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Monday, May 22, 2017

लखनऊ मेट्रो स्टेशन बनकर तैयार, 15 जून से शुरू होगा सफर, ये है कुछ तस्वीर


लखनऊ।
 उत्तर प्रदेश के लखनऊ मेट्रो का लंबे समय से बेसब्री से इंतजार कर रहे राजधानी वासियों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। जल्द ही इसका कॉमर्शियल ट्रायल शुरु होने जा रहा है, इसके लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात का भरोसा दिलाया है कि इसका संचालन जून माह तक शुरु हो जाएगा। शुरुआती चरण का काम पूरा हो चुका है और इसके भीतर के तस्वीरें भी सामने आ गई है। इन्हीं में से एक कृष्णानगर स्टेशन की पहली झलक janindianews.com आपको दिखा रहा है। इन तस्वीरों में मैट्रो स्टेशन पर लखनऊ ने झलक दिखाई देगी।
  • लखनऊ मेट्रो अब अपने कॉमर्शियल रन के लिए तैयार है। 
  • सभी आठ स्टेशन अब पूरी तरह से यात्री सुविधाओं के साथ सज-धज गए हैं। 
  • प्लेटफॉर्म तक यात्रियों के जाने के लिए लिफ्ट व एस्कलेटर्स से लेकर टिकट लेने और स्मार्ट कार्ड रिचार्ज करने तक की मशीनें लगाई जा चुकी हैं।
  • स्टेशनों के अंदर तक पहुंचने के लिए एंट्री और बाहर निकलने के लिए एग्जिट भी तैयार हो गए हैं। यह तैयारी ट्रेन को प्राथमिकता सेक्शन पर आठ स्टेशनों के बीच दौड़ाने की है।
 स्टेशन की पहली तस्वीर आई सामने
लखनऊ मेट्रो स्टेशन की पहली तस्वीर जो सामने आई है वह आपको मोहित कर लेगी, लखनऊ वासियों के लिए स्टेशन की पहली तस्वीर काफी भावुक है। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि मेट्रो स्टेशन बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। यात्रियों के लिए टिकट खरीदने से लेकर चेक इन करने तक की पूरी तैयारी हो चुकी है। लिहाजा लंबे समय से मेट्रो का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।

  • यह आठ स्टेशन ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा, मवैया, दुर्गापुरी, चारबाग हैं। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आयुक्त मेट्रो रेल संरक्षा के निरीक्षण होने और अनुमति मिलने के तुरंत बाद कॉमर्शियल रन शुरू कर दिया जाएगा।

15 जून तक चलेगी लखनऊ मेट्रो
लखनऊ मेट्रो के संचालन को लेकर हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से केंद्रीय शहरी और विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने मुलाकात की थी, इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि लखनऊ मेट्रो का काम पूरा हो चुका है और 15 जून तक इसका संचालन शुरु हो जाएगा। नायडू ने कहा कि पिछली सरकार ने आधी अधूरी योजना का लोकार्पण किया था, लेकिन अब हम इसे सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

अन्य शहरों में भी शुरु होगा मेट्रा का काम
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिलाया है कि लखनऊ मेट्रो को वह 15 जून तक शुरु कर देंगे और यह आम यात्रियों के लिए खुल जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर में भी जल्द ही मेट्रो का काम शुरु किया जाएगा। इन शहरों के अलावा झांसी में भी मेट्रो को लाने की तैयारी हो रही है और हम जल्द ही यहां भी मेट्रों लाने का काम शुरु करेंगे।

दूसरे फेज का काम काफी तेजी से चल रहा
लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज का भी काम काफी तेजी से चल रहा है। हजरतगंज से परिवर्तन चौक, यूनिवर्सिटी के सामने और फैजाबाद रोड पर भूतनाथ पर इसका काम काफी तेजी से चल रहा है। आपको बता दें कि लखनऊ मेट्रो का काम अखिलेश यादव की सरकार में शुरु हुआ था। चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने दावा किया था कि वह इसी मेट्रो में बैठकर अगला बजट पेश करने जाएंगे। हालांकि उनकी पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा लेकिन लखनऊ वासी लखनऊ को मेट्रो की देन का श्रेय अखिलेश को ही देते हैं।
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Saturday, February 18, 2017

बुन्देलखंड : यहां सपा की दादी का मुकाबला भाजपा के नाती से...

ELECTION-2017 : सौंदर्य की बात बाद में, पहले बात माफिया की. चरखारी के पास कबरई में देश की बड़ी क्रेशर मंडी है, जहां पत्थर काटे जाते हैं. यहां छोटे छोटे पहाड़ हैं. पहाड़ पत्थरों का खजाना होते हैं. पत्थरों से पैसा मिलता है. पैसे से ताकत मिलती है. इसलिए यहां माफिया सक्रिय हैं. लाइसेंस हो न हो, बहुत सारे घरों में असलहा है. सूपा गांव में एक लड़के ने कहा, ‘यहां वो वारो हिसाब है. तुम्हाए पास राइफल तो हमाए पास 12 बोर. जे बुंदेलखंड के पानी कौ असर है.’

महोबा जिले का सुंदर कस्बा है चरखारी. यहां पहले रियासत थी. आपस में जुड़े बरसों पुराने सात तालाब हैं. उनके पसमंजर में एक 300 फुट ऊंचा पहाड़ है, जिस पर पुराना किला बना हुआ है. इस किले पर सेना का नियंत्रण है और यहां आम आदमी को जाने की इजाजत नहीं है. चरखारी में ये अफवाह खूब उड़ती है कि किले में खजाना गड़ा हुआ है.

चरखारी का इतिहास (बुन्देलखंड का कश्मीर)

चंदेलों की राजशाही के सैकड़ों साल बाद की बात है. बताते हैं कि राजा छत्रसाल के बेटे जगतराज को चरखारी के पुराने मुंडिया पहाड़ पर चंदेलों का सोने के सिक्कों से भरा कलश मिला. ये कलश राजा परमाल का था जो पृथ्वीराज चौहान से हारने के बाद महोबा से कालिंजर चले गए थे और इसी दौरान उन्होंने इसे चरखारी में छिपा दिया था. जब जगतराज को ये कलश मिला तो पिता छत्रसाल ने कहा कि बेटा इससे दान पुण्य करो. तब जगतराज ने इसी धन से बीस हजार कन्यादान कराए, 22 बड़े-बड़े तालाब बनवाए, चंदेलकालीन मंदिरों और तालाबों को दुरुस्त करवाया. जमीन से 300 फुट की ऊंचाई पर एक बड़ा किला बनवाया. इसमें तीन दरवाजे बनवाए. सूपा, ड्योढ़ी और हाथी चिघाड़.

लेकिन इस किले में आम आदमी नहीं जा सकता. यहां सालों से सेना का नियंत्रण है. किले के अंदर बड़े-बड़े गोदाम बने हुए हैं जिसमें अनाज भरा रहता था और सालों तक खराब नहीं होता था. लोगों ने ही बताया कि उसी समय से चरखारी की सीवेज व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि कितनी भी बारिश हो यहां पानी नहीं ठहरता. आधुनिक समय के विधायकों से अच्छा सीवेज तो राजा ने बनवा दिया था.

    यूपी के पहले मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत जब चरखारी आए थे तो यहां की सुंदरता देखकर इसे बुंदेलखंड का कश्मीर कह गए थे. चरखारी उन्हें इतना प्रिय था कि आजादी के बाद रियासतों के विलय के समय जब चरखारी की अवाम ने मध्य प्रदेश में विलय के पक्ष में फैसला दिया तो पंत अड़ गए. उन्होंने तुरंत चरखारी के नेताओं को बुलाया, महाराज चरखारी से बात की और चरखारी को यूपी में बनाए रखा.

390 गांवों वाली चरखारी विधानसभा सीट कई वजहों से चर्चित है. यहां 5 साल में चौथी बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.

बीजेपी में वापसी के बाद उमा भारती 2012 का विधानसभा चुनाव यहीं आकर लड़ी थीं और लोध राजपूत बहुल सीट से 25 हजार से ज्यादा के अंतर से जीती थीं. 2014 में ही वो लोकसभा से दिल्ली चली गईं तो उपचुनाव में सपा के लोध नेता कप्तान सिंह राजपूत जीत गए. लेकिन कप्तान पर 12 साल पुराना मर्डर केसा था, जिसमें जालौन की एक अदालत ने उन्हें दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुना दी. कुछ महीनों में ही उनकी विधायकी चली गई और 2015 में यहां फिर चुनाव हुए. सपा ने कप्तान की पत्नी उर्मिला राजपूत को टिकट दिया. लोग बताते हैं कि वो सिंदूर लेकर समर्थन मांगने उतरीं और सहानुभूति की लहर में जीत भी गईं.

उर्मिला राजपूत इस बार सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लड़ रही हैं. उनका मुकाबला उनके रिश्ते में नाती लगने वाले बीजेपी के ब्रजभूषण राजपूत से है. सपाई दादी और भाजपाई नाती दोनों का परिवार उरई के बम्हौरी का रहने वाला है. चरखारी में ज्यादातर बाहरी लोग आकर ही चुनाव लड़ते और जीतते हैं. चरखारी की पीड़ा यही है कि यहां से लोग जीतकर उरई, जालौन और झांसी जाकर क्यों बैठ जाते हैं.


ब्रजभूषण हमीरपुर से तीन बार सांसद रहे गंगाचरण राजपूत के बड़े बेटे हैं. गंगाचरण पहली बार 1989 में जनता पार्टी से सांसद बने, फिर 96 और 98 में बीजेपी से. 2004 में वो कांग्रेस में चले गए. इसी साल जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री का पद ठुकरा दिया तो स्वामीभक्ति में उन्होंने मैडम के घर के बाहर अपनी कनपटी पर पिस्तौल लगा ली. फिर यूपी में कांग्रेस को डूबता देखकर वो 2009 में बसपाई हो गए. 2014 में मोदी लहर देख उनका मन फिर मचल गया और अगले साल उन्होंने भगवा पटका पहन लिया. इसी साल उनके छोटे बेटे अखिल राजपूत चरखारी से उपचुनाव लड़े और उर्मिला राजपूत से हार गए. अब बड़े लड़के ब्रजभूषण लड़ रहे हैं.

‘बाहरी’ का मुद्दा यहां इस बार नजर आता है. इसलिए चरखारी से होने का दावा ठोंकते हुए बसपा के जितेंद्र कुमार मिश्रा मैदान में हैं. बसपा आखिरी बार 2007 में यहां से जीती थी. जितेंद्र मिश्रा इससे पहले सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष थे. कार्यकाल खत्म हुआ तो राइट टाइम पर बसपा में आ गए. कस्बे के बाजार में किसी ने कहा, ‘हाथी पर जब बाभन सवार होता है तो कुछ भी हो सकता है.’

सपा और बीजेपी से लोधी राजपूत कैंडिडेट हैं. दोनों मजबूत हैं. बीजेपी दफ्तर में लोगों ने दावा किया कि 70 हजार लोधी वोटों में से 80 परसेंट उनके साथ है. लेकिन इलाके में घूमने पर ऐसा लगता नहीं है. किसके पास ज्यादा जाएगा, इस पर यहां के पुराने लोग भी विश्वस्त नहीं हैं. चरखारी कस्बे में कई ‘एलआर’ बीजेपी के पक्ष में दिखे. सूपा गांव में ज्यादातर सपा के पक्ष में थे. सूपा में ही एक नौजवान वकील साहब ने सबको गरियाया. लेकिन गांव के एक नौजवान ने जब नरेंद्र मोदी को कुछ कहा तो भड़क गए. कहने लगे, किसी भाजपाई को कुछ भी कह लो पर मोदी को कुछ न कहना.

दलितों में यहां जाटव, अहिरवार और वाल्मीकि हर हाल में बसपा के साथ है. लेकिन बीजेपी के चुनावी दफ्तर में ब्रजभूषण राजपूत के चचेरे भाई पुनीत राजपूत दावा करते हैं कि पासवान उनके साथ है. सिद्धगोपाल साहू महोबा के पुराने सपा नेता हैं. यहां माइनिंग का उनका काफी काम है. उनके असर से साहू वोट भी सपा को मिल सकता है. लेकिन भाजपा दफ्तर में एक कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘हम तो इनके नाम पर वोट मांग रहे हैं. ये भी तो वही हैं. गुजरात में मोदी हो जाता है. यहां साहू है.’

30 हजार कुशवाहा वोट निर्णायक हो सकता है जो बसपा के साथ भी जा सकता है. लेकिन बीजेपी भी केशव प्रसाद मौर्य की तस्वीर दिखा रही है. भाजपा दफ्तर में ब्राह्मण वोटरों पर सवाल किया तो एक किस्म का अविश्वास बॉडी लैंग्वेज में दिखा. कस्बे के बाजार में भी लोगों ने कहा कि ब्राह्मण इस बार ब्राह्मण के साथ, यानी बसपा कैंडिडेट जितेंद्र मिश्रा के साथ जा रहा है. 16 हजार मुसलमान हैं, जो ऐसा लगता है कि बसपा के साथ ज्यादा जाएंगे. चरखारी कस्बे में खान साहब की टेलर की दुकान पर बात करने गया तो बोले अंदर आ जाओ. उन्होंने धीमे से कहा कि अखिलेश यादव को पसंद करता हूं, सरकार उनकी बनेगी. लेकिन इस बार कप्तान को वोट नहीं करूंगा. वो आदमी जीतकर बाहर चला जाता है. जो मुसलमान उसे वोट करेगा वो सिर्फ अखिलेश के नाम पर करेगा.

    अखिलेश यादव की बात यहां लोग ज्यादा इसलिए भी करते हैं क्योंकि वो मुख्यमंत्री रहते हुए दो बार यहां आ चुके हैं. पिछले साल पनवाड़ी विकासखंड के गांव कनकुआं में 50 मेगावाट के सोलर प्लांट का उद्घाटन उन्होंने किया. यहां के सात तालाबों की खुदाई और सौंदर्यीकरण के समय भी वो यहां आए. लोग बताते हैं कि इस काम में प्रदेश सरकार ने 144 करोड़ रुपये खर्च किए.

आपस में जुड़े हुए सात सुंदर तालाब और कृष्ण के 108 मंदिर यहां एक बढ़िया टूरिस्ट प्लेस की संभावना जगाते हैं. इससे बेरोजगारी की दिक्कत भी कुछ सुलझ सकती है. इस दिशा में किसी ने कुछ नहीं किया, लेकिन तालाबों की हालत सुधरने से लोग खुश हैं. एक भाजपा समर्थक से अखिलेश के काम पर राय मांगी तो वो भी बुराई नहीं कर पाया. यहां प्रचंड बेरोजगारी है. जिन किसानों के पास ट्यूबवेल है सिर्फ वही ठीक से सिंचाई कर पाते हैं. लोगों ने बताया कि सरकारी पानी तीन दिन में एक बार आता है. रेलवे लाइन यहां नहीं है और लोग बस डिपो भी चाहते हैं. बिजली की हालत पहले बहुत बुरी थी, पर अब 14-16 घंटे आने लगी है. सड़कें अच्छी हैं. चरखारी से सूपा के लिए गए तो वहां भी सड़क चौड़ी हो रही थी.

Charkhari caste equations

सूपा गांव में बहुत सारे लोग नोटबंदी से नाराज दिखे. एक ने कहा कि एक तो वैसे ही बेरोजगारी है, ऊपर से नोटबंदी ने कमर तोड़ दी. कस्बे में भी नोटबंदी को बुरा फैसला कहने वाले लोग ज्यादा मिले. एक टेलर ने कहा कि उसकी 15 दिन तक बोहनी नहीं हुई थी. इसलिए बसपा को वोट देगा.

बसपा को दलित, ब्राह्मण, मुसलमान और कुशवाहा मिल जाए और लोधी राजपूत सपा-भाजपा में बंट जाए तो हाथी यहां से जीत सकता है. एक लोकल अखबार का पत्रकार बांह पकड़कर चाय पिलाने ले गया. चरखारी किले के ड्योढ़ी दरवाजे के सामने उसने बताया कि देखिए यहां गणेश जी बैठे हैं और कौन बैठे हैं, माता बैठी हैं. ये देवता यहां बैठवाए गए हैं. बीजेपी वालों ने अपना दफ्तर ड्योढ़ी दरवाजे के अंदर बनवाया है, देखिएगा ये बर्बाद होकर लौटेंगे. माता भवानी का श्राप है. जिसने इस जमीन पर कब्जा करना चाहा, जिसने किले का धन हासिल करना चाहा उसका नाश हो गया.

मैंने पूछा कि फिर जीत कौन रहा है तो बोले, ‘आप मेरा नंबर लिख लो. बसपा जीतेगी.’


बीजेपी की आखिरी विधायक यहां उमा भारती थीं. लोधी राजपूत और ब्राह्मणों के अलावा यहां मुसलमानों ने भी उन्हें वोट दिया था. ये सोचकर कि बड़ी नेता हैं, दिल्ली तक इनकी चलती है, विकास करवाएंगी. लेकिन लोगों ने बताया कि जीतने के बाद वो यहां दिखाई ही नहीं दीं. दो साल बाद ही सांसद बनने झांसी चली गईं.

सपा से सिटिंग विधायक उर्मिला राजपूत हैं जिन्हें कोई विधायक नहीं मानता. सब उनके सजायाफ्ता पति कप्तान सिंह राजपूत का ही नाम लेते हैं. सूपा गांव में लोगों ने लेखपालों के नाम ले-लेकर बताया कि वे काम करवाने के लिए घूस मांगते हैं और कप्तान सिंह राजपूत फोन नहीं उठाते. लोगों का छोड़िए, उनके लोग यहां के लोकल सपा नेताओं का फोन नहीं उठाते.

इस असंतोष का फायदा बसपा को मिल सकता है. कई जगहों पर लोधी राजपूतों ने अभी अपना वोट तय नहीं किया है. गठबंधन में ये सीट सपा को मिली. 27 साल की नफीसा अली से मुलाकात हुई जो कांग्रेस की महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष और प्रदेश सचिव हैं. वो बताती हैं कांग्रेस से टिकट दावेदारों में उनका नाम सबसे ऊपर था, पर गठबंधन हो गया तो अब उर्मिला राजपूत के साथ लगे हैं. उन्होंने ही बताया कि एजुकेशन की हालत यहां बहुत खराब है. सरकारी स्कूल में 200 सीटें हैं, लेकिन 2000 से ज्यादा एप्लीकेशन फॉर्म भरे जाते हैं.


सूपा गांव में नौजवान कृष्ण कुमार राजपूत ने बताया कि यहां अभी वोट किसे देना है, वाली बात शुरू नहीं हुई है. लेकिन ज्यादातर लोग कप्तान सिंह राजपूत के साथ लगे हैं. पर यहां भाजपा और बसपा के वोट भी हैं.

लेखक- कुलदीप कुमार
thelallantop.com
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Sunday, January 29, 2017

ELECTION-2017 : कामयाब रहा अखिलेश-राहुल का रोड शो, हम साइकिल के दो पहिए :अखिलेश, देखें रोड शो के दृश्य...

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का साझा रोड शो किया। दोनों एक ही रथ पर सवार होकर 15 किमी का सफर तय किया। इस दौरान यह तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। पूरा रोड शो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से गुजरा। रोड शो शुरू होने से पहले राहुल और अखिलेश जीपीओ पर पहुंचे। वहां दोनों ने महात्मा गांधी व अंबेडकर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाये। रोड शो जीपीओ गांधी प्रतिमा से चौक चौराहे तक चला । gpo चौराहे से शुरू हुआ रोड शो मेफेयर चौराहा हजरतगंज, नावेल्टी चौराहा लालबाग से कैसरबाग और अमीनाबाद नजीराबाद होते हुए नक्खास से गुजरा जिसमें लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला । इससे पहले गठबंधन के बाद आज पहली बार अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात हुई। लखनऊ में दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाया और एक साथ मंच साझा किया। मंच पर दोनों पार्टियों के कई और दिग्गज भी मौजूद रहे। राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। राहुल ने दावा किया है कि दोनों पार्टी मिलकर 300 से ज्यादा सीटें हासिल करेंगी।


राहुल की स्पीच की 10 बड़ी बातें

1. "मोदी जी कहते हैं- मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूं, मेक इन इंडिया करना चाहता हूं। इनमें नीयत नहीं है, सब घपले हैं। पंजाब में गए सुखबीर बादल के साथ खड़े हो गए। मोदी जी को अपना विरोधाभास नहीं दिखता है, ये फर्क है।"
2. "हम यूपी को बंटने नहीं देंगे, पीछे हटने नहीं देंगे। जहां तक सीटों जैसी छोटी-छोटी बातें हैं, उन पर (सपा से) बात हो जाएगी, समझौता हो जाएगा।"
3. "आपने संगम देखा है गंगा और यमुना एक हो जाती हैं, वैसे ही दोनों पार्टियां (सपा-कांग्रेस) एक होंगी और एकसाथ लड़ेंगी। 300 से ज्यादा सीट मिलेंगी और प्रगति की सरस्वती बहेगी।"
4. "हिंदुस्तान को बचाना है तो हर जाति के लोगों को साथ मिलकर चलना होगा। तोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते।"
5. "मायावती जी और कांशीराम जी की मैं पर्सनली रिस्पेक्ट करता हूं। मायावती जी में और बीजेपी में बहुत बड़ा फर्क है। बीजेपी क्रोध और गुस्सा फैलाती है। उनकी विचारधारा से हिंदुस्तान को खतरा है। मायावती जी की विचारधारा से हिंदुस्तान को कोई खतरा नहीं।"
6. "यूपी के डीएनए में क्रोध-गुस्सा नहीं है, यहां के डीएनए में भाईचारा है, प्रेम है।"
7. "अखिलेश और मेरी दोस्ती है, वो अलग बात है। हम यूपी के युवाओं को एक ऑप्शन देना चाहते हैं। नई तरीके की राजनीति शुरू करना चाहते हैं।"
8. "हम बीजेपी को ये दिखाएंगे कि आप इस देश के लोगों को बांट नहीं सकते, उन्हें सता नहीं सकते। हम यूपी के लोगों की भावनाएं बीजेपी को दिखाएंगे।"
9. "मोदी जी के शब्दों में ये ट्रिपल पी है। इस गठबंधन से पीस (शांति) होगी, प्रॉस्पेरिटी (खुशहाली) बढ़ेगी और यूपी प्रोग्रेस (तरक्की) की राह पर आगे बढ़ेगा।"
10. "अखिलेश के साथ मेरा पर्सनल रिलेशनशिप भी है। मैं खुशी से कह रहा हू्ं ये अब पॉलिटिकल रिलेशन में बदल गया है।"

अखिलेश की स्पीच की 5 बड़ी बातें

1. "कुछ मुद्दे (सपा-कांग्रेस के) कॉमन हैं। किसान, गरीब, युवा, रोजगार हमारे मुद्दे हैं। आने वाले समय में क्या फैसले होंगे इस पर बैठकर बात करेंगे।"
2. मायावती को अलायंस में जगह देने के सवाल पर कहा, "मायावती को गठबंधन में जगह कैसे दे देते। उनको बहुत जगह लगती है। चुनाव चिह्न ही हाथी है।"
3. "सर्दी देख ली, गर्मी देख ली, बरसात देख ली, बीजेपी का घोषणापत्र भी देख लिया। अच्छे दिन देखे किसी ने?"
4. "यूपी को ये साथ पसंद हैं और काम बोलता है नारा हो। ये दोनों नारे मिल जाएं तो सोचिए क्या होगा।"
5. "कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मैं स्वागत करता हूं। लोकसभा में हम साथ-साथ रहे। कई बार कार्यक्रमों मेें मिलने का मौका मिला।"

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद रोड शो

सपा-कांग्रेस की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने रोड शो किया.

राहुल ने कहा- गंगा-यमुना के मिलन से निकलेगी प्रोग्रेस की सरस्वती

राहुल ने कहा कि दिल से आप सबका स्वागत है. उत्तर प्रदेश शब्द में पहला शब्द उत्तर है, ये जो हमारी पार्टनरशिप बनी है, अखिलेश और मेरी, समाजवादी और कांग्रेस की और यूपी की जनता की, ये एक जवाब है. इतिहास में यूपी ने जवाब दिया है. 1857 में कंपनी राज के वक्त यहां फोर्स खड़ी हुईं और जवाब दिया. विरोध, गुस्से, बांटने और कंपनी को हिंदुस्तान का धन देने की राजनीति का जवाब दे रहे हैं. गंगा और यमुना का मिलन हो रहा है, प्रोगेस की सरस्वती निकलेगी.

मोदी पर निशाना

राहुल ने कहा कि ये मोदी जी के शब्दों में तीन पी है- प्रोग्रेस, प्रॉस्पर्टी और पीस. हम क्रोध की राजनीति खत्म करना चाहते हैं.

अखिलेश बोले- मैं और राहुल साइकिल के दो पहिए

अखिलेश ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ केंद्र में भी साथ रहे हैं. ये विकास  का गंठबंधन है, जनता का गठबंधन है. जनता चाहती है कि गठबंधन हो. कांग्रेस के साथ और तेजी से काम होगा. गठबंधन को 300 से ज्यादा सीटें मिलेगीं. लोगों का भरोसा बढ़ेगा और यूपी की जनता को साथ लेकर चलेंगे. हम और राहुल साइकिल के दो पहिए हैं. विपक्षी भाईचारे पर सवाल खड़े कर रहें हैं. आज शुरुआत है. केंद्र की सरकार ने लोगों को लाइन में खड़ा कर दिया है. तकलीफ में लोगों को लाने वाले जीत के दावे कर रहे हैं. राहुल और मैं देश को खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर ले जाएंगे और प्रदेश को भी.

5 साल चलाएंगे सरकार: अखिलेश

'27 साल यूपी बेहाल' के नारे का क्या होगा? इस सवाल पर राहुल ने कहा कि अखिलेश का काम अच्छा है. हम मिलकर लड़ेंगे. यहां हमारी गठबंधन, युवाओं की सरकार आएगी. वहीं जब राहुल से पूछा गया कि इसमें कितनी सच्चाई है कि गठबंधन सपा से नहीं अखिलेश यादव से किया है और आपको इसका इंतजार था, इसी वजह से चुनाव आयोग में कपिल सिब्बल ने अखिलेश का पक्ष लड़ा. राहुल ने कहा कि हम युवाओं को नई तरह की राजनीति देना चाहते हैं. हमारी विचारधाराओं में समानता है. हम इसी के साथ चुनाव लड़ना चाहते हैं. आरएसएस और बीजेपी क्रोध  की राजनीति फैला रहे हैं, उनका जनता नकार दे. अखिलेश ने कहा कि हम दोनों मिलकर 5 साल सरकार चलाएंगे.

2019 में राहुल को पीएम के लिए प्रोजेक्ट करेंगे?

राहुल चुप रहे. वहीं, इस सवाल के जवाब में अखिलेश बोले- आपको जल्दीबाजी नहीं होने चाहिए. अखिलेश एक तरह से सवाल टाल गए.

प्रियंका गांधी के बारे में

राहुल बोले- प्रियंका ने मेरी मदद की है, वो मुझे मदद करती हैं और करती रहेंगी. चुनाव में प्रचार के बार में प्रियंका फैसला लेंगी.

राहुल अखिलेश की सरकार को क्या रेटिंग? और अखिलेश मनमोहन की सरकार के बारे में क्या कहेंगे?
इस पर राहुल ने कुछ नहीं कहा. अखिलेश ने माइक संभालेते हुए कहा- हम आने वाले पांच साल की बात कर रहे हैं. दोनों मिलकर अच्छे चलाएंगे.

किसने की गठबंधन पर पहल? रायबरेली-अमेठी से कौन लड़ेगा?

अखिलेश- सब कुछ आज ही बता देंगे तो लिखने का मसाला कैसे बचेगा?
राहुल- ये कोई सेंट्रल इश्यू नहीं है. ये सवाल नहीं है कि रायबरेली-अमेठी पर कांग्रेस कितने सीटों पर लड़ेगी. हम यूपी को बदलने जा रहे हैं, ये गठबंधन उसके लिए है. बता दें कि रायबरेली-अमेठी में 10 विधानसभा सीटें हैं.

मायावती पर नरम

राहुल ने कहा- मैं मायावती जी की इज्जत करता हूं. कांशीराम की भी इज्जत करता हूं, उन्होंने गलतियां की पर उनकी इज्जत करता हूं. मायावती और बीजेपी में बहुत बड़ा फर्क है. बीजेपी क्रोध फैलाती है, गुस्सा फैलाती है, उनकी विचारधारा से हिंदुस्तान को खतरा है. मायावती की विचारधारा से देश को कोई खतरा नहीं है. आप इन दोनों में तुलना नहीं कीजिए.

बीजेपी नेता ने कहा- एक भ्रष्टाचारी, दूसरा गुंडाचारी
अखिलेश और राहुल के साथ आने पर बीजेपी नेता ने ऐसा बयान दिया है जिस पर विवाद हो सकता है. मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा- क्या यूपी को ये गठबंध नपसंद आएगा? एक इसमें भ्रष्टाचारी है तो दूसरा गुंडाचारी.

'हमारी नीयत साफ है'
राहुल ने कहा कि अखिलेश की सोच सही रही. हम उस सोच को बल देना चाहते हैं. अखिलेश की नीयत साफ है. राजनीति साफ नीयत से होती है. मेरी नीयत अच्छी है. मोदीजी की नीयत खराब है. वो भ्रष्टाचार की बात करते हैं और पंजाब में सुखबीर सिंह बादल के लिए वोट मांगते हैं.

गठबंधन का नारा- यूपी को ये साथ पसंद है...

राहुल और अखिलेश यादव पहली बार एक साथ दिखाई दिए हैं. राहुल और अखिलेश साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद रोड शो भी करेंगे. इस गठबंधन के लिए नारा दिया गया है...'यूपी को ये साथ पसंद है, साइकिल और ये हाथ पसंद है, तरक्की की ये बात पसंद है.'

पंजाब छोड़कर यूपी आए हैं राहुल

इस नारे के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्तर प्रदेश के चुनावी दंगल में उतर चुकी है. गौरतलब है कि राहुल गांधी ने पंजाब के अपने दौरे को छोड़कर यूपी का रुख किया है. राहुल को 29 जनवरी को पंजाब के लांबी में एक चुनावी रैली को संबोधित करना था, लेकिन अब वह लखनऊ कूच कर गए हैं. लांबी की रैली अब 2 फरवरी को होगी.
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस यूपी के चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरना चाहती है और कहीं ना कहीं 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 2017 विधानसभा चुनाव को एक सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है.
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Sunday, January 22, 2017

अखिलेश यादव ने जारी किया समाजवादी पार्टी का ‘घोषणा पत्र’, पढ़े पूरा घोषणा पत्र...

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार 22 जनवरी को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र को जारी किया। इस सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यक्रम का संबोधन भी किया। खास बात तो से है कि अखिलेश यादव ने बिना मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव की मौजदगी में जारी किया घोषणा पत्र. अखिलेश यादव के घोषणा पत्र की मुख्य बातें ये रहीं।

समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र:
रविवार 22 जनवरी को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया।
इस घोषणा पत्र में अखिलेश यादव ने महिलाओं, किसानों और बच्चों को विशेष स्थान दिया है।
समाजवादी घोषणा पत्र के तहत अखिलेश यादव ने ये घोषणाएं की।
घोषणा पत्र में किसानों के लिए समाजवादी किसान कोष की व्यवस्था का वादा।
बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ड ऐज होम की व्यवस्था का वादा।
महिलाओं को रोडवेज में आधा किराया देने का वादा किया।
निर्बल आय वर्ग को मुफ्त इलाज की सुविधा का वादा।
सूबे के तीन शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट का वादा।
यह तीन शहर आगरा, कानपुर और मेरठ होंगे।
इसके साथ ही लखनऊ एयरपोर्ट पर एयर एम्बुलेंस का वादा भी घोषणा पत्र में शामिल है।
किसानों के लिए फार्मर फण्ड की सुविधा का वादा।
शहरों की ट्रैफिक समस्या को खत्म करने का वादा किया।
गाँव-गाँव में जानवरों के लिए एम्बुलेंस भेजने की सुविधा।
जनपद मुख्यालयों को 4 लेन से जोड़ने का वादा।
प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए घी और दूध पाउडर देना का वादा।
1 करोड़ लोगों को 1000 रुपये की पेंशन देने का वादा भी शामिल।
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Friday, January 20, 2017

UP Election 2017 : भाजपा पर भारी 2017, UP में अखिलेश जीतेंगे!

नई दिल्ली: देश के प्रमुख ज्योतिषाचार्य डा. अजय भांबी जिन्होंने फिल्म ‘कुली’ में अमिताभ बच्चन को लगी घातक चोट के बाद उनके फिल्म जगत में पुन: उभर कर आगे आने, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी तथा पाक की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या की भविष्यवाणियां की थीं, ने अब कहा है कि भारत की कुंडली वृष लग्न की है। 8 फरवरी तक देश को चंद्रमा में मंगल तथा उसके बाद चंद्रमा में राहू की अंतर्दशा चलेगी जिसे देखते हुए देश के लोगों में संदेह का माहौल देखा जाएगा।

वित्तीय संकट के कारण समाज में असंतोष बढ़ेगा। चंद्रमा तीसरे घर में है। चंद्रमा युवा लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। 2017 में युवा वर्ग में जागृति पैदा होगी तथा वह पुन: अन्ना हजारे जैसा कोई आंदोलन चला सकते हैं जिसकी छाया 2018 में भी पड़ेगी। इस आंदोलन के बीज 2017 में बो दिए जाएंगे। केंद्र की मोदी सरकार नौजवानों के सहयोग से सत्ता में आई थी परंतु नौजवानों के लिए वह कुछ नहीं कर सकी। अजय भांबी ने यह भविष्यवाणियां पार्लियामैंटेरियन पत्रिका में लिखे एक लेख में की हैं।

अमित शाह : अमित शाह की कुंडली का विशेषण चंद्र कुंडली के हिसाब से किया जाना बेहतर होगा। चंद्रमा नीच राशि में है तथा मंगल चौथे घर में नीच राशि में है। चंद्रमा तथा मंगल के बीच नीच भंग राजयोग बन रहा है। इसीलिए अमित शाह ने जीवन में इतनी अधिक तरक्की की। सूर्य भी सातवें घर में नीच राशि में है जिससे पता चलता है कि वह दृढ़ इच्छा शक्ति वाले व्यक्ति हैं। 2017 में अमित शाह की लीडरशिप पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म लग्न वृश्चिक है तथा लग्न में नीच राशि का चंद्रमा मंगल के साथ बैठा है जिस कारण नीच भंग राजयोग बन रहा है। यही उन्हें प्रधानमंत्री की पदवी तक लेकर आया है परन्तु यही मंगल नवांश कुंडली में नीच राशि का बैठा हुआ है जिससे मंगल कमजोर हो गया है। इसीलिए मोदी ने नोटबंदी को लेकर भारी जोखिम उठाया। मोदी का राष्ट्रीय राजनीति में उभार 2009 में शुरू हुआ जब उन्हें चंद्रमा की महादशा शुरू हुई। मंगल ने अपनी ताकत चंद्रमा को दी हुई है। मंगल की कमजोरी के कारण मोदी अपने प्रोजैक्टों को पूरा नहीं कर पाते हैं। वह एक प्रोजैक्ट के बाद दूसरे प्रोजैक्ट को पकड़ लेते हैं जबकि पहला प्रोजैक्ट अधूरा ही रह जाता है। चाहे वह स्वच्छ भारत अभियान हो, मेक इन इंडिया या बुलेट ट्रेन या स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट हो। चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा 1 दिसम्बर, 2015 से 2 जुलाई, 2017 तक चलनी है। मोदी शनि की साढ़ेसती से भी गुजर रहे हैं इसीलिए इस समय उन्होंने जोखिमपूर्ण नोटबंदी का फैसला ले लिया। शनि उन्हें धीमी रफ्तार से चलने की सलाह दे रहा है जबकि चंद्रमा उन्हें तेजी की तरफ ले जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी : भाजपा का लग्न मिथुन है तथा उसे सूर्य महादशा चल रही है। सूर्य दशम घर में है जोकि सत्ता को इंगित करता है। पार्टी की कुंडली के तीसरे घर में 4 ग्रह बैठे हुए हैं जबकि तीसरे घर का मालिक छठे में है। तीसरा घर पराक्रम का होता है। सूर्य दशा में ऐसा लगता है कि भाजपा अपनी मौजूदा स्थिति से नीचे गिरेगी। भाजपा नेता यह समझेंगे कि उनकी ताकत बढ़ रही है परंतु वह औंधे मुंह गिरेंगे। सूर्य तथा बुध का समय 6 जून, 2016 से 13 अप्रैल, 2017 तक चलना है। बुध नौवें घर में है परंतु वह नीच राशि के साथ-साथ केतु से ग्रसित है। इसलिए बुध भाजपा की लोकप्रियता को नीचे ले आएगा। उसके बाद सूर्य में केतु की अंतर्दशा 13 अप्रैल, 2017 से 19 अक्तूबर, 2017 तक रहेगी। यह समय भी भाजपा व उसके नेताओं के लिए हालात को खराब करेगा। पार्टी के भीतर मोदी की लीडरशिप को चुनौती मिलेगी। मोदी प्रधानमंत्री बने रहेंगे परंतु उनके खिलाफ बगावती सुर तेज हो जाएंगे।

कांग्रेस : कांग्रेस का जन्म लग्न मकर है। अब उसे बुध का समय 2 मई, 2017 तक चलना है। उसके बाद बृहस्पति में केतु की अंतर्दशा वर्षांत तक चलेगी इसलिए 2017 में कांग्रेस में उभार आएगा। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का स्वास्थ्य ङ्क्षचता का विषय रहेगा। आने वाले महीनों में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अहम भूमिका अदा करेंगे। अप्रैल के बाद पार्टी में उनकी बड़ी भूमिका रहेगी। अंतत: राहुल पार्टी के सुप्रीम नेता बन जाएंगे। 2017 में कांग्रेस अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा हासिल कर लेगी। दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल की कुंडली में शनि के कारण नीच भंग राजयोग बन रहा है। उनका असली समय 2019 में शुरू होना है। 2018 तक वह अपनी गलतियों से सबक लेंगे। आने वाले महीनों में राहुल गांधी की कुंडली मुलायम व उनके पुत्र से मैच करती है। नोटबंदी कांग्रेस तथा मायावती के लिए फायदेमंद सिद्ध होगी। उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए समाजवादी पार्टी आगे उभर कर आएगी। मायावती की स्थिति भी मजबूत रहेगी। कुल मिलाकर अखिलेश जीतेंगे। कांग्रेस के अच्छे दिनों की शुरुआत होगी।
साभार - पंजाब केसरी
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Wednesday, January 4, 2017

Elections2017 Live : बजा चुनावी बिगुल, यूपी में आज से ‘आदर्श आचार संहिता’ लागू!, नतीजे 11 मार्च को, जानिए किस राज्य में किस तारीख को होगी वोटिंग..

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में चुनाव तारीखों का एलान कर रहा है। उत्तर प्रदेश में सात फेज में वोटिंग होगी। यहां पहले फेज की वोटिंग 11 फरवरी को होगी। गोवा-पंजाब में 4 फरवरी और उत्तराखंड में 15 फरवरी को वोटिंग होगी। मणिपुर में पहले फेज में 38 सीट के लिए 4 मार्च को चुनाव होंगे। दूसरे फेज में चुनाव 8 मार्च को होंगे। उत्तर प्रदेश में सात फेज में वोटिंग कराई जाएगी। पांच राज्य के चुनावों के नतीजों का एलान 11 मार्च को एक साथ किया जाएगा।

12:35 PM:यूपी में इलेक्शन 7 फेज में होगा

- पहला फेज: 73 सीट के लिए। इसमें 15 जिले शामिल हैं। 11 फरवरी को वोटिंग होगी।
- दूसरा फेज: 68 सीट के लिए। 11 जिले शामिल हैं। 15 फरवरी को वोटिंग होगी।
- तीसरा फेज : 69 सीट के लिए। 12 जिले शामिल हैं। 19 फरवरी को वोटिंग होगी।
- चार फेज : 53 सीट के लिए। 12 जिले शामिल हैं। 23 फरवरी को वोटिंग होगी।
- पांच फेज : 52 सीट के लिए। 11 जिले शामिल हैं। 27 फरवरी को वोटिंग होगी।
- छह फेज : 49 सीट के लिए। 7 जिले शामिल हैं। 4 मार्च को वोटिंग होगी।
- सात फेज : 40 सीट के लिए। 7 जिले शामिल हैं। 8 मार्च को वोटिंग होगी।

  • 12:32 PM:मणिपुर में पहले फेज में 38 सीट के लिए 4 मार्च को चुनाव होंगे। दूसरे फेज में चुनाव 8 मार्च को होंगे।
  • 12:30 PM:उत्तराखंड: 70 असेंबली में एक साथ होगा। नोटिफिकेशन 20 जनवरी को होगा। नॉमिनेशन विद्ड्रॉल की तारीख 30 जनवरी तक रहेगी। इलेक्शन 15 फरवरी को होगा।
  • 12:25 PM:पंजाब में चुनाव 4 फरवरी को होंगे।
  • 12:24 PM:गोवा: नोटिफिकेशन 11 जनवरी, नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 18 जनवरी, नॉमिनेशन की स्क्रूटनी 19 जनवरी
  • - गोवा में चुनाव 4 फरवरी को होंगे।
  • 12:24 PM: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर पर रोक रहेगी।
  • - चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्रियों पर प्रतिबंध होगा।
  • - कुछ जगहों पर महिलाओं के लिए अलग से पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे।
  • - उम्मीदवारों को नॉमिनेशन पेपर पर फोटो लगाना होगा और उनको भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • - चुनाव आयोग की इस बार अनूठी पहल। डिफेंस, पैरा मिलिट्री फोर्सेस में तैनात जवान इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलट से डाल सकेंगे वोट।
  • 12:20 PM:कैंडिडेंट्स के खर्चे की लिमिट यह की गई है। यह यूपी, पंजाब और उत्तराखंड के लिए 28 लाख रुपए और मणिपुर और गोवा के लिए 20 लाख रुपए रहेगी।
  • - 20 हजार से ज्यादा का खर्च चेक से करना होगा।
  • - कैंडिडेट्स को 20 हजार से ज्यादा का खर्च चेक से करना होगा।
  • - कैंडिडेट्स को बैंक में अकाउंट जरूरी होगा और चंदे को यहां जमा कराना होगा।
  • 12:15 PM:1 लाख 85 हजार पॉलिंग बूथ बनाए गए हैं।
  • - रंगीन वोटर गाइड सभी वोटर्स को दिए जाएंगे।
  • - आयोग ने इन सभी राज्यों में अवरनेस प्रोग्राम शुरू किया है।
  • - गोवा में वोट करने के बाद वोटर यह जान पाएगा कि किसे वोट गया है।
  • 12:10 PM:गोपनीयता बनाए रखने के लिए 30 इंच ऊंची स्टील और दूसरे सामानों से बनी छोटी केबिन का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • 12:03 PM: चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है।

 

मार्च में पूरा होगा 4 राज्यों का टेन्योर

- यूपी को छोड़कर बाकी राज्यों की असेंबली का टेन्योर मार्च, 2017 में पूरा हो रहा है।
- बता दें कि, अखिलेश यादव ने 15 मार्च, 2012 को सीएम पद की शपथ ली थी। यूपी असेंबली का टेन्योर 27 मई तक है।

और विस्तार सें...
  • सातवें चरण में 7 जिलों की 40 विधानसभा सीटों पर मतदान
  • 8 मार्च को यूपी में होगा अंतिम और सातवें दौर का मतदान
  • छठें चरण में 7 जिलों की 49 विधानसभा सीटों पर होगा मतदान
  • यूपी में 4 मार्च को होगा छठें दौर का मतदान
  • 11 जिलों की 52 विधानसभा सीटों पर पांचवें चरण में वोटिंग
  • पांचवें चरण का चुनाव 27 फरवरी को होगा
  • चौथे चरण में 12 जिलों में 63 विधानसभा सीटों पर डाले जाएंगे वोट
  • यूपी में चौथे चरण का मतदान 23 फरवरी को होगा
  • तीसरे चरण में 12 जिलों की 69 विधानसभा सीटों पर डाले जाएंगे वोट
  • यूपी में 19 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान
  • दूसरे चरण में 11 जिलों की 67 विधानसभा सीटों पर चुनाव
  • यूपी में दूसरे चरण में 15 फरवरी को वोट डाले जाएंगे
  • पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में चुनाव
  • यूपी में पहले चरण का मतदान 11 फरवरी को होगा
  • उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में होगा विधानसभा चुनाव
  • मणिपुर में दो चरणों में होंगे चुनाव, 4 और 8 फरवरी को डाले जाएंगे वोट
  • उत्तराखंड में भी एक ही चरण में चुनाव, 15 फरवरी को होगा मतदान
  • पंजाब में भी एक ही चरण में चुनाव, 4 फरवरी को डाले जाएंगे वोट
  • गोवा में नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 21 जनवरी, चार फरवरी को होगा मतदान
  • गोवा में 11 जनवरी को चुनाव की अधिसूचना और नामांकन की अंतिम तारीख 18 जनवरी
  • गोवा में एक चरण में ही होगा मतदान
  • प्रत्‍याशियों को 20 हजार रुपए के ऊपर के सारे भुगतान चेक के जरिए करने होंगे
  • चुनाव प्रचार के लिए रात 10 बजे के बाद लाउडस्‍पीकर नहीं बजेगा
  • पांच राज्‍यों में चुनावों के दौरान पेड न्‍यूज पर चुनाव आयोग रखेगा नजर
  • चुनाव लड़ने वाले प्रत्‍याशियों को बैंक में अलग से खोलना होगा खाता और देना होगा खर्च का ब्‍यौरा
  • उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्‍तराखंड में प्रत्‍याशी सिर्फ 28 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे
  • मणिपुर और गोवा में प्रत्‍याशी सिर्फ 20 लाख रुपए खर्च कर पाएंगे
  • पांच राज्‍यों में आचार संहिता तत्‍काल प्रभाव से लागू हो गई है
  • पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनावों के दौरान 1.85 लाख पोलिंग बूथ पर होगा मतदान
  • हर पोलिंग स्‍टेशन पर चस्‍पा होंगे चार पोस्‍टर, जिसमें लिखें होंगे मतदान संबंधित निर्देश
  • देश के कुछ हिस्सों में महिलाओं के लिए अलग पोलिंग बूथ होगा।
  • हर पोलिंग बूथ के बाहर वोटर असिस्टेंट बूथ होगा जो मतदाताओं की दिक्कतों का समाधान करेगा।
  • पांच विधानसभा चुनावों में करीब 16 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान
  • इनमें से 133 सीटें एससी वर्ग के सुरक्षित हैं, जबकि एसटी के लिए 23 सीटें सुरक्षित हैं
  • पांच राज्यों की में 690 विधानसभी सीटों पर होगा चुनाव
  • मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने किया चुनाव की तारीखों का ऐलान
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ELECTION-2017: यूपी की जनता के लिए खास: जानिए एक क्लिक पर आपके जिले में कब हैं चुनाव

ELECTION-2017- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है. सात फेज में होने वाले इस चुनाव की शुरुआत पश्चिम उत्तर प्रदेश से होगी, यहां से रूहेल खंड और बुंदेलखंड होते हुए चुनाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचेगा और 8 मार्च को सातवें फेज की पोलिंग के साथ चुनाव खत्म हो जाएगा. जानिए चुनाव आयोग ने आपके जिले को किस फेज में रखा है और यहां कब चुनाव होना है.

 Uttar Pradesh (Total Seats: 403)
PhaseDate of PollingConstituencies
Phase I11 February 201773 (15 districts)
Phase II15 February 201767 (11 districts)
Phase III19 February 201769 (12 districts)
Phase IV23 February 201753 (12 districts)
Phase V27 February 201752 (11 districts)
Phase VI4 March 201749 (7 districts)
Phase VII8 March 201740 (7 districts)
Punjab (Total seats: 117)
PhaseDate of PollingConstituencies
Single Phase4 February 2017117












Uttarakhand (Total seats: 70)
PhaseDate of PollingConstituencies
Phase I15 February 201770












Manipur (Total seats: 60)
PhaseDate of PollingConstituencies
Phase I4 March 201738
Phase II8 March 201722









Goa (Total seats: 40)
PhaseDate of PollingConstituencies
Phase I4 February40














11 फरवरी को फेज 1 में 15 जिलों की 73 सीटों पर होगा चुनाव

शामली, कैराना, थाना भवन, शामली, मुजफ्फरनगर, बुढ़वाना, चरथावल, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, खतौली,, मीरापुर, बागपत, छपरौली, बड़ौत, बागपत, मेरठ, सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर, किठोर, मेरठ कैट, मेरठ .मेरठ साउथ, गाजियाबाद, लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदी नगर, गौतमबुद्धनगर, नोएडा, दादरी, जेवर, हापुड़, धौलाना, हापुड़. गढ़मुक्तेश्वर, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, देबाई, शिकारपुर, खुर्जा, अलीगढ़, खैर, बरौली, अतरौली, छर्रा, कोइल, अलीगढ़, इगलास,मथुरा, छातामांट,गोवर्धन, मथुरा, बलदेव, हाथरस,  सादाबाद, सिकंदर राव, आगरा, एतमादपुर, आगरा कैंट , आगरा साउथ, गरा नॉर्थ, आगरा रूरल, फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़, फतेहाबाद, बाह, फिरोजाबाद, टूंडला, जसराना, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, सिरसागंज, एटा, अलीगंज, एटा, मरहरा, जलेसर, कासगंज, कासगंज, अमनपुर, पटियाली

15 फरवरी को फेज 2 में 11 जिलों की 67 सीटों पर होगा चुनाव

सहारनपुर, बेहट, नकुर, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर मनिहारन, गंगोह, बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, बरहापुर, धामपुर, नेहतौर, बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर, मुरादाबाद, कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद रूरल, मुरादाबाद नगर, कुंडरकी, बिलारी, संभल, चंदौसी, असमोली, संभल, गुन्नौर, रामपुर, सुआर, चमरउवा, बिलासपुर, रामपुर, मिलक,बरेली, बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, भिठारी चैनपुर, बरेली, बरेली कैंट, आंवला, अमरोहा, धनौरा, नौगावां सादत, अमरोहा, हसनपुर, पीलीभीत, बरखेड़ा, पूरनपुर, बिसालपुर, खीरी, पलिया, निघासन, गोला गोकर्णनाथ, श्रीनगर, धौरहरा, लखीमपुर, कास्ता, मोहम्मदी, शाहजहांपुर, कटरा, जलालाबाद, तिलहर, पुवायां, शाहजहांपुर, ददरौल, बदायू, बिसौली, सहसवां, बिलसी, बदायूं, शेखूपुर, दातागंज

19 फरवरी को फेज 3 में 12 जिलों की 69 सीटों पर होगा चुनाव

फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कानपुर देहात,कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर

23 फरवरी को फेज 4 में 12 जिलों की 53 सीटों पर चुनाव

प्रतापगढ़, कौशाम्बी, इलाहाबाद, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा,चित्रकूट, फतेहपुर, रायबरेली

27 फरवरी को फेज 5 में 11 जिलों की 52 सीटों पर चुनाव

बलरामपुर, गोंडा,फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, अमेठी, सुलतानपुर

4 मार्च को फेज 6 में 7 जिलों की 49 सीटों पर होंगे चुनाव

महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया

8 मार्च को फेज 7 में सात जिलों की 40 सीटों पर होगा चुनाव

गाजीपुर, वाराणसी,चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, जौनपुर

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