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Friday, December 8, 2017

लखनऊ विश्वविद्यालय में हुआ 'यूरोप की पहचान' विषय पर व्याख्यान

एस. पी. सिंह (वरिष्ठ संवाददाता)
लखनऊ। लविवि के राजनीति विज्ञान विभाग में गुरुवार को विभागाध्यक्ष प्रो. आशुतोष मिश्र ने अपने विभाग के सभी छात्रों को एकत्रित  कर लविवि के सेवानिवृत्त प्रो.प्रमोद कुमार  द्वारा यूरोप की पहचान विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।

यूरोपीय देशों के साथ प्राचीनतम समय से लेकर आज की वर्तमान राजनीतिक समस्याओं और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्था पर विश्लेषणात्मक और दूरगामी विन्दुओं को गहनता से छात्रों के बीच परिचर्चा में रखा। राजनीति विज्ञान विभाग के शोध छात्र एसपी सिंह, सुमन स्वरूप व डा. रवि प्रताप सिंह के साथ अनेक शोध छात्रों व अन्य छात्र-छात्राओं ने भी परिचर्चा में भाग लिया। विभागाध्यक्ष प्रो. मिश्र राजनीति विज्ञान विभाग में छात्रों के शैक्षणिक उन्नयन के लिए अनेक देशों की राजनीतिक व्यवस्था के साथ-साथ वर्तमान यूरोपीय देशों के परिदृष्य पर राजनीति विश्लेषण कर जागरूक करते रहते हैं। परिचर्चा में प्रो. आशुतोष मिश्र, प्रो. कविराज, प्रो. कमल कुमार और प्रो. राजीव सरन ने भाग लिया।
प्रो.प्रमोद कुमार ने 10 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जो राष्टï्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने में कामयाब रहीं हैं, जिसमें महात्मा बिटरेड, काला पानी (हिंदी, पंजाबी और उडिय़ा) और 1789:फ्रांस की क्रांति काफी चर्चित और  में नेशनल बुक ट्रस्ट ने प्रकाशित कराईं। 
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Friday, October 13, 2017

यूपी निकाय चुनावः महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण घोषित, देखे पूरी लिस्ट


उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची घोषित कर दी गयी है। पूरी लिस्ट जनइंडिया न्यूज  http://www.janindianews.com पर आप देख सकते हैं। 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची गुरुवार की देर रात जारी कर दिया। सरकार की ओर से जारी की गई सूची में राजधानी लखनऊ की महापौर सीट सामान्य महिला घोषित हुई है। वहीं बाकी जिलों का ब्योरा निम्न है-


  • -मथुरा जिले के नगर निगम मथुरा वृंदावन को अनुसूचित जाति श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -मेरठ जिले के नगर निगम मेरठ को अनुसूचित जाति महिला श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -फिरोजबाद जिले के नगर निगम फिरोजबाद को पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -वाराणसी जिले के नगर निगम वाराणसी को पिछड़ा वर्ग महिला श्रेणी में आरक्षित किया है
  • -सहारनपुर जिले के नगर निगम सहारनपुर को पिछड़ा श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -गोरखपुर जिले के नगर निगम गोरखपुर को पिछड़ा श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -लखनऊ जिले के नगर निगम लखनऊ को महिला श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -कानपुर जिले के नगर निगम कानपुर को महिला श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है
  • -गाजियाबाद जिले के नगर निगम गाजियाबाद को महिला श्रेणी के वर्ग में आरक्षित किया है।
2017 के निकाय चुनाव में सीटों की संख्या (सूची अनुसार)
नगर निगम सीट-16
नगर पालिका सीट-199
नगर पंचायत सीट-438

यूपी में पिछला निकाय चुनाव मेयर की 12 सीटों पर कराया था।
जबकि इस बार मेयर की 16 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। 
मेयर की सीटों में मथुरा व मेरठ की सीट एससी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें मेरठ की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है। फिरोजाबाद, वाराणसी, सहारनपुर व गोरखपुर की मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें फिरोजाबाद व वाराणसी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रखी गई है।


16 मेयर व 637 अध्यक्षों की सीटों पर आरक्षण
इसके साथ ही आगरा जिले के नगर निगम आगरा, इलाहाबाद जिले के नगर निगम इलाहाबाद, बरेली जिले के नगर निगम बरेली, मुरादाबाद जिले के नगर निगम मुरादाबाद, अलीगढ़ जिले के नगर निगम अलीगढ़, झांसी जिले के नगर निगम झांसी और फैजाबाद जिले के नगर निगम फैजाबाद को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। सरकार की ओर से जारी किए गए शासनादेश में कहा गया है कि यदि इस पर किसी को कोई आपत्ति हो तो वो 20 अक्टूबर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।

प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने 16 नगर निगम में मेयर, 199 पालिका परिषद व 438 नगर पंचायतों में अध्यक्ष की सीटों के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। स्थानीय निकाय निदेशालय में 20 अक्तूबर तक इस पर आपत्तियां ली जाएंगी। नगर विकास विभाग इसके बाद सीटों के आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी करेगा। इसके आधार पर निकाय चुनाव होगा।

पालिका परिषद की 199 अध्यक्षों की सीटों में नौ सीटें एससी महिला, 16 एससी, 18 ओबीसी महिला, 35 ओबीसी, 40 अनारक्षित महिला तथा 81 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। इसी तरह 438 नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटों में 19 एससी महिला, 36 एससी, 1 एसटी महिला, 40 ओबीसी महिला, 70 ओबीसी तथा 86 अनारक्षित महिला व 178 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।

यूपी में पिछला निकाय चुनाव मेयर की 12 सीटों पर कराया था। इस बार मेयर की 16 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। मेयर की सीटों में मथुरा व मेरठ की सीट एससी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें मेरठ की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है। फिरोजाबाद, वाराणसी, सहारनपुर व गोरखपुर की मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित की गई है। इसमें फिरोजाबाद व वाराणसी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रखी गई है।

लखनऊ, कानपुर नगर व गाजियाबाद मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। इसके अलावा आगरा, इलाहाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी व फैजाबाद की मेयर की सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। इस बार सहारनपुर, फिरोजाबाद, मथुरा व फैजाबाद नगर निगम में मेयर की सीटों के लिए पहली बार चुनाव हो रहा है। अमेठी गौरीगंज पालिका परिषद सीट एससी महिला के लिए आरक्षित, इसी क्रम में...

  • सीतापुर मिश्रिख एससी महिला
  • सीतापुर खैराबाद ओबीसी
  • सीतापुर लहरपुर ओबीसी
  • सीतापुर महमूदाबाद ओसी
  • सीतापुर शहर अनारक्षित
  • सीतापुर बिस्वा अनारक्षित
  • श्रावस्ती भिनगा अनारक्षित
  • बाराबंकी नवाबगंज महिला
  • गोंडा शहर महिला
  • बलरामपुर शहर महिला
  • बलरामपुर उतरौला अनारक्षित
  • अंबेडकर नगर अकबपुर महिला
  • अंबेडकर नगर जलालपुर ओबीसी महिला
  • गोंडा करनैलगंज ओबीसी पिछड़ा
  • गोंडा नवाबगंज अनारक्षित
  • गोंडा शहर महिला
  • सुल्तानपुर शहर महिला
  • हरदोई मल्लांवां ओबीसी
  • हरदोई सांडी ओबीसी
  • हरदोई संडीला ओबसी
  • हरदोई शहर अनारक्षित
  • हरदोई शाहबाद महिला
  • हरदोई पिहानी अनारक्षित
  • हरदोई बिल्ग्राम अनारक्षित
  • अंबेडकर नगर टांडा ओबीसी महिला
  • फैजाबाद रुदौली ओबीसी
  • बहराइच नानपारा ओबसी
  • बहराइच शहर महिला
  • रायबरेली शहर महिला
  • उन्नाव शहर महिला
  • उन्नाव गंगाघाट महिला
  • उन्नाव बांगरमऊ अनारक्षित
विस्तृत में देखें पूरी लिस्ट....
#UP_body_elections
नगर निगम निकाय #NAGAR_NIGAM 

नगर पालिका निकाय #NAGAR_PALIKA 





नगर पंचायत निकाय #NAGAR_PANCHAYAT 












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up-government-issues-nagar-nikay-chunav-reservation-list-in-hindi-www.JanIndiaNews.com

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Monday, July 31, 2017

थम नहीं रहा शिक्षामित्रों का विरोध, बीएसए ऑफिस का किया घेराव, अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन

मथुरा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का धरना-प्रदर्शन सोमवार को छठे दिन भी पूरे प्रदेश में जारी रहा। शिक्षामित्रों ने बीएसए ऑफिस का घेराव किया। वहीं समायोजन रद्द होने से दुखी मथुरा के शिक्षामित्रों ने अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के प्रति विरोध जताया।

शिक्षामित्रों का कहना है कि मौखिक दबाव से हम नहीं झुकेंगे। लिखित आदेश के बाद धरना प्रदर्शन स्थगित होगा। उपस्थित शिक्षामित्रों एकजुट होकर आगे आने की अपील की। उधर, आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित धरना में वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वह संघर्ष करने को विवश होंगे।

शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनका बतौर शिक्षक समायोजन रद्द किए जाने के बाद सरकार से उनके हित में निर्णय लेने की मांग की। इस पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार समायोजित शिक्षकों के भविष्य को लेकर गंभीर है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय पर सरकार द्वारा विचार विमर्श किया जा रहा है। सरकार समायोजित शिक्षकों का नुकसान नहीं होने देगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिले के समायोजित शिक्षकों की समस्याओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर समस्या के समाधान का प्रयास करेंगी।

तब तक समायोजित शिक्षक धरना-प्रदर्शन को समाप्त करें। केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याणमंत्री ने कहा कि सरकार समायोजित शिक्षकों के साथ खड़ी है, सरकार द्वारा उचित निर्णय लेने तक धैर्य रखें।


 कुछ ही दिन पहले मथुरा में गुस्साए शिक्षामित्रों ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया था
कोर्ट के फैसले से गुस्साए शिक्षामित्रों ने कुछ दिन पहलेट्रेन रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि उसने पहले ही उन्हें रोक लिया। सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्रों ने मथुरा छावनी स्टेशन पर पहुंचकर कासगंज जाने वाली पैसेंजर गाड़ी रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया। बाद में शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंच कर वहां ताला डाल दिया और काफी देर तक सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्रवण कुमार सिंह ने बताया, 'शिक्षामित्रों को शहर में कहीं भी शांति व्यवस्था भंग करने का कोई मौका नहीं दिया गया है।' उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। स्थिति पूरी तरह शांत एवं नियंत्रण में है।

क्या हैं शिक्षामत्रों की मांगें?
शिक्षामित्रों की मांग है कि सरकार इस मामले में न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे या फिर मामले की सुनवाई संविधान पीठ से करवाने का प्रयास करे। उनका कहना है कि आम शिक्षकों के समान ही कार्य करने वाले शिक्षामित्रों के मामले में समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को सरकार स्वीकार करे। 

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Tuesday, July 25, 2017

यूपी दरोगा भर्ती : 25 व 26 जुलाई की परीक्षा रद्द, परीक्षा का पेपर लीक, जानें नई डेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सब इंस्पेक्टर, नागरिक पुलिस (पुरुष-महिला) और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2016 के तहत 25 और 26 जुलाई 2017 को होने वाली ऑनलाइन परीक्षा तकनीकी कारणों से रद्द कर दी गई है। हालांकि, बोर्ड ने परीक्षा स्थगित करने का कारण तकनीकी बताया है। सोमवार को सुबह ही वॉट्सऐप के जरिए पेपर लीक होने की बात सामने आ रही है।

बोर्ड के चेयरमैन क्या कहा ?
बोर्ड के चेयरमैन वीरेंद्र कुमार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुलिस में दारोगा और उसके समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए 25 जुलाई और 26 जुलाई की ऑनलाइन परीक्षा (सीबीटी) अपरिहार्य तकनीकी कारणों से अगले आदेशों तक स्थगित की जा रही है। परीक्षा की अगली तारीखें बोर्ड जल्द से जल्द बोर्ड वेबसाइट http:uppbpb.gov.in के जरिए जारी करेगा।

13 जुलाई से चल रही है परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा पद पर सीधी भर्ती के लिए रिक्त 3307 पदों पर इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने ऑन लाइन परीक्षा का फैसला किया था। ऑनलाइन परीक्षा 13 जुलाई से शुरू हुई थी, जो 31 जुलाई तक होनी है। 3307 पदों में पुरुषों के लिए 2400 पद, महिलाओं के लिए 600 पद, पीएसी के प्लाटून कमांडर के लिए 210 पद और अग्निश्मन अधिकारी के 97 पद थे।



विस्तृत में...
3307 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया

  • उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन विरेंद्र कुमार ने बताया कि तकनीकी कारणों से मंगलवार और बुधवार को होने वाली परीक्षा स्थगित की गई है।
  • उन्होंने पेपर लीक होने की बात से इंकार किया है।
  • हालांकि कहा जा रहा है कि जो पेपर 25 और 26 जुलाई को आनलाइन होने थे वह पेपर एक दिन पहले ही व्हाट्स एप के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंच गया।
  • इसकी जानकारी जब भर्ती बोर्ड के अधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया।
  • सूत्रों की मानें तो आनलाइन पेपर के सवाल आउट होने की जानकारी भर्ती बोर्ड केअधिकारियों को सुबह ही हो गई थी।
  • इसके बाद अधिकारियों ने मैराथन मीटिंग कर इस पर मंथन किया और अंत में इस परीक्षा को स्थगित करके बाद में परीक्षा कराए जाने की बात तय हुई।
  • बोर्ड के चेयर मैन ने बताया कि 22 जिलों में यह परीक्षा चल रही है।
  • मंगलवार और बुधवार को एक लाख 20 हजार छात्रों को इस परीक्षा में शामिल होना था।
  • आनलाइन परीक्षा स्थगित होने की सूचना विभिन्न माध्यमों से अभ्यर्थियों को दी जा रही है।
  • गौरतलब है कि दरोगा भर्ती 2016 के लिए 3307 पदों के लिए यह प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई के बीच आनलाइन परीक्षा संपन्न कराई जानी थी।
  • सीधी भर्ती (daroga bharti) 2016 के तहत होने वाली इन परीक्षाओं में नागरिक पुलिस में पुरुष के लिए 2400 पद, महिलाओं के लिए 600 पद, पीएसी के प्लाटून कमांडर के लिए 210 पद और अग्निश्मन अधिकारी के 97 पदों के लिए आवेदन किए गए थे।
इन 3307 पदों के लिए बीस लाख से ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया था, जिनमें बोर्ड ने करीब नौ लाख आवेदकों को ऑन लाइन परीक्षा के लिए आमंत्रित किया था। दारोगा पद के लिए हो रही ऑनलाइन परीक्षा के लिए प्रदेश के 22 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एक दिन में करीब साठ हजार आवेदक परीक्षा दे रहे हैं। 25 और 26 जुलाई को 1.20 लाख आवेदकों को परीक्षा देनी थी।

UP Police SI Exam 2017 Cancelled – Check details
UP Police Recruitment Board has started Online application process for sub-inspector posts. UP Police has announced 2707 vacancies for sub-inspector male and 600 posts for SI Female totaling to 3307 posts.UP Police has also announced 760 vacancies for Sub Inspector SI (confidential), Assistant Sub inspector ASI (ministerial) and assistant Sub inspector ASI (Accounts) Male and Female posts.

UP Police SI Exam 2017

The exam for UP Police SI is scheduled from 17th to 31st July. The exam will be conducted in various shifts.

UP Police SI Exam Cancelled for 25th and 26th July 2017

There has been an official notice today stating that the exam is cancelled and new dates will be intimated to the candidates soon. The new dates will be available on the official website.


Why UP Police SI Exam 2017 Cancelled?

The exam scheduled for 25th and 26th July is cancelled due to unavoidable technical fault. The detail is not released.

The cancellation notice has caused inconvenience to many candidates.  We will bring you more updates on UP SI exam 2017. Stay tuned.
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Sunday, June 25, 2017

यूपी के दौरे पर आज आएंगे राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद, करेंगे सपोर्ट की अपील

लखनऊ (मृत्युंजय पाराशर) : उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े दलित नेता रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने के बाद वो पहली बार रविवार को यूपी के दौरे पर आ रहे है. जहां वे राजभवन में विधायकों और सांसदों से मिलकर अपने पक्ष में वोट मांगने की अपील करेंगे. वहीं कोविंद के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी साथ होंगे.

इसके बाद कोविंद सीएम आवास पर होने वाले डिनर में सभी के साथ भोजन कर अपने पक्ष में वोट की अपील करेंगे। बता दें, कि रामनाथ कोविंद शाम करीब 4 बजे स्पेशल प्लेन से जेड कैटेगरी के सुरक्षा घेरे में लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

यहां से वे सीधे राजभवन जाएंगे, जहां सीएम योगी आदित्यनाथ, गवर्नर राम नाइक, डिप्टी सीएम केशव मौर्य और दिनेश शर्मा उनका स्वागत करेंगे।

राजभवन में करीब 30 मिनट के टी-टाइम के बाद शाम 5 बजे रामनाथ बीजेपी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर अपने पक्ष में वोट करने की अपील करेंगे।

इसके बाद रात 8 बजे सीएम आवास में वे सभी पार्टियों के नेताओं के साथ रात्रि भोज करेंगे। इस कार्यक्रम में सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, कांग्रेस यूपी चीफ और राज्यसभा सांसद राज बब्बर, सपा नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव, शिवपाल सिंह यादव को भी बुलाया गया है।

इसके बाद रात 10.30 बजे विश्राम के लिए वे वापस राजभवन जाएंगे। कोविंद 2 दिनों तक यूपी में अपना चुनाव प्रचार करने के बाद सोमवार को उतराखंड के दौरे पर जाएंगे।

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Thursday, June 22, 2017

योगीराज में बेखौफ खनन माफिया, दलित किसान ने किया विरोध तो मासूम को जिंदा दफनाया, मौत

बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के बौंडी क्षेत्र में खदान कर रहे ठेकेदार ने किसान के बेटे की हत्या कर शव को बालू में दफना दिया जबकि उसका साथी लापता है।

अपने पट्टे की जमीन पर बालू खनन माफिया का विरोध करना एक दलित दंपत्ति को बहुत भारी पड़ गया। खनन माफिया ने उसके 5 साल के मासूम बच्चे को वहीं जिंदा दफन कर दिया। आज दोपहर पीड़ित के बच्चे का शव उसके पट्टे के पास बालू में दबा मिला। वहीं एक अन्य बच्चे के भी गायब होने की बात सामने आयी है। 

क्या है पूरा मामला?
बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र के भौंरी गांव में दलित चेतराम को अपनी जमीन में बालू खनन रोकना भारी पड़ गया। चेतराम ने पिछले दिनों जिलाधिकारी समेत अन्य आला अफसरों से लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उसके पट्टे की जमीन में बालू खनन ठेकेदार अवैध तरीके से जबरन बालू खनन कर रहे हैं। अभी इस पर कार्रवाई हो भी नहीं पाई थी कि आज दोपहर शिकायतकर्ता चेतराम का 5 वर्षीय मासूम बेटे की बालू में दबे होने की सूचना मिली। ये बालक वहीं बालू में दबा पड़ा था जहां जेसीबी व पोकलैंड मशीनों से तेजी से बालू खनन हो रहा है और इसका जमीन का पट्टा भी वहीं है।

गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित इस गांव के समीप ही घाघरा नदी की कटान है और यह गांव नदी की कटान में है। पिछले दिनों ई- टेंडरिंग के माध्यम से बालू खनन के लिए ठेकेदारों को पट्टे आवंटित किए गए हैं और उसी के तहत यहां सैकड़ों ट्रालियों व ट्रकों से बालू की निकासी हो रही है।

शिकायत के बावजूद लापरवाह अधिकारियों ने नहीं की कार्रवाई
पीड़ित पिछले कई दिनों से अपने पट्टे की जमीन में बालू निकासी का विरोध कर रहा था। उसने इस बाबत जिलाधिकारी समेत अन्य आला अफसरों से हो रहे अवैध खनन की लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। लेकिन लापरवाह अधिकारियों ने मामले को गंभीरता नहीं लिया जिसकी वजह से एक मासूम बच्चे को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।


आक्रोशित ग्रामीणों ने आगजनी के बाद ठेकेदार की गाड़ी को तोड़ा 
बच्चे का शव मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू खनन में लगे ठेकेदार के बैठने की झोपड़ी में आग लगा दी है व उसकी आल्टो को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया है। इतना ही नहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू खनन में लगी ट्रकों, पोकलैंड मशीन व जेसी बी मशीनों में जम कर तोड़ फोड़ की है वहीं ग्रामीण अभी भी बच्चे का शव रख कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं । उनका कहना है कि गुमसुदा बच्चे के मिलने व खनन बन्द होने तक वो न ही बच्चे का दाह संस्कार करेंगे न ही उसका पंचनामा कराएंगे।

खनन से बाज नहीं आ रहे संवेदनहीन ठेकेदारों के कारिंदे 
बच्चे का शव मिलने के बाद ग्रामीण बुरी तरह आक्रोशित हैं वहीं एक अन्य बच्चे की तलाश की जा रही है। लापता बच्चे की मां का कहना है कि उसके बच्चे को भी दबा कर मार दिया गया है। पीड़ित मां अपने गुमशुदा बेटे की चप्पल लेकर उसकी तलाश कर रही है। वहीं संवेदनहीन ठेकेदारों के कारिंदे इतना होने के बावजूद बालू की ढुलाई जारी रखे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी?
एसडीएम नागेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले में जानकारी मिली है। जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर कमेटी गठित कर दी है। मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

योगी की चेतावनी बेअसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही अपराधियों को उत्तर प्रदेश छोडऩे की चेतावनी दे रहे हों लेकिन इसका बदमाशों और माफियाओं पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं।


किसानों का कहना है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने करन को पकड़ लिया तथा अन्य सभी को धमकाकर वहां से भगा दिया। सूचना पाकर परिवारीजन पहुंचे तो दोनों बच्चे मौके से गायब मिले। खोजबीन के दौरान खदान स्थल और नदी के बीच बालू का टीला देखकर चेतराम व अन्य लोगों ने खोदाई शुरू की तो करन का शव बरामद हुआ।

कुछ दूरी पर निसार की चप्पल पड़ी मिली। इस पर क्षेत्र के अन्य लोग एकत्रित हो गए। गुस्सा किसान व ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद बालू खनन करवा रहे ठेकेदार व मजदूरों के छप्पर को फूंक दिया।

जेसीबी मशीन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नागेंद्र कुमार, तहसीलदार राजेश कुमार मिश्र के अलावा बौंडी, फखरपुर, हरदी, कैसरगंज और नानपारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।

सीओ नानपारा एसके यादव तथा कैसरगंज पुलिस क्षेत्राधिकारी तनवीर भी घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और एसपी को बुलाने की मांग करते हुए करन का शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गांव में स्थिति काफी तनावपूर्ण है।

भौंरी गांव के निकट घाघरा के कछार में बच्चे की मौत की सूचना मिली है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एडीएम संतोष राय और एएसपी कमलेश दीक्षित को मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों को समझाने बुझाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल ग्रामीण आठ वर्षीय करन की हत्या कर शव को गाड़ने और निसार की हत्या कर शव नदी मेें फेंकने का आरोप लगा रहे हैं। निसार की चप्पल मिली है। वहीं ठेकेदार व खनन कर्मी बच्चों के डूबने की बात कह रहे हैं। जांच के साथ ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील सक्सेना, पुलिस अधीक्षक
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Thursday, June 1, 2017

KGMU में इलाज के लिए आई महिला से गैंगरेप,चंगुल से छूटकर महिला ने सुनाई आपबीती...

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के चौक थाना क्षेत्र स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के  शताब्दी सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल फेस वन में हरदोई की महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है. पीड़िता की तहरीर पर लखनऊ पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में कार्यरत दो कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत केस दर्ज कर लिया है. एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, शेष की तलाश जारी है.

बताते हैं की सिक्योरिटी एजेंसी का यह लिफ्ट मैन पहले भी कई महिला मरीजों के साथ छेड़छाड़ कर चुका था लेकिन वहां तैनात जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायतों को नजरअंदाज किया। तीमारदारों का कहना है वहां तैनात सुरक्षा गार्ड मरीजों से अभद्र भाषा में बात करते हैं जिसकी कोई सुनवाई नहीं होती है। फिलहाल इस घटना ने केजीएमयू की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में हरदोई की एक महिला इलाज कराने आई थी. इसी दौरान मेडिकल कॉलेज में कार्यरत लिफ्टमैन विनय, संतोष और शिवकुमार ने खाना दिलाने के बहाने महिला को बंधक बना लिया. इसके बाद मेडिकल कॉलेज कैंपस में ही वारदात को अंजाम दिया।


चंगुल से छूटकर महिला ने आपबीती सुनाई है....

पीड़िता ने बताया कि वह अपने पति का इलाज कराने केजीएमयू आई हुई है. बुधवार की रात खाना दिलाने के नाम पर शिवकुमार उसको अपने कमरे में ले गया.महिला ने वहां जाने से इंकार किया तो उसे बहला-फुसलाकर ले गया और वहां पहले से ही संतोष और विनय पहले मौजूद थे. तीनों ने मिलकर उसको बंधक बना लिया और उसके हवस का शिकार बनाया. बताते हैं की महिला ने इसका विरोध किया तो उसे मारा-पीटा भी या। महिला किसी तरह चिल्लाती हुई वहां से भाग निकली और रोते हुए सबको हाल बताया इस दौरान भागते हुए लिस्ट मैन को पकड़ लिया गया।

इस घटना से केजीएमयू प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एस एन शंखवार, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विजय कुमार प्रॉक्टर डॉक्टर कुशवाहा पहुंच गए उन्होंने महिला को मेडिकल के लिए भेज दिया और सभी चौक कोतवाली पहुंचकर लिफ्ट मैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

 महिला के चीखने से खुलासा हुआ और लिफ्ट मैन को पकड़ लिया गया। महिला का मेडिकल कराया जा रहा है और केजीएमयू प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट चौक कोतवाली में दर्ज करा दी है। लिफ्ट मैन और सभी आदमी सिक्योरिटी एजेंसी के है। जानकारी के अनुसार शताब्दी फेस वन में यह महिला मरीज पहले भर्ती थी वह दोबारा इलाज के लिए आई थी। इस दौरान उसने वहां बैठने वाले खाने की मांग बांटने वालों से किया था। इस दौरान वहां मौजूद यह लिस्ट मैन महिला को खाना देने के लिए कुछ देर रुकने के लिए कहा और फिर उसे कहां की शताब्दी वन के ऊपरी तल पर खाना रखा है ।  पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच जारी है.महिला का आरोप है कि दरिंदों ने मुंह खोलने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी. 

पुलिस के मुताबिक, हरदोई जिले के लोनार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बबिता अपने पति रामदीन (दोनों नाम काल्पनिक) का इलाज करवाने के लिए केजीएमयू के शताब्दी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आई थी।महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति को न्यूरो की समस्या है।इसका उसने ऑपरेशन करवाया था।महिला का आरोप है कि बुधवार की रात उसे हॉस्पिटल के लिफ्टमैन विनय ने अपने साथी सुरक्षा गार्ड शिवकुमार और संतोष के साथ खाना खाने के बुलाया।इसके बाद विनय ने संतोष के साथ मिलकर उसे बंधक बनाया और बारी-बारी से सामूहिक बलात्कार किया।


बताते चलें कि यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद भी जुर्म तेजी से बढ़ रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, 16 मार्च 2017 से 30 अप्रैल 2017 तक के बीच योगी राज में जुर्म कम होने की बजाए करीब 29 फीसदी बढ़ा है. रेप के मामलों में तो 37 फीसदी का इज़ाफा हो गया है. डकैती में 74 फीसदी इजाफा है. बढ़ता जुर्म सरकार के लिए चिंता का विषय है.

मेडिकल कॉलेज परिसर में फिर भी गैंगरेप जैसी वारदात ने सुरक्षा के सभी दावों की पोल खोल दी है. पुलिस ने लिफ्ट मैन को गिरफ्तार करने के बाद महिला को मेडिकल के लिए भेजा है. इसके साथ ही आरोपियों की तलाश की जा रही है.  
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Thursday, May 25, 2017

Transfer :योगी की गाज अब गिरी उप जिलाधिकारियों पर, एक झटके में हुए 174 तबादले, देखें पूरी लिस्ट

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आईपीएस अफसरों के बम्पर तबादले के बाद अब जूनियर पीसीएस अफसरों के तबादले का दौर शुरू हो गया है. जिसके चलते आज यूपी सरकार द्वारा 174 जूनियर PCS अफसरों के तबादले किये गए हैं. प्रदेश भर में कानून व्यवस्था को सुधारने तथा उसे और भी बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 174 एसडीएम के तबादले किये हैं.आज ट्रांसफर होने वाले पीसीएस अधिकारियों में ट्रेनी एसडीएम भी शामिल हैं.

रायबरेली के प्रशिक्षु एसडीएम राजीव कुमार राय को इलाहाबाद का एसडीएम बनाया गया है. लखनऊ के एसडीएम आयुष चौधरी, गोरखपुर के एसडीएम दयाशंकर और चंदौली के एसडीएम जवाहर लाल श्रीवास्तव को इलाहाबाद का एसडीएम बनाया गया है.

 अम्बेडकरनगर के ट्रेनी एसडीएम पंकज कुमार श्रीवास्तव को गोरखपुर का एसडीएम बनाया गया है. कानपुर देहात के एसडीएम सियाराम को संतकबीरनगर का एसडीएम बनाया गया है. उन्नाव के एसडीएम नरेन्द्र सिंह चतुर्थ ललितपुर के एसडीएम होंगे. बरेली के ट्रेनी एसडीएम सत्यम मिश्रा को गाजीपुर का एसडीएम बनाया गया है. बागपत के एसडीएम मनोज कुमार सिंह कानपुर देहात के एसडीएम बनाए गए हैं.

हरदोई के ट्रेनी एसडीएम विवेक कुमार यादव बागपत के एसडीएम होंगे. प्रतीक्षारत एसडीएम छत्रपाल मिर्ज़ापुर भेजे गए हैं. बागपत की एसडीएम दीपाली कौशिक कानपुर देहात में एसडीएम होंगी. बरेली के एसडीएम पारसनाथ बदायूं के एसडीएम बनाये गए हैं. प्रतीक्षारत एसडीएम ममता मालवीय बरेली में एसडीएम होंगी. अब तक बरेली में एसडीएम के पद पर तैनात विवेक श्रीवास्तव लखनऊ में एसडीएम होंगे.


गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी नितिन मदान हापुड़ विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी का कामकाज संभालेंगे. अमेठी के ट्रेनी एसडीएम वेड प्रकाश मिश्रा को बुलंदशहर का एसडीएम बनाया गया है. इलाहाबाद की एसडीएम सुशीला का ललितपुर किया गया ट्रांसफर निरस्त करते हुए आगरा भेजा गया है. इलाहाबाद के एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा को मुरादाबाद का एसडीएम बनाया गया है.

सीतापुर के एसडीएम सत्येन्द्र नाथ शुक्ला-2 को इलाहाबाद का एसडीएम बनाया गया है. कानपुर नगर के एसडीएम सुखवीर सिंह अब लखीमपुर खीरी के एसडीएम होंगे. इलाहाबाद के एसडीएम अवधेश बहादुर सिंह को फैजाबाद का एसडीएम बनाया गया है. सहारनपुर के एसडीएम मनोज कुमार सिंह (सेकेण्ड) को वाराणसी का एसडीएम बनाया गया है. इलाहाबाद के एसडीएम बिजेन्द्र द्विवेदी को फैजाबाद का एसडीएम बनाया गया है.

 कानपुर नगर के एसडीएम अर्पित गुप्ता को इलाहाबाद का एसडीएम बनाया गया है. लीडा की विशेष कार्याधिकारी नीलम सचन का इटावा ट्रांसफर निरस्त करते हुए कानपुर नगर का एसडीएम बनाया गया है. इलाहाबाद के एसडीएम वैभव मिश्रा को सहारनपुर का एसडीएम बनाया गया है. रायबरेली की ट्रेनी एसडीएम शिवानी सिंह इलाहाबाद में एसडीएम होंगी. इलाहाबाद के एसडीएम धीरेन्द्र प्रताप को इसी पद पर ललितपुर भेजा गया है. इलाहाबाद के एसडीएम सुरेश कुमार मिश्र को हमीरपुर का एसडीएम बनाया गया है. इलाहाबाद में तैनात एसडीएम प्रदीप कुमार को उन्नाव का एसडीएम बनाया गया है.

प्रतापगढ़ के एसडीएम जगत प्रसाद मिश्रा को सुल्तानपुर का एसडीएम बनाया गया है. कानपुर देहात के एसडीएम सुरजीत सिंह शामली के एसडीएम बनाये गए हैं. वाराणसी के एसडीएम राम शिरोमणि कानपुर देहात में एसडीएम होंगे. प्रतापगढ़ के एसडीएम राजेन्द्र प्रसाद तिवारी रायबरेली के एसडीएम बनाये गए हैं. प्रतापगढ़ के एसडीएम रतिभान वर्मा सीतापुर के एसडीएम होंगे. बिजनौर के एसडीएम विजय पाल को प्रतापगढ़ भेजा गया है. प्रतापगढ़ के एसडीएम शशि भूषण राय को पीलीभीत का एसडीएम बनाया गया है. उन्नाव के एसडीएम राजमुनी यादव को अम्बेडकरनगर का एसडीएम बनाया गया है.
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Saturday, April 29, 2017

बड़ी ख़बर : उत्तर प्रदेश में 118 जजों का हुआ ट्रांसफर, देखें लिस्ट...

इलाहाबाद :यूपी में बड़े स्तर पर आईएएस/आईपीएस अफसरों के बाद आज यूपी के 118 जजों का भी हुआ तबादला..



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Tuesday, April 25, 2017

गैंगरेप केस: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति सहित तीन को मिली जमानत

फाइल फोटो गायत्री प्रजापति 
गैंगरेप मामले में पिछले महीने ही जेल भेजे गए पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को लखनऊ की जिला अदालत से जमानत मिल गई है.  उनके दो साथी प‌िंटू और व‌िकास को भी एक-एक लाख रुपए पर बेल म‌िली है। गायत्री को बीते 15 मार्च को गिरफ्तार किया गया था जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।

गिरफ्तारी के दौरान गायत्री ने कहा था, मैं निर्दोष हूं। नार्को टेस्ट होगा तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।  यूपी सरकार में गायत्री के पास कई बड़े मंत्रालय रह च़ुके हैं। उसे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गायत्री प्रजापति समेत 5 लोगों के खिलाफ बीते 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

गायत्री समेत अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 511, 376 डी पॉक्सो एक्ट 3/4 में मामला दर्ज हुआ था। प्रजापति समाजवादी पार्टी के टिकट पर अमेठी से विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था,लेकिन हार गए।
फाइल फोटो गायत्री प्रजापति 

बता दें क‌ि एक महिला ने गायत्री प्रजापत‌ि और उसके साथ‌ियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। पीड़ित महिला के मुताबिक तीन साल उसकी गायत्री प्रजापत‌ि से मुलाकात हुई थी।
तभी मंत्री ने चाय में नशे की दवा मिलाकर उसे बेहोश कर दिया था। महिला ने आरोप लगाया क‌ि नशे की हालत में उसके साथ रेप किया गया और उसकी वीडियो क्लिप भी बनाई गई। मह‌िला ने गायत्री और उसके साथ‌ियों पर अपनी नाबाल‌िग बेटी के भी शोषण का आरोप लगाया था।

विस्तृत में...

गायत्री के साथ ही दो अन्य आरोपी विकास वर्मा और पिंटू सिंह को भी जमानत दे दी गई है. लखनऊ जिला न्यायालय के स्पेशल जज ओपी मिश्रा ने ये फैसला सुनाया है. गायत्री के खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है.

उधर एक दिन पहले ही सोमवार को इसी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में पूर्व मंत्री समेत बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच चल रही है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को मामले की सुनवाई बंद कर देनी चाहिए. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश से कहा है कि स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी पीड़िता को भी दी जाए.
फाइल फोटो गायत्री प्रजापति 

पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इस मामले में उसको सुरक्षा दी जाए क्योंकि उसकी जान को खतरा है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता से कहा कि वह अथॉरिटी को ज्ञापन दे और अथॉरिटी इस पर विचार करे.
दरअसल 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा था कि आरोपी प्रभावशाली है तो इसका मतलब यह नहीं कि पुलिस एफआईआर भी दर्ज न करे. इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाए और फाइनल रिपोर्ट दाखिल की जाए.

यूपी सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस मामले की जांच में कोई अपराध सामने नहीं आया है. कोर्ट ने यूपी सरकार से दो महीने में जांच रिपोर्ट मांगी है. शिकायतकर्ता चित्रकूट की रहने वाली है.
महिला का आरोप है कि आरोपी मंत्री ने सपा में उच्च पद दिलाने के नाम पर उससे पिछले दो सालों में कई बार रेप किया और उसकी नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ भी की. महिला का आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट याचिका को खारिज कर चुका था.

पिछली 6 मार्च को गैंगरेप के आरोपी यूपी के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर गायत्री प्रसाद प्रजापति ने गिरफ्तारी पर रोक और एफआईआर दर्ज करने के आदेश को वापस लेने की मांग की थी.  इसके बाद 14 मार्च को गायत्री प्रजापति को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया था.
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