएंगी। साथ ही जो जनता का पुलिस के प्रति रवैया है उसे बेहतर करेंगे ताकि पुलिस के प्रति लोगों में व्याप्त भय दूर हो सके और पुलिस मजबूत हो सके।


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Friday, April 21, 2017

UP : जावीद अहमद हटे, सुलखान सिंह नए DGP, इन 12 IPS एंव 7 IAS की हुई नई तैनाती...

लखनऊ। आईएएस अफसरों के तबादले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब पुलिस अफसरों के तबादले शुरु कर दिए हैं। शुक्रवार की देर शाम सीएम ने उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े अफसर यानी डीजीपी के पद पर अपनी पसंद के अधिकारी को बैठा दिया। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह अब प्रदेश के नए डीजीपी होंगे। सुलखान सिंह, जावीद अहमद का स्थान लेंगे। इसी के साथ ही 12 अन्य आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। साथ ही
सात आईएएस अफसरों की तैनाती में फेरबदल कर चार दिन पहले नियुक्त नौ मंडलों में से  देवीपाटन व चित्रकूट मंडल के कमिश्नरों के तबादला आदेश निरस्त कर दिए हैं। इनके स्थान पर दूसरे अफसरों की तैनाती की गई है। इस क्रम में झांसी के डीएम को चित्रकूट मंडल और एसवीएस रंगाराव को देवीपाटन मंडल का नया कमिश्नर बनाया गया है।

फेरबदल में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक संतोष कुमार यादव को वेटिंग में डाल दिया गया है। यादव पिछली सरकार में अहम जिम्मेदारियों पर रहे हैं। मौजूदा सरकार ने बीते 18 अप्रैल को प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हिमांशु कुमार को देवीपाटन और मिशन निदेशक एनएचएम आलोक कुमार-तृतीय को चित्रकूट का मंडलायुक्त नियुक्त किया था। अब इनके तबादला आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। ये दोनों अधिकारी अपने पूर्व के पदों पर बने रहेंगे।

गौरतलब है कि जावीद अहमद की नियुक्ति पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव के समय में की थी। उस समय उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने जावीद की नियुक्ति पर सवालिया निशान खड़े किए थे। योगी सरकार ने शुक्रवार को 12 आईपीएम के तबादले की लिस्ट जारी की। इसमें पहले नंबर पर डीजीपी जावीद अहमद का नाम है। जावीद अहमद अब डीजी पीएसी होंगे। सुलखान सिंह प्रदेश के सबसे सीनियर आईपीएस ऑफिसर हैं। लेकिन इनका कार्यकाल सिर्फ 4 माह ही बचा है।



इन 12 आईपीएस की हुई नई तैनाती -
1. सुलखान सिंह - यूपी के नए डीजीपी।
2. एस जावीद अहमद - पुलिस महानिदेशक पीएसी।
3. सूर्य कुमार - पुलिस महानिदेशक, अभियोजन के प्रभार से अवमुक्त, पुलिस महानिदेश/अध्यक्ष उ.प्र पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ के पद पर बने रहेंगे।
4.जवाहर लाल त्रिपाठी - पुलिस महानिदेशक अभियोजन, लखनऊ।
5. आलोक प्रसाद - पुलिस महानिदेशक, होमगोर्ड के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण मुख्यालय उ.प्र. का अतिरिक्त प्रभार।
6. आदित्य मिश्र - अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, उ.प्र. लखनऊ।
7. भवेश कुमार सिंह - अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना, उ.प्र., लखनऊ।
8. विजय कुमार - अपर पुलिस महानिदेशक सुरक्षा, उ.प्र।
9. दलजीत सिंह चौधरी - अपर पुलिस महानिदेशक, ईओडब्यू व लॉजिस्टिक्स उ.प्र, लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार।
10. आलोक सिंह - पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी, ईस्टर्न जोन, लखनऊ।
11. संजय सिंघल - पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी, मध्य जोन, लखनऊ।
12. नवनीत सिकेरा - पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी, मध्य जोन लखनऊ के अतिरिक्त प्रभार से अवमुक्त। पुलिस महानिरीक्षक, वुमेन पावर लाइन, लखनऊ पद पर बने रहेंगें।

यहां एक नज़र में देखें पूरी लिस्ट



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Tuesday, April 18, 2017

UP: योगी सरकार में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल, सूबे में 41 IAS के हुए तबादले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्य नाथ सरकार ने प्रदेश में मंगलवार को 41 आईएएस अधिकारियो के तबादले कर दिए। बता दें, योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद ये अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रशासनिक महकमें में बड़ा फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए थे। आज हुए तबादलों में राजीव रौतेला को गोरखपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। योगेश शुक्ला को राज्य संपत्ति अधिकारी बनाया गया है। बस्ती के डीएम प्रभुनारायण सिंह एलडीए के नए उपाध्यक्ष होंगे।


  •  बता दें, मंगलवार को योगी सरकार की कैबिनेट मीटिंग होनी है। उससे ठीक पहले ही ये ट्रांसफर क‍िए गए हैं।
  •  इनमें राजीव रौतेला को गोरखपुर का नया डीएम और आशीष गोयल को इलाहाबाद का नया कमिश्नर बनाया गया है।
  •  अरविंद सिंह को बस्‍ती का डीएम, अमित गुप्ता को झांसी कमिश्नर, मुरली मनोहर लाल को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा के तौर पर तैनाती मि‍ली है। 
  •  इसके अलावा लखनऊ और मेरठ में नए कमिश्नर तैनात किए गए हैं।
  •  कानपुर देहात के डीएम कुमार रविकांत सिंह को लखनऊ में अपर आयुक्त के रूप में कार्यरत किया गया है। अब राकेश कुमार सिंह अब कानपुर देहात के नए डीएम होंगे।
  •  नरेंद्र शकंर पांडे को जालौन का डीएम बनाया गया है। वे वित्त विभाग में विशेष सचिव थे। वाराणसी में विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव का ट्रांसफर करके उन्हें विशेष सचिव, सिचाईं एवं जल संसाधन विभाग बनाया गया है।


12 अप्रैल को भी हुआ था प्रशासनिक फेरबदल

- इससे पहले 12 अप्रैल को यूपी में बड़ा प्रशासन‍िक फेरबदल हुआ था। इसमें मृत्युंजय कुमार को सीएम का सेक्रेटरी बनाया गया था। वहीं, भोजपुरी सिंगर माल‍िनी अवस्थी के पत‍ि अवनीश अवस्थी को नवनीत सहगल का सभी चार्ज द‍ि‍या गया था। ट्रांसफर क‍िए गए अफसरों में आलोक सिन्हा, राज प्रताप सिंह, अनीता मेश्राम, मुकेश कुमार मेश्राम, भुवनेश कुमार, रणवीर प्रसाद, आमोद कुमार, पन्धारी यादव, अमित मोहन प्रसाद जैसे नाम शाम‍िल थे।


  • नरेंद्र सिंह डीएम शाहजहांपुर बने।
  • कंचन वर्मा वीसी गाजियाबाद प्राधिकरण।
  • विमल दुबे डीएम मिर्जापुर।
  • पुल्कित खरे वीसी बनारस प्राधिकरण बने।
  • धीरज साहू आवास आयुक्त बने।
  • लीना जौहरी सचिव राजस्व परिषद।
  • राकेश कुमार सिंह डीएम कानपुर देहात।
  • नरेंद्र शंकर पाण्डे डीएम जालौन बने।
  • अनीत भटनागर जैन से खेल विभाग हटा।
  • सुरेश चंद्रा से आईएस विभाग हटा।
  • मो.इफ्तखारूद्दीन प्रमुख सचिव खेल और आरईएस बने।
  • पीके मोहंती कमिश्नर कानपुर बने।
  • आवास आयुक्त आऱपी सिंह हटाए गए।
  • सुधीर दीक्षित सचिव चिकित्सा बने।
  • हिमांशु कुमार कमिश्नर देवी पाटन मंडन।
  • प्रमांशु सचिव पंचायती राज बने।
  • पीवी जगन मोहन कमिश्नर बने।
  • सत्येंद्र सिंह को प्रतीक्षारत किया गया।
  • आलोक कुमार तृतीय कमिश्नर चित्रकूट बने।
  • संजय अग्रवाल नोएडा चेयरमैन पद से हटे।
  • प्रभात कुमार-चेयरमैन नोएडा बने।
  • राजन शुक्ला प्रमुख सचिव नागरिक सुरक्षा।
  • चंद्रकांत सचिव मानवाधिकारी आयोग बने।
  • केराम मोहन राव कमिश्नर आगरा बने।
  • अमित गुप्ता कमिश्नर झांसी बने।


विस्तृत में...

आज हुए ट्रांसफर में सात जिलों के डीएम और आठ मंडलायुक्‍त शामिल

जिन मंडलों के कमिश्नर बदले हैं उसमें लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा, झांसी, चित्रकूट, देवीपाटन, बरेली और मेरठ शामिल हैं। गोरखपुर, बस्‍ती, संतकबीरनगर, कानपुर देहात, जालौन, शाहजहांपुर, मिर्जापुर के जिलाधिकारी भी बदल दिए गए हैं। दिल्‍ली में उत्‍तर प्रदेश के स्‍थानिक आयुक्‍त डॉ. प्रभात कुमार को बड़ी जिम्‍मेदारी देते हुए मेरठ मंडल के कमिश्नर के साथ ही ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्‍सप्रेसवे अथॉरिटी के अध्यक्ष पद अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल से ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्‍सप्रेसवे का अतिरिक्‍त प्रभार वापस ले लिया गया है। ऊर्जा विभाग के काम उनके पास यथावत रहेंगे। एलडीए के विवादित उपाध्यक्ष सत्‍येंद्र सिंह को प्रतीक्षारत कर दिया गया है। बस्‍ती के डीएम प्रभुनारायण सिंह एलडीए के नए उपाध्यक्ष होंगे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव निर्वाचन अनिल गर्ग को लखनऊ का नया कमिश्नर बनाया गया है। लखनऊ के कमिश्नर भुवनेश कुमार को पहले ही हटा दिया गया था। मिर्जापुर की डीएम कंचन वर्मा को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।  श्रमायुक्‍त पीके महांति को कानपुर का नया मंडलायुक्‍त बनाते हुए श्रमायुक्‍त एवं उत्‍तर प्रदेश वित्‍त निगम के एमडी का अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया है।

श्री महांति गोरखपुर के कमिश्नर रह चुके हैं। मोहम्‍मद इफ्तखारुद्दीन को कानपुर के कमिश्नर पद से प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्‍याण तथा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के पद पर भेजा गया है। अपर मुख्य सचिव अनीता भटनागर जैन अब चिकित्‍सा शिक्षा विभाग का ही काम देखेंगी। प्रमुख सचिव सिंचाई के पद पर सुरेश चंद्रा बने रहेंगे, लेकिन उनसे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का अतिरिक्‍त प्रभार वापस ले लिया गया है।  सचिव ग्राम विकास आशीष गोयल इलाहाबाद के नए कमिश्नर होंगे। वहां तैनात राजन शुक्ला को नागरिक सुरक्षा और राजनीतिक पेंशन जैसे महत्‍वहीन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। राजन शुक्‍ला पिछले दशक में गोरखपुर के डीएम रह चुके हैं। आगरा के कमिश्नर चंद्रकांत को भी महत्‍वहीन तैनाती देते हुए राज्‍य मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है। उनके स्‍थान पर अब तक बस्‍ती में तैनात रहे कमिश्नर के राममोहन राव को भेजा गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सचिवालय में विशेष सचिव और सचिव पद पर तैनाती के बाद अभी तक पंचायती राज विभाग में सचिव रहे अमित गुप्‍ता झांसी के नए कमिश्नर होंगे। चित्रकूट कमिश्नर पद पर सिप्‍सा के अधिशाषी निदेशक और एनएचएम के मिशन निदेशक आलोक कुमार तृतीय को भेजा गया है और अब तक वहां तैनात रहे मुरली मनोहर लाल को चिकित्‍सा और स्‍वास्‍थ्य विभाग में सचिव बनाया गया है।  देवीपाटन मंडलायुक्‍त सुधीर कुमार दीक्षित को चिकित्‍सा शिक्षा विभाग में सचिव बनाया गया है। जबकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार को वहां का नया कमिश्नर तैनात किया गया है। बरेली के कमिश्नर प्रमांशु अब सचिव पंचायती राज होंगे। जबकि राजस्‍व परिषद के सदस्‍य पीवी जगनमोहन वहां नए मंडलायुक्‍त होंगे।  डॉ. प्रभात कुमार को कमिश्नर मेरठ के साथ ही ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्‍सप्रेसवे का भी जिम्‍मा  अमित गुप्‍ता को झांसी का कमिश्नर और आलेाक कुमार तृतीय को चित्रकूट का कमिश्नर बनाया गया। सुधीर कुमार दीक्षित सचिव चिकित्‍सा शिक्षा और मुरली मनोहर लाल सचिव चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्य बनाए गए। डॉ. प्रभात कुमार को ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्‍सप्रेस वे का सीईओ बनाया गया है। के राममोहन राव आगरा के नए कमिश्नर बनाए गए हैं।  निदेशक प्रशासन स्‍वास्‍थ्य विभाग अरविंद कुमार सिंह बस्‍ती के नए डीएम होंगे। प्रतीक्षारत राजीव रौतेला गोरखपुर के नए डीएम होंगे और अभी तक वहां तैनात संध्या तिवारी को माध्यमिक शिक्षा का विशेष सचिव बनाया गया है। राजस्‍व परिषद के सचिव धीरज साहू को नया आवास आयुक्‍त बनाया गया है और अभी तक इस पद का कार्यभार देख रहे रूद्र प्रताप सिंह को प्रतीक्षारत कर दिया गया है। प्रतीक्षारत लीना जौहरी को राजस्‍व परिषद का आयुक्‍त और सचिव बनाया गया है। निदेशक बांट-माप मार्केंडेय शाही संतकबीनरगर के नए डीएम होंगे और वहां तैनात रमाकांत पांडेय नगर विकास विभाग में विशेष सचिव बनाए गए हैं। कानपुर देहात के जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह को अपर आयुक्‍त ग्राम विकास और एपीसी के विशेष सचिव राकेश कुमार सिंह प्रथम को कानपुर देहात का डीएम बनाया गया है। विशेष सचिव वित्‍त नरेंद्र शंकर पांडेय जालौन के डीएम होंगे और अभी तक वहां तैनात रहीं श्रीमती संदीप कौर को एपीसी शाखा में विशेष सचिव बनाया गया है। ग्राम विकास विभाग के विशेष सचिव नरेंद्र कुमार सिंह को डीएम शाजहांपुर बनाया गया है जबकि वहां तैनात कर्ण सिंह चौहान को राजस्‍व विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। प्रतीक्षारत विमल कुमार दुबे मिर्जापुर के नए डीएम होंगे। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्‍तव को विशेष सचिव सिंचाई और वाराणसी के सीडीओ पुलकित खरे को वहीं पर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
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