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Saturday, February 18, 2017

बुन्देलखंड : यहां सपा की दादी का मुकाबला भाजपा के नाती से...

ELECTION-2017 : सौंदर्य की बात बाद में, पहले बात माफिया की. चरखारी के पास कबरई में देश की बड़ी क्रेशर मंडी है, जहां पत्थर काटे जाते हैं. यहां छोटे छोटे पहाड़ हैं. पहाड़ पत्थरों का खजाना होते हैं. पत्थरों से पैसा मिलता है. पैसे से ताकत मिलती है. इसलिए यहां माफिया सक्रिय हैं. लाइसेंस हो न हो, बहुत सारे घरों में असलहा है. सूपा गांव में एक लड़के ने कहा, ‘यहां वो वारो हिसाब है. तुम्हाए पास राइफल तो हमाए पास 12 बोर. जे बुंदेलखंड के पानी कौ असर है.’

महोबा जिले का सुंदर कस्बा है चरखारी. यहां पहले रियासत थी. आपस में जुड़े बरसों पुराने सात तालाब हैं. उनके पसमंजर में एक 300 फुट ऊंचा पहाड़ है, जिस पर पुराना किला बना हुआ है. इस किले पर सेना का नियंत्रण है और यहां आम आदमी को जाने की इजाजत नहीं है. चरखारी में ये अफवाह खूब उड़ती है कि किले में खजाना गड़ा हुआ है.

चरखारी का इतिहास (बुन्देलखंड का कश्मीर)

चंदेलों की राजशाही के सैकड़ों साल बाद की बात है. बताते हैं कि राजा छत्रसाल के बेटे जगतराज को चरखारी के पुराने मुंडिया पहाड़ पर चंदेलों का सोने के सिक्कों से भरा कलश मिला. ये कलश राजा परमाल का था जो पृथ्वीराज चौहान से हारने के बाद महोबा से कालिंजर चले गए थे और इसी दौरान उन्होंने इसे चरखारी में छिपा दिया था. जब जगतराज को ये कलश मिला तो पिता छत्रसाल ने कहा कि बेटा इससे दान पुण्य करो. तब जगतराज ने इसी धन से बीस हजार कन्यादान कराए, 22 बड़े-बड़े तालाब बनवाए, चंदेलकालीन मंदिरों और तालाबों को दुरुस्त करवाया. जमीन से 300 फुट की ऊंचाई पर एक बड़ा किला बनवाया. इसमें तीन दरवाजे बनवाए. सूपा, ड्योढ़ी और हाथी चिघाड़.

लेकिन इस किले में आम आदमी नहीं जा सकता. यहां सालों से सेना का नियंत्रण है. किले के अंदर बड़े-बड़े गोदाम बने हुए हैं जिसमें अनाज भरा रहता था और सालों तक खराब नहीं होता था. लोगों ने ही बताया कि उसी समय से चरखारी की सीवेज व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि कितनी भी बारिश हो यहां पानी नहीं ठहरता. आधुनिक समय के विधायकों से अच्छा सीवेज तो राजा ने बनवा दिया था.

    यूपी के पहले मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत जब चरखारी आए थे तो यहां की सुंदरता देखकर इसे बुंदेलखंड का कश्मीर कह गए थे. चरखारी उन्हें इतना प्रिय था कि आजादी के बाद रियासतों के विलय के समय जब चरखारी की अवाम ने मध्य प्रदेश में विलय के पक्ष में फैसला दिया तो पंत अड़ गए. उन्होंने तुरंत चरखारी के नेताओं को बुलाया, महाराज चरखारी से बात की और चरखारी को यूपी में बनाए रखा.

390 गांवों वाली चरखारी विधानसभा सीट कई वजहों से चर्चित है. यहां 5 साल में चौथी बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.

बीजेपी में वापसी के बाद उमा भारती 2012 का विधानसभा चुनाव यहीं आकर लड़ी थीं और लोध राजपूत बहुल सीट से 25 हजार से ज्यादा के अंतर से जीती थीं. 2014 में ही वो लोकसभा से दिल्ली चली गईं तो उपचुनाव में सपा के लोध नेता कप्तान सिंह राजपूत जीत गए. लेकिन कप्तान पर 12 साल पुराना मर्डर केसा था, जिसमें जालौन की एक अदालत ने उन्हें दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुना दी. कुछ महीनों में ही उनकी विधायकी चली गई और 2015 में यहां फिर चुनाव हुए. सपा ने कप्तान की पत्नी उर्मिला राजपूत को टिकट दिया. लोग बताते हैं कि वो सिंदूर लेकर समर्थन मांगने उतरीं और सहानुभूति की लहर में जीत भी गईं.

उर्मिला राजपूत इस बार सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लड़ रही हैं. उनका मुकाबला उनके रिश्ते में नाती लगने वाले बीजेपी के ब्रजभूषण राजपूत से है. सपाई दादी और भाजपाई नाती दोनों का परिवार उरई के बम्हौरी का रहने वाला है. चरखारी में ज्यादातर बाहरी लोग आकर ही चुनाव लड़ते और जीतते हैं. चरखारी की पीड़ा यही है कि यहां से लोग जीतकर उरई, जालौन और झांसी जाकर क्यों बैठ जाते हैं.


ब्रजभूषण हमीरपुर से तीन बार सांसद रहे गंगाचरण राजपूत के बड़े बेटे हैं. गंगाचरण पहली बार 1989 में जनता पार्टी से सांसद बने, फिर 96 और 98 में बीजेपी से. 2004 में वो कांग्रेस में चले गए. इसी साल जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री का पद ठुकरा दिया तो स्वामीभक्ति में उन्होंने मैडम के घर के बाहर अपनी कनपटी पर पिस्तौल लगा ली. फिर यूपी में कांग्रेस को डूबता देखकर वो 2009 में बसपाई हो गए. 2014 में मोदी लहर देख उनका मन फिर मचल गया और अगले साल उन्होंने भगवा पटका पहन लिया. इसी साल उनके छोटे बेटे अखिल राजपूत चरखारी से उपचुनाव लड़े और उर्मिला राजपूत से हार गए. अब बड़े लड़के ब्रजभूषण लड़ रहे हैं.

‘बाहरी’ का मुद्दा यहां इस बार नजर आता है. इसलिए चरखारी से होने का दावा ठोंकते हुए बसपा के जितेंद्र कुमार मिश्रा मैदान में हैं. बसपा आखिरी बार 2007 में यहां से जीती थी. जितेंद्र मिश्रा इससे पहले सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष थे. कार्यकाल खत्म हुआ तो राइट टाइम पर बसपा में आ गए. कस्बे के बाजार में किसी ने कहा, ‘हाथी पर जब बाभन सवार होता है तो कुछ भी हो सकता है.’

सपा और बीजेपी से लोधी राजपूत कैंडिडेट हैं. दोनों मजबूत हैं. बीजेपी दफ्तर में लोगों ने दावा किया कि 70 हजार लोधी वोटों में से 80 परसेंट उनके साथ है. लेकिन इलाके में घूमने पर ऐसा लगता नहीं है. किसके पास ज्यादा जाएगा, इस पर यहां के पुराने लोग भी विश्वस्त नहीं हैं. चरखारी कस्बे में कई ‘एलआर’ बीजेपी के पक्ष में दिखे. सूपा गांव में ज्यादातर सपा के पक्ष में थे. सूपा में ही एक नौजवान वकील साहब ने सबको गरियाया. लेकिन गांव के एक नौजवान ने जब नरेंद्र मोदी को कुछ कहा तो भड़क गए. कहने लगे, किसी भाजपाई को कुछ भी कह लो पर मोदी को कुछ न कहना.

दलितों में यहां जाटव, अहिरवार और वाल्मीकि हर हाल में बसपा के साथ है. लेकिन बीजेपी के चुनावी दफ्तर में ब्रजभूषण राजपूत के चचेरे भाई पुनीत राजपूत दावा करते हैं कि पासवान उनके साथ है. सिद्धगोपाल साहू महोबा के पुराने सपा नेता हैं. यहां माइनिंग का उनका काफी काम है. उनके असर से साहू वोट भी सपा को मिल सकता है. लेकिन भाजपा दफ्तर में एक कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘हम तो इनके नाम पर वोट मांग रहे हैं. ये भी तो वही हैं. गुजरात में मोदी हो जाता है. यहां साहू है.’

30 हजार कुशवाहा वोट निर्णायक हो सकता है जो बसपा के साथ भी जा सकता है. लेकिन बीजेपी भी केशव प्रसाद मौर्य की तस्वीर दिखा रही है. भाजपा दफ्तर में ब्राह्मण वोटरों पर सवाल किया तो एक किस्म का अविश्वास बॉडी लैंग्वेज में दिखा. कस्बे के बाजार में भी लोगों ने कहा कि ब्राह्मण इस बार ब्राह्मण के साथ, यानी बसपा कैंडिडेट जितेंद्र मिश्रा के साथ जा रहा है. 16 हजार मुसलमान हैं, जो ऐसा लगता है कि बसपा के साथ ज्यादा जाएंगे. चरखारी कस्बे में खान साहब की टेलर की दुकान पर बात करने गया तो बोले अंदर आ जाओ. उन्होंने धीमे से कहा कि अखिलेश यादव को पसंद करता हूं, सरकार उनकी बनेगी. लेकिन इस बार कप्तान को वोट नहीं करूंगा. वो आदमी जीतकर बाहर चला जाता है. जो मुसलमान उसे वोट करेगा वो सिर्फ अखिलेश के नाम पर करेगा.

    अखिलेश यादव की बात यहां लोग ज्यादा इसलिए भी करते हैं क्योंकि वो मुख्यमंत्री रहते हुए दो बार यहां आ चुके हैं. पिछले साल पनवाड़ी विकासखंड के गांव कनकुआं में 50 मेगावाट के सोलर प्लांट का उद्घाटन उन्होंने किया. यहां के सात तालाबों की खुदाई और सौंदर्यीकरण के समय भी वो यहां आए. लोग बताते हैं कि इस काम में प्रदेश सरकार ने 144 करोड़ रुपये खर्च किए.

आपस में जुड़े हुए सात सुंदर तालाब और कृष्ण के 108 मंदिर यहां एक बढ़िया टूरिस्ट प्लेस की संभावना जगाते हैं. इससे बेरोजगारी की दिक्कत भी कुछ सुलझ सकती है. इस दिशा में किसी ने कुछ नहीं किया, लेकिन तालाबों की हालत सुधरने से लोग खुश हैं. एक भाजपा समर्थक से अखिलेश के काम पर राय मांगी तो वो भी बुराई नहीं कर पाया. यहां प्रचंड बेरोजगारी है. जिन किसानों के पास ट्यूबवेल है सिर्फ वही ठीक से सिंचाई कर पाते हैं. लोगों ने बताया कि सरकारी पानी तीन दिन में एक बार आता है. रेलवे लाइन यहां नहीं है और लोग बस डिपो भी चाहते हैं. बिजली की हालत पहले बहुत बुरी थी, पर अब 14-16 घंटे आने लगी है. सड़कें अच्छी हैं. चरखारी से सूपा के लिए गए तो वहां भी सड़क चौड़ी हो रही थी.

Charkhari caste equations

सूपा गांव में बहुत सारे लोग नोटबंदी से नाराज दिखे. एक ने कहा कि एक तो वैसे ही बेरोजगारी है, ऊपर से नोटबंदी ने कमर तोड़ दी. कस्बे में भी नोटबंदी को बुरा फैसला कहने वाले लोग ज्यादा मिले. एक टेलर ने कहा कि उसकी 15 दिन तक बोहनी नहीं हुई थी. इसलिए बसपा को वोट देगा.

बसपा को दलित, ब्राह्मण, मुसलमान और कुशवाहा मिल जाए और लोधी राजपूत सपा-भाजपा में बंट जाए तो हाथी यहां से जीत सकता है. एक लोकल अखबार का पत्रकार बांह पकड़कर चाय पिलाने ले गया. चरखारी किले के ड्योढ़ी दरवाजे के सामने उसने बताया कि देखिए यहां गणेश जी बैठे हैं और कौन बैठे हैं, माता बैठी हैं. ये देवता यहां बैठवाए गए हैं. बीजेपी वालों ने अपना दफ्तर ड्योढ़ी दरवाजे के अंदर बनवाया है, देखिएगा ये बर्बाद होकर लौटेंगे. माता भवानी का श्राप है. जिसने इस जमीन पर कब्जा करना चाहा, जिसने किले का धन हासिल करना चाहा उसका नाश हो गया.

मैंने पूछा कि फिर जीत कौन रहा है तो बोले, ‘आप मेरा नंबर लिख लो. बसपा जीतेगी.’


बीजेपी की आखिरी विधायक यहां उमा भारती थीं. लोधी राजपूत और ब्राह्मणों के अलावा यहां मुसलमानों ने भी उन्हें वोट दिया था. ये सोचकर कि बड़ी नेता हैं, दिल्ली तक इनकी चलती है, विकास करवाएंगी. लेकिन लोगों ने बताया कि जीतने के बाद वो यहां दिखाई ही नहीं दीं. दो साल बाद ही सांसद बनने झांसी चली गईं.

सपा से सिटिंग विधायक उर्मिला राजपूत हैं जिन्हें कोई विधायक नहीं मानता. सब उनके सजायाफ्ता पति कप्तान सिंह राजपूत का ही नाम लेते हैं. सूपा गांव में लोगों ने लेखपालों के नाम ले-लेकर बताया कि वे काम करवाने के लिए घूस मांगते हैं और कप्तान सिंह राजपूत फोन नहीं उठाते. लोगों का छोड़िए, उनके लोग यहां के लोकल सपा नेताओं का फोन नहीं उठाते.

इस असंतोष का फायदा बसपा को मिल सकता है. कई जगहों पर लोधी राजपूतों ने अभी अपना वोट तय नहीं किया है. गठबंधन में ये सीट सपा को मिली. 27 साल की नफीसा अली से मुलाकात हुई जो कांग्रेस की महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष और प्रदेश सचिव हैं. वो बताती हैं कांग्रेस से टिकट दावेदारों में उनका नाम सबसे ऊपर था, पर गठबंधन हो गया तो अब उर्मिला राजपूत के साथ लगे हैं. उन्होंने ही बताया कि एजुकेशन की हालत यहां बहुत खराब है. सरकारी स्कूल में 200 सीटें हैं, लेकिन 2000 से ज्यादा एप्लीकेशन फॉर्म भरे जाते हैं.


सूपा गांव में नौजवान कृष्ण कुमार राजपूत ने बताया कि यहां अभी वोट किसे देना है, वाली बात शुरू नहीं हुई है. लेकिन ज्यादातर लोग कप्तान सिंह राजपूत के साथ लगे हैं. पर यहां भाजपा और बसपा के वोट भी हैं.

लेखक- कुलदीप कुमार
thelallantop.com
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Sunday, January 22, 2017

अखिलेश यादव ने जारी किया समाजवादी पार्टी का ‘घोषणा पत्र’, पढ़े पूरा घोषणा पत्र...

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार 22 जनवरी को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र को जारी किया। इस सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यक्रम का संबोधन भी किया। खास बात तो से है कि अखिलेश यादव ने बिना मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव की मौजदगी में जारी किया घोषणा पत्र. अखिलेश यादव के घोषणा पत्र की मुख्य बातें ये रहीं।

समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र:
रविवार 22 जनवरी को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया।
इस घोषणा पत्र में अखिलेश यादव ने महिलाओं, किसानों और बच्चों को विशेष स्थान दिया है।
समाजवादी घोषणा पत्र के तहत अखिलेश यादव ने ये घोषणाएं की।
घोषणा पत्र में किसानों के लिए समाजवादी किसान कोष की व्यवस्था का वादा।
बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ड ऐज होम की व्यवस्था का वादा।
महिलाओं को रोडवेज में आधा किराया देने का वादा किया।
निर्बल आय वर्ग को मुफ्त इलाज की सुविधा का वादा।
सूबे के तीन शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट का वादा।
यह तीन शहर आगरा, कानपुर और मेरठ होंगे।
इसके साथ ही लखनऊ एयरपोर्ट पर एयर एम्बुलेंस का वादा भी घोषणा पत्र में शामिल है।
किसानों के लिए फार्मर फण्ड की सुविधा का वादा।
शहरों की ट्रैफिक समस्या को खत्म करने का वादा किया।
गाँव-गाँव में जानवरों के लिए एम्बुलेंस भेजने की सुविधा।
जनपद मुख्यालयों को 4 लेन से जोड़ने का वादा।
प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए घी और दूध पाउडर देना का वादा।
1 करोड़ लोगों को 1000 रुपये की पेंशन देने का वादा भी शामिल।
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Friday, January 20, 2017

UP Election 2017 : भाजपा पर भारी 2017, UP में अखिलेश जीतेंगे!

नई दिल्ली: देश के प्रमुख ज्योतिषाचार्य डा. अजय भांबी जिन्होंने फिल्म ‘कुली’ में अमिताभ बच्चन को लगी घातक चोट के बाद उनके फिल्म जगत में पुन: उभर कर आगे आने, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी तथा पाक की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या की भविष्यवाणियां की थीं, ने अब कहा है कि भारत की कुंडली वृष लग्न की है। 8 फरवरी तक देश को चंद्रमा में मंगल तथा उसके बाद चंद्रमा में राहू की अंतर्दशा चलेगी जिसे देखते हुए देश के लोगों में संदेह का माहौल देखा जाएगा।

वित्तीय संकट के कारण समाज में असंतोष बढ़ेगा। चंद्रमा तीसरे घर में है। चंद्रमा युवा लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। 2017 में युवा वर्ग में जागृति पैदा होगी तथा वह पुन: अन्ना हजारे जैसा कोई आंदोलन चला सकते हैं जिसकी छाया 2018 में भी पड़ेगी। इस आंदोलन के बीज 2017 में बो दिए जाएंगे। केंद्र की मोदी सरकार नौजवानों के सहयोग से सत्ता में आई थी परंतु नौजवानों के लिए वह कुछ नहीं कर सकी। अजय भांबी ने यह भविष्यवाणियां पार्लियामैंटेरियन पत्रिका में लिखे एक लेख में की हैं।

अमित शाह : अमित शाह की कुंडली का विशेषण चंद्र कुंडली के हिसाब से किया जाना बेहतर होगा। चंद्रमा नीच राशि में है तथा मंगल चौथे घर में नीच राशि में है। चंद्रमा तथा मंगल के बीच नीच भंग राजयोग बन रहा है। इसीलिए अमित शाह ने जीवन में इतनी अधिक तरक्की की। सूर्य भी सातवें घर में नीच राशि में है जिससे पता चलता है कि वह दृढ़ इच्छा शक्ति वाले व्यक्ति हैं। 2017 में अमित शाह की लीडरशिप पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म लग्न वृश्चिक है तथा लग्न में नीच राशि का चंद्रमा मंगल के साथ बैठा है जिस कारण नीच भंग राजयोग बन रहा है। यही उन्हें प्रधानमंत्री की पदवी तक लेकर आया है परन्तु यही मंगल नवांश कुंडली में नीच राशि का बैठा हुआ है जिससे मंगल कमजोर हो गया है। इसीलिए मोदी ने नोटबंदी को लेकर भारी जोखिम उठाया। मोदी का राष्ट्रीय राजनीति में उभार 2009 में शुरू हुआ जब उन्हें चंद्रमा की महादशा शुरू हुई। मंगल ने अपनी ताकत चंद्रमा को दी हुई है। मंगल की कमजोरी के कारण मोदी अपने प्रोजैक्टों को पूरा नहीं कर पाते हैं। वह एक प्रोजैक्ट के बाद दूसरे प्रोजैक्ट को पकड़ लेते हैं जबकि पहला प्रोजैक्ट अधूरा ही रह जाता है। चाहे वह स्वच्छ भारत अभियान हो, मेक इन इंडिया या बुलेट ट्रेन या स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट हो। चंद्रमा में शनि की अंतर्दशा 1 दिसम्बर, 2015 से 2 जुलाई, 2017 तक चलनी है। मोदी शनि की साढ़ेसती से भी गुजर रहे हैं इसीलिए इस समय उन्होंने जोखिमपूर्ण नोटबंदी का फैसला ले लिया। शनि उन्हें धीमी रफ्तार से चलने की सलाह दे रहा है जबकि चंद्रमा उन्हें तेजी की तरफ ले जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी : भाजपा का लग्न मिथुन है तथा उसे सूर्य महादशा चल रही है। सूर्य दशम घर में है जोकि सत्ता को इंगित करता है। पार्टी की कुंडली के तीसरे घर में 4 ग्रह बैठे हुए हैं जबकि तीसरे घर का मालिक छठे में है। तीसरा घर पराक्रम का होता है। सूर्य दशा में ऐसा लगता है कि भाजपा अपनी मौजूदा स्थिति से नीचे गिरेगी। भाजपा नेता यह समझेंगे कि उनकी ताकत बढ़ रही है परंतु वह औंधे मुंह गिरेंगे। सूर्य तथा बुध का समय 6 जून, 2016 से 13 अप्रैल, 2017 तक चलना है। बुध नौवें घर में है परंतु वह नीच राशि के साथ-साथ केतु से ग्रसित है। इसलिए बुध भाजपा की लोकप्रियता को नीचे ले आएगा। उसके बाद सूर्य में केतु की अंतर्दशा 13 अप्रैल, 2017 से 19 अक्तूबर, 2017 तक रहेगी। यह समय भी भाजपा व उसके नेताओं के लिए हालात को खराब करेगा। पार्टी के भीतर मोदी की लीडरशिप को चुनौती मिलेगी। मोदी प्रधानमंत्री बने रहेंगे परंतु उनके खिलाफ बगावती सुर तेज हो जाएंगे।

कांग्रेस : कांग्रेस का जन्म लग्न मकर है। अब उसे बुध का समय 2 मई, 2017 तक चलना है। उसके बाद बृहस्पति में केतु की अंतर्दशा वर्षांत तक चलेगी इसलिए 2017 में कांग्रेस में उभार आएगा। कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी का स्वास्थ्य ङ्क्षचता का विषय रहेगा। आने वाले महीनों में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अहम भूमिका अदा करेंगे। अप्रैल के बाद पार्टी में उनकी बड़ी भूमिका रहेगी। अंतत: राहुल पार्टी के सुप्रीम नेता बन जाएंगे। 2017 में कांग्रेस अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा हासिल कर लेगी। दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल की कुंडली में शनि के कारण नीच भंग राजयोग बन रहा है। उनका असली समय 2019 में शुरू होना है। 2018 तक वह अपनी गलतियों से सबक लेंगे। आने वाले महीनों में राहुल गांधी की कुंडली मुलायम व उनके पुत्र से मैच करती है। नोटबंदी कांग्रेस तथा मायावती के लिए फायदेमंद सिद्ध होगी। उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए समाजवादी पार्टी आगे उभर कर आएगी। मायावती की स्थिति भी मजबूत रहेगी। कुल मिलाकर अखिलेश जीतेंगे। कांग्रेस के अच्छे दिनों की शुरुआत होगी।
साभार - पंजाब केसरी
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Saturday, December 31, 2016

सपा में मचे घमासान के बीच एक ऐसा खुलासा जिसे जानकर आप हैरान रह जायेगें...

नई दिल्ली. समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे जानकर लोग हैरान रह जाएंगे. समाजवादी पार्टी की अंदरूनी रणनीति से जुड़े एक ई-मेल के लीक होने से अब पता चल रहा है कि सपा में ये झगड़ा केवल अखिलेश यादव के इमेज को चमकाने का शिगूफा है. ये ईमेल जुलाई महीने का है.

ये खुलासा अखिलेश के अमेरिकी सलाहकार स्टीव जार्डिंग के एक मेल के लीक होने से हुआ है. ईमेल में
लिखा है कि यूपी में अखिलेश यादव को विकास का आइकॉन बनाने के लिए पार्टी में अदरूनी लड़ाई
दिखावे के लिए जरूरी है. इससे अखिलेश की छवि बेहतर उभर कर आएगी और मजबूत सीएम के तौर पर जाने जाएंगे.

गौरतलब है कि पिछले दिनों खबर आई थी कि
समाजवादी पार्टी और सीएम अखिलेश सरकार की
बेहतर कोशिशों को सामने लाने के लिए अमेरिकन
पीआर एजेंसी को हायर करने वाली है, जो पहले
पीएम मोदी के लिए काम कर चुकी है.
बता दें, पीआर कंपनियां ब्रांडिंग और इमेज बिल्डिंग का काम कर नेताओं की नकारात्मक छवि को सकारात्मक बनाने का काम करती हैं. पीआर कंपनियां जनता या टार्गेट ऑडियंस के मन में किसी भी पार्टी की सकारात्मक इमेज बनाने में सक्षम होती हैं फिर चाहे जनता उस पार्टी या व्यक्ति से नाराज ही क्यों न हों.
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Friday, December 30, 2016

टूट गई सपा: यूपी CM अखिलेश-रामगोपाल सपा से बर्खास्त, समर्थकों ने की आत्मदाह की कोशिश..

"समाजविवादी दंगल"

लखनऊ। समाजवादी पार्टी का झगड़ा शुक्रवार को खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया। एक ओर मुलायम सिंह ने सख्त तेवर दिखाते हुए अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बर्खास्त कर दिया। मुलायम सिंह ने कहा, अब अखिलेश का भविष्य ख़त्म हो गया। इससे पहले उन्होंने अखिलेश यादव को कैंडिडेट लिस्ट जारी करने और राम गोपाल को पार्टी विरोधी बयान देने के लिए कारण बताओ नोटिस भी दिया। मुलायम ने पार्टी चीफ की हैसियत से अखिलेश से यह भी पूछा कि उन्होंने किस अधिकार से पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ लिस्ट जारी किया? उधर, राम गोपाल ने पार्टी की राष्ट्रीय प्रतिनिधि की 1 जनवरी को आपात बैठक बुलाते हुए साफ़ किया कि अखिलेश खेमा अब समझौते के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 403 सीटों के लिए 235 कैंडिडेट्स की जो लिस्ट जारी की है वह अंतिम है।

पार्टी चीफ के अलावा किसी को भी राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने का हक़ नहीं

शुक्रवार शाम को शिवपाल यादव के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुलायम ने कहा कि पार्टी चीफ के अलावा किसी को (रामगोपाल) राष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाने का हक़ नहीं है। अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए नेताजी ने कहा, "रामगोपाल ने पार्टी को कमजोर किया है इसके लिए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बर्खास्त किया जाता है।" हालांकि अखिलेश को लेकर उन्होंने कुछ नहीं किया। उधर, शो काज नोटिस को लेकर रामगोपाल ने कहा, बयानों के लिए तो नोटिस मिलते रहते हैं इसमें नया क्या है?

बता दें कि इनमें अखिलेश की लिस्ट में उन सभी मंत्रियों और विधायकों के नाम हैं, जिनका बुधवार को मुलायम सिंह द्वारा घोषित अनाउंसमेंट में टिकट काट दिया गया था। अखिलेश की लिस्ट में पवन पांडेय, इंदल रावत, अरविंद सिंह गोप, अतुल प्रधान, बृज लाल सोनकर, राम गोविन्द चौधरी के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। अखिलेश की लिस्ट में अतीक अहमद, रामपाल यादव, अमरमणि त्रिपाठी, शादाब फातिमा, नारद राय, ओपी सिंह के नाम नहीं हैं। ये सभी नेता शिवपाल के समर्थक हैं। अखिलेश इन नामों पर पहले भी आपत्ति दर्ज कर चुके हैं।
- अखिलेश यादव के घर के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई है। यहां नारेबाजी शुरू हो गई है।
- अखिलेश यादव ने अपने आवास पर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।
- मुलायम ने कहा, "रामगोपाल यादव को पत्र लिखकर पूछा कि आपने राष्ट्रीय अधिवेशन कैसे बुला लिया। बिना मुझसे पूछे आपने ऐसा किया। पिछले कई दिनों से आपने अनुशासनहीनता के कई ऐसे काम किए हैं।"

रामगोपाल ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया- मुलायम

- "रामगोपाल ने ना केवल अनुशासनहीनता की, बल्कि उन्होंने पार्टी को कमजोर करने और नुकसान पहुंचाने का काम किया।"
- मुलायम बोले, "मैंने दौरे किए, मीटिंग की, ट्रैक्टर पर चला, साइकिल पर चला और 11 महीने में पार्टी खड़ी की। और, आप मुझसे पूछते भी नहीं।"
- "पार्टी को बचाने के लिए अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है।"

समझ नहीं रहे हैं मुख्यमंत्री- मुलायम

- हम ये कह रहे हैं कि प्रो. रामगोपाल ने जो किया है, वो पूरी तरह असंवैधानिक है।
- अखिलेश मुझसे भी राय नहीं ले रहे हैं। रामगोपाल अखिलेश का भविष्य खत्म कर रहे हैं। ये मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहा है।

इस पर विचार करेंगे और क्या कड़ी सजा दें

- मुलायम ने बोला, "हम इस बात पर विचार करेंगे कि इन्हें और कड़ी सजा क्या दी जाए।'
- "पार्टी के कार्यकर्ताओं, नेताओं, विधायकों से अपील है कि इसमें शामिल ना हों। हम नहीं चाहते कि किसी के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।'

बिना पूछे बुला लिया राष्ट्रीय अधिवेशन

- मुलायम ने कहा, "राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष का है। हमें पूछा नहीं और ना ही बताया। हमें तो मीडिया से पता चला।'
- "ये जनरल सेक्रेटरी बने बैठे हैं और आदेश करते हैं। दूसरा कोई काम नहीं करते हैं। अधिवेशन बुलाने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष का है, वो मैं हूं।'

रामगोपाल ने अखिलेश को गुटबाजी मेें फंसाया

- मुलायम बोले, "जो मुख्यमंत्री हैं, वो नहीं समझ रहे हैं। ये मुख्यमंत्री का भविष्य ही खत्म कर रहे हैं।'
- "रामगोपाल यादव ने सीएम को गुटबाजी में फंसा दिया। सीएम समझ नहीं रहे हैं, सीएम तो निर्विवाद छवि वाला होता है।'
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Wednesday, December 28, 2016

Live: सपा सुप्रीमो मुलायम ने 325 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए, कई मंत्री-विधायकों के टिकट कटे, देखें लिस्ट...

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को यूपी चुनाव के लिए पार्टी के बाकी बचे प्रत्याशियों की सूची जारी की। मुलायम जिस वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर रहे थे, उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष और उनके छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव भी थे। बता दें कि यूपी एसपी अध्यक्ष शिवपाल यादव ने पहले ही 175 सीटों पर टिकट बांट दिए हैं।

लिस्ट के लिए यहां क्लिक करें

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि पार्टी में जोश तो है लेकिन एकता है क्या? उन्होंने कार्यकर्ताओं को यूपी चुनाव की अहमियत बताते हुए कहा कि जो यूपी जीतता है वो दिल्ली भी जीतता है।
पार्टी वर्कर्स को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा, ‘आप कार्यकर्ताओं को बधाई। आपमें बड़ा जोश है लेकिन एकता है क्या? हम बड़ी लड़ाई लड़ने जा रहे है। जो यूपी जीतता है वो दिल्ली जीतता है। ये चुनाव आपका है और 28 फरवरी से पहले होगा। मार्च में बोर्ड एग्जाम हैं इसलिए चुनाव फरवरी में होगा, उम्मीदवार भी हम जल्दी से जल्दी घोषित करेंगे।
पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि 4200 उम्मीदवारों में टिकट के लिए अप्लाई क्या था। कई एजेंसीज से सर्वे कराया गया है। बहुत से लोग ऐसे है जिन्होंने पार्टी के लिए बहुत ईमानदारी से मेहनत किया है उन्हें भी टिकट नहीं मिला लेकिन सरकार बनने पर उन्हें सम्मान मिलेगा। चर्चा, पर्चा और खर्चा यही तो पार्टी है।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि नाराजगी पहले या चुनाव के बाद कर लेना। चुनाव से पहले आप हमसे मिल लिए और हम आपसे मिल लिए ये अच्छा हुआ।
निशाने पर बीजेपी
मुलायम के निशाने पर बीजेपी भी रही। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने किसान को और व्यापारी को बर्बाद कर दिया। गरीब को अपने पैसे के किए लाइन में लगा दिया। अब नए नोट का कागज भी बेकार है। इससे देश को नुकसान हुआ। बीजेपी ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसका पुराना वादा 15 लाख को भूल जाएं और नोटबंदी में उलझ जाएं।
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बुन्देलखंड: महोबा से चुनाव लड़ना चाहते हैं सीएम अखिलेश, 6 वां दौरा आज , देंगे ये बड़ी सौगातें...

महोबा। सूबे के मुखिया अखिलेश यादव आगामी 28 दिसम्बर को बुंदेलखंड के जनपद महोबा में सोलर पवार प्लांट का उद्धघाटन करने के लिए आ रहे है। 2017 के मद्देनजर सीएम महोबा दौरा अहम माना जा रहा है। बुंदेलखंड के महोबा से सीएम का हमेशा लगाव रहा है। शायद यहीं वजह है कि महोबा में उनका ये 6 वां दौरा है। ग्राम कुनकुआ में सोलर प्लांट के लोकार्पण के आलावा सीएम अखिलेश यादव एक जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे। सीएम के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर डीएम महोबा ने कार्यक्रम स्थल का जायजा भी लिया। वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव के बुंदेलखंड से चुनाव लड़ने की जो उम्मीद जताई जा रही है। जिसको लेकर सपा जिला कार्यकारणी ने सीएम अखिलेश यादव से महोबा जनपद की विधानसभा सीट महोबा या चरखारी से चुनाव लड़ने की अपील की है।

आगामी विधानसभा चुनावों में सीएम अखिलेश यादव दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं...

 अखिलेश ने बुंदेलखंड की दो सीटों महोबा और बबीना से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। सपा के लिए जो सुरक्षित सीटें मानी जाती हैं वहां से अब अखिलेश यादव बाहर निकलना चाहते हैं। इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, फर्रुखाबाद को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। बेहद आसानी से सपा इन सीटों से चुनाव जीत लेती है, लेकिन अब अखिलेश यादव की यह कोशिश है कि वो इस परंपरा को तोड़ें ।इसलिए उन्होंने इन दो सीटों से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। मुलायम सिंह यादव से कहा है कि अगर उनको चुनाव लड़ने के लिए कहा जाता है तो वो महोबा और बबीना से चुनाव लड़ना चाहेंगे। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष पत्र देकर जनपद से चुनाव लड़ने का अनुरोध भी करेंगे। वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ने भी पत्र भेजकर सीएम अखिलेश यादव से महोबा जनपद से चुनाव लड़ने की अपील की है।

 बुंदेलखंड में गूंजेंगा सौर ऊर्जा को आगे बढ़ाने का मुख्यमंत्री का संदेश

 मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को महोबा व झांसी से सौर ऊर्जा को आगे बढ़ाने का संदेश देंगे। महोबा में वह पांच सोलर पॉवर प्लांटों का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम में वह झांसी की धमनौड़ तहसील में स्थापित किए जा रहे 20 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट का भी शिलान्यास करेंगे। महोबा में मुख्यमंत्री 105 मेगावाट क्षमता के जिन पांच सोलर पॉवर प्लांटों का उद्घाटन करेंगे, उसमें यूनीवर्सल सौर ऊर्जा प्रा.लि. (30 मेगावाट), ग्रीन ऊर्जा प्रा.लि. (30 मेगावाट), निरोशा पॉवर प्रा.लि. (30 मेगावाट) तथा केएम एनर्जी प्रा.लि. (पांच मेगावाट) शामिल हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा ललितपुर में स्थापित किए गए मेसर्स सन एंड विंड इंफ्रा लि. (10 मेगावाट) का भी उद्घाटन किया जाएगा। झांसी में मुख्यमंत्री एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वे मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित करने के अलावा समाजवादी पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान योजना के लाभार्थियों को लाभान्वित भी करेंगे।

बदहाल बुंदेलखंड की स्थिति से सभी राजनीतिक दल वाकिफ 

 मगर इस क्षेत्र के विकास पर सब खामोश है। कई वर्षों से दैवीय आपदा झेल रहे इस जनपद को सूबे के मुखिया ने जरूर कुछ सौगातें दी है। महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र के तालाबों का सीएम ने न केवल गहरीकरण कराया बल्कि उनका पुनःउद्धार करा कर जीवनदान भी दिया है। महोबा जनपद से सीएम का हमेशा लगाव देखने को मिला है। शायद यहीं वजह है कि अपने कार्यकाल में सीएम पांच बार महोबा आ चुके है और कल फिर 28 दिसम्बर को सीएम महोबा के क्षेत्र पनवाड़ी अन्तर्गत ग्राम कनकुआ में बन चुके सोलर पवार प्लांट का उद्धघाटन करने आ रहे है। 2017 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सीएम अखिलेश का महोबा दौरा काफी अहम है।

दरअसल सीएम अखिलेश यादव का बुंदेलखंड से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो रही है।वहीं महोबा सपा जिला कार्यकारणी ने भी सीएम अखिलेश यादव से जनपद की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अपील की है। आपको बता दें कि बुंदेलखंड इस समय राजनीती का गढ़ सा बन गया है एक ओर पीएम नरेंद्र मोदी भी बुंदेलखंड चिंता जता रहे है, तो वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी महोबा आकर बुन्देलियों के दर्द पर मरहम लगाने की बात कर चुके है। ऐसे में 2017 का चुनाव और राजनीती बुंदेलखंड के हालातों को कितना बदल पायेगी ये बड़ा सवाल है। महोबा जनपद का चरखारी विधानसभा जिसे बुंदेलखंड का कश्मीर कहा जाता है, ये सीट पिछले विधानसभा में वीआईपी सीट थी। इस सीट से भाजपा की फायरबिग्रेड नेता साध्वी उमा भारती चुनाव लड़ चुकी है और जीतने के बाद इस क्षेत्र का कोई विकास नहीं कराया और सांसद बनकर झांसी चली गई। चरखारी हमेशा पिछड़ा रहा है और ये जनता हमेशा ठगी गई है।

बुंदेलखंड किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रामस्वरूप ने भी पत्र भेजकर सीएम से महोबा की विधानसभा से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है । उन्होंने कहा कि यहां का किसान परेशान है और उन्हें अखिलेश यादव से बड़ी उम्मीदें है अगर वो चुनाव लड़ते है तो बुंदेलखंड किसान यूनियन के 80 हजार कार्यकर्त्ता उनका समर्थन करेंगे और बुंदेलखंड के सभी विधानसभा से सपा प्रत्याशियों को जिताएंगे। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी की मांग भी सीएम से की है। अबकी बार यहां की जनता और सपाई सीएम अखिलेश यादव से चुनाव लड़ने की अपील कर रहे है।

28 दिसंबर को सीएम अखिलेश यादव के आने की जानकारी देते हुए सपा जिला अध्यक्ष कुम्भकरण यादव ने बताया कि सीएम का कार्यक्रम बड़ा अहम है वो अपने कार्यक्रम में सोलर पवार प्लांट का उद्धघाटन करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

यहीं नहीं सपा कार्यक्रम के दौरान पत्र देकर महोबा जिले से चुनाव लड़ने का अनुरोध भी करेगी। सपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि सपा कार्यकारणी सीएम से चुनाव लड़ने की अपील करती है। अगर वो लड़ते है तो बुंदेलखड की सभी सीटों पर भी सपा जीतेगी। बहरहाल सीएम अखिलेश यादव 28 दिसम्बर को महोबा में आ रहे है जिसको लेकर जिला प्रशासन और सपाई तैयारियों में जुट गए है। डीएम वीरेश्वर सिंह ने प्रसाशन के अन्य अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने भी सुरक्षा के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल को मुआयना किया।
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Thursday, November 17, 2016

6 साल के लिए सपा से निकाले गए रामगोपाल यादव की 24 दिन में वापसी, निष्कासन रद्द

लखनऊ:  समाजवादी पार्टी में रामगोपाल यादव की वापसी हो गई है. यादव घराने में पिछले दिनों मचे घमासान के बीच पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था.

नेता जी कभी मेरे खिलाफ नहीं थे- रामगोपाल

पार्टी में वापसी पर मिडिया से बातचीत करते हुए रामगोपाल ने कहा, ‘नेता जी बड़े दिल के इंसान हैं. देश में उनसे शानदार नेता कोई नहीं है. नेता जी मेरे खिलाफ कभी नहीं थे. मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था. नेता जी ने अपने मन से यह फैसला लिया है. इस फैसले से पार्टी के सभी लोग खुश हैं. मैं इसके लिए नेता जी को धन्यवाद देता हूं.’

साथ ही रामगोपाल ने ये भी कहा कि अगले साल होने वाले चुनाव में सभी लोग एक साथ उतरेंगे. शिवपाल से विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘शिवपाल मेरे छोटे भाई हैं. छोटे अगर गलती करें तो बड़ों को माफ कर देना चाहिए.

आपको बता दें कि कल राज्यसभा में रामगोपाल यादव ने नोटबंदी पर सपा का पक्ष रखा था. इसके बाद से ही ऐसी खबरें थीं कि उनकी पार्टी में वापसी होने वाली है.

शिवपाल ने रामगोपाल पर लगाए थे गंभीर आरोप

बता दें कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव ने रामगोपाल पर संगीन आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि रामगोपाल पार्टी को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं और सीएम अखिलेश यादव उनकी चाल में फंस गए हैं.  शिवपाल ने कहा था कि सीबीआई से बचने के लिए रामगोपाल 3 बार बीजेपी के बड़े नेता से मिले थे.
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Saturday, November 5, 2016

रजत_जयंती LIVE: लालू-मुलायम और अखिलेश एक मंच पर, यूपी से भाजपा को खदेड़ देंगे- लालू प्रसाद

लखनऊ। .समाजवादी पार्टी ने शनिवार को अपने 25 साल पूरे कर लिए। इस मौके को यादगार बनाने के लि‍ए सपा लखनऊ के जनेश्‍वर मि‍श्र पार्क में रजत जयंती समारोह मना रही है। मंच पर लालू प्रसाद ने अखिलेश को तलवार थमाई। इसके बाद अखिलेश ने चाचा शिवपाल यादव के पैर छुए। दोनों बातचीत करते भी दिखे। लालू ने शिवपाल से आशीर्वाद भी दिलाया। शिवपाल ने कहा, "मुझे सीएम नहीं बनना। अगर अखिलेश खून भी मांगेंगे तो वो भी दे दूंगा।" बता दें कि बीते दिनों मुलायम के परिवार में काफी तल्खी सामने आई थी। अखिलेश ने शिवपाल समेत चार मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था तो शिवपाल ने रामगोपाल को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया।

-  RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का संबोधन

  • कार्यक्रम में लालू ने बीजेपी को बताया नीलगाय, कहा इनको मिल कर भगा देना है नहीं तो सारी फसल खराब कर डालेंगे।
  • 15-15 लाख रुपए देने का क्या हुआ-लालू,15-15 लाख मांगे तो जुमला बताया-लालू प्रसाद,बीजेपी सरकार में बेरोजगारी बढ़ रही-लालू
  • यूपी में चुनाव,बीजेपी को राम याद आए,रंगुआ सियार बहुत खतरनाक होता है,काटेगा
  • हम सबको इकट्ठा होकर देश को मजबूत करना है,गुजरात में पटेल आरक्षण मांग रहे ।
  • पूरी शक्ति से सपा को विजय दिलाएंगे, देश की सीमा की क्या हालत,56 इंच का सीना,कालाधन कहां गया।
  • ज्यादा भाषण नहीं करना है, बहुत भाषण हो चुका है।
  • आपस में लड़ना समाजवादियों का स्वाभाव नही है ।
  • NDTV को एक दिन के लिए बैन किया गया है भाजपा द्वारा।
  • लोकतंत्र पर भारी हमला हुआ है।
  • हम सैकड़ों सभाओं के माध्यम से समाजवादी पार्टी के साथ खड़े रहेंगे।
  • यूपी से भाजपा को खदेड़ देंगे।

CM अखिलेश यादव क्या बोले...

  • कुछ लोग सुनेगे जरूर,सपा का सब बिगड़ने के बाद,वरिष्ठ,नौजवान सभी BJP से लड़े,किसी को परीक्षा लेनी तो मै देने को तैयार
  • नेताजी,हमारी तस्वीर लैपटॉप से विरोधी नहीं हटा पाए,देश-दुनिया की तरक्की का रास्ता समाजवाद,समाजवादी सरकार दोबारा पूर्ण बहुमत के साथ लौटे
  • अंग्रेजी भाषा के खिलाफ हम नहीं,2011 मे नेताजी के जन्मदिन पर अंग्रेजी मे विज्ञापन दिया था,लैपटॉप सबसे ज्यादा हमने बांटे
  • देश के सामने विकास का उदाहरण पेश किया-सीएम,एक्सप्रेस-वे और मेट्रो आदि योजनाएं पेश की-सीएम,55 लाख महिलाओं को बिना भेदभाव के पेंशन दे रहे
  • CM अखिलेश यादव का बयान आदर्श गांव के अलावा UP को कुछ नहीं दिया,BJP ने लोगों के बीच दूरियां पैदा की
  • भारत का भविष्य तय करेगा-,देश किस ओर जाएगा यूपी की जनता तय करेगी
  • मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बयान,रजत जयंती पर पार्टी को बधाई-मुख्यमंत्री,शानदार पार्टी बनाने के लिए नेताजी को बधाई-सीएम
  • '2017 में सरकार लाएंगे 2019 में भी ऐतिहासिक फैसला होगा',चुनाव में उतरों, चुनाव खत्म हो तो सरकार आपकी हो-सीएम
  • सब मिलकर SP सरकार लौटाने का काम करेगे,जनेश्वर मिश्र पार्क ऐतिहासिक पार्क
  • देश किस ओर जाएगा यूपी की जनता तय करेगी

 सीएम अखिलेश यादव की तारीफ़ करने पर पूर्व मंत्री को शिवपाल यादव ने धक्के देके मंच से भगाया
सपा के सिल्वर जुबली प्रोग्राम में तब अजीब स्थिति बन गई जब अखिलेश समर्थक नेता जावेद आब्दी ने मंच पर आकर अखिलेश के सपोर्ट में नारे लगाए। इससे नाराज शिवपाल यादव ने उन्हें मंच से दो बार धक्का दिया और मंच से उतार दिया। ऐसा कहा जा रहा है कि आब्दी बिना इजाजत मंच पर आ गए और बोलने लगे। इस घटना के बाद शिवपाल के तेवर तीखे नजर आए। उन्होंने कहा कि पार्टी में घुसपैठियों से सावधान रहने की जरूरत है। आब्दी ने कहा- मुलायम यदि पार्टी का होश हैं, तो अखिलेश उसका जोश हैं...
 - ऐसा कहा जा रहा है कि आब्दी शिवपाल यादव के बोलने के बाद मंच पर आए और अखिलेश के समर्थन में नारे लगाने लगे।
- उन्होंने कहा कि - "मुलायम सिंह जी यदि आप समाजवादी पार्टी का होश हैं, तो अखिलेश यादव उसका जोश हैं।"
- फिर उन्होंने कहा, "अगर मुलायम चांद हैं, तो अखिलेश चांदनी हैं। मुलायम यदि‍ समुद्र हैं तो अखि‍लेश यादव उसकी गहराई हैं।"
- ये सुनते ही शि‍वपाल उठे और सीधे मुलायम के पास पहुंचे। उन्होंने कुछ सेकंड तक उनसे बात की। फिर वे आब्‍दी के पास आए और उन्हें दो बार धक्का देकर जाने के लिए कहा। इसके बाद मंच पर अफरा-तफरी मच गई।

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Wednesday, November 2, 2016

ये रहा सीएम अखिलेश के 'विकास रथ यात्रा' के प्रथम चरण का रूट मैप, जानें कहां-कहां होगा भव्य स्वागत...

लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 3 नवंबर 2016 को लामार्टिनियर कालेज के मैदान से प्रातः 9 बजे विकास रथ पर रवाना होंगे। उनका 1090 चैराहा, सीएमएस चौराहा, पत्रकारपुरम, अहिमामऊ, अमौसी, सरोजनी नगर, बंथरा, जुनाबगंज चैराहा, तत्पश्चात जनपद उन्नाव के सोहरामऊ, आशाखेड़ा, अजगैन चैराहा, चमरौली, ओवरब्रिज बाईपास, शुक्लागंज स्टेडियम, सैजनी मोड़, मगरवारा, करोन मोड़, आदर्शनगर पुलिया, गाँधीनगर तिराहा, आईबी चैराहा तथा आवास विकास पर भव्य स्वागत होगा।
अखिलेश यादव शुक्लागंज स्टेडियम पर सांय जनसभा को सम्बोधित करेंगे। स्थानीय लोग रथ यात्रा के स्वागत की अभी से तैयारियाँ करने लगे हैं। इस यात्रा के प्रथम चरण में वे लखनऊ से उन्नाव तक जायेंगे।

3 नवंबर को अखिलेश की रथ यात्रा का शैड्यूल-

सुबह 9 बजे लखनऊ के ला-मार्ट मैदान जनपद से कार से रवाना
09:15 पर सीएमएस चौराहा गोमती नगर में स्वागत होगा 
09:30 पर पत्रकार पुरम चौराहे पर सम्बोधन करेंगे अखिलेश 
10:00 पर हुसड़िया चौराहे से शहीद पथ होकर अहियामऊ चौराहे पर सम्बोधन
10:15 पर तेलीबाग, रायबरेली चौराहे पर सम्बोधन
10:30 पर अमौसी चिल्लवा में सम्बोधन, 
11:00 सरोजनी नगर में सम्बोधन,
11:30 बजे बंथरा चौराहे पर सम्बोधन, 
11:45 पर जुनाबगंज चौराहे पर स्वागत,
12:30 बजे सोहरामऊ उन्नाव में सम्बोधन, 
12:45 बजे आशा खेड़ा में स्वागत,
01:00 बजे नवाबगंज में सम्बोधन,
01:30 पर अजगैन चौराहे पर स्वागत,
01:45 बजे चमरौली में स्वागत,
02:00 पर बसिरतगंज में सम्बोधन, 
02:30 बजे दही चौकी में सम्बोधन,
02:45 बजे ओवर ब्रिज बाईपास पर स्वागत,
03:15 पर आज़ाद मार्ग चौराहा पर संबोधन,
03:45 बजे स्टेडियम शुक्लागंज पर संबोधन,
04:45 बजे प्रस्थान स्टेडियम में संबोधन, 
05:00 बजे सहजनी मोड़ पर स्वागत,
05:15 पर मगरवारा चौराहा स्वागत,
05:30 बजे करोवन मोड़ पर स्वागत,
05:40 पर आदर्श नगर पुलिया पर स्वागत, 
05:45 बजे गांधी नगर तिराहा पर स्वागत, 
06:00 बजे छोटा चौराहा पर सम्बोधन,
06:15 बजे बड़ा चौराहे पर सम्बोधन,
06:20 पर आईबीपी चौराहे पर स्वागत,
06:25 पर आवास विकास पर स्वागत
बता दें कि अखिलेश की रथ यात्रा तीन नवंबर की रात को कानपुर पहुंचेगी और चार नवंबर की सुबह उन्नाव रवाना होगी.

5 करोड़ का समाजवादी विकास रथ

जानिए, इस हाईटेक रथ की खूबियां-

रथ को आकर्षक स्वरूप दिया गया है. आगे समाजवादी विकास रथ लिखा है और पीछे इसी शीर्षक के साथ सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की बड़ी सी तस्वीर लगी है.

दीवार की एक तरफ एक साथ लोहिया, जनेश्वर और जयप्रकाश नारायण की तस्वीर है. इस दीवार पर भी मुलायम सिंह यादव की बड़ी सी तस्वीर है. दूसरी तरफ साइकिल पर सवार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हैं. इस ओर सिर्फ अखिलेश की अकेली तस्वीर है. इसी तरफ से रथ में जाने के लिए गेट बनाया गया है. सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का चेहरा इस रथ में कहीं नहीं दिखता.
इस रथ में हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है जिसके जरिए मुख्यमंत्री छत पर पहुंचकर जनता को संबोधित करेंगे. रथ में उनके विश्राम, कांफ्रेंस और ऑफिस की भी व्यवस्था की गई है. रथ में टॉयलेट की भी व्यवस्था है. इसमें वाई-फाई इंटरनेट की सुविधा भी है.

इस तरह मर्सिडीज बेंच की बस पर बनाए गए इस रथ में सारी अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. यह रथ बुलेट प्रूफ भी है. जानकारों का मानना है कि जिस तरह का रथ बना है उसके निर्माण में पांच करोड़ रुपये खर्च हुए होंगे.

रथ के ऊपर समाजवादी पार्टी की अलग अलग योजनाओं को दिखाया गया है जैसे डायल 100, एंबुलेंस सेवा, वूमेन पावर लाइन और नि:शुल्क लैपटॉप. अखिलेश यादव अपनी विकास रथ यात्रा के पहले चरण में लखनऊ से उन्नाव तक जाएंगे. फिर 5 नवंबर को समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे.
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Thursday, October 27, 2016

सपा में विवाद के चलते भी अखिलेश को याद है देश का सम्मान,71 विभूतिया यश भारती से सम्‍मानित...

लखनऊ। उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को यश भारती पुरस्कारों का वितरण किया, उत्तर प्रदेश का यश भारती सम्मान एक ऐसा प्रतिष्ठित सम्मान है जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान करने वाली राज्यों की विभूतियों को प्रदान किया जाता है.

11 लाख रुपए के साथ दिया गया प्रशस्ति पत्र

- साहित्य, कला, चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक कार्य और खेल के क्षेत्र की 71 विभूतियों को पुरस्कार से सम्‍मानित किया गया।
- सम्मानित होने वाली हस्तियों को 11 लाख रुपए के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया गया।

71 विभूतियों को सम्मान:

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को यश भारती पुरस्कारों का वितरण किया.
जिसके तहत सीएम अखिलेश ने 71 विभूतियों को यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया.
ये हैं राज्य की वे विभूतियाँ जिन्हें यश भारती पुरस्कार से नवाजा गया है-

किन लोगों को किस फील्‍ड में मिला अवॉर्ड

बेगम हमीदा हबीबुल्‍ला: समाजसेवा
स्‍वरूप कुमार बक्‍शी: साहित्‍य
सैय्यद मो. बशीर बद्र: साहित्‍य
डॉ. राम रतन बनर्जी: चिकित्‍सा
महेश्‍वर तिवारी: साहित्‍य
संतोष आनंद: कला
राज कृष्‍ण मिश्र: साहित्‍य
केवल कुमार: कला
डॉ. अनिल कुमार रस्‍तोगी: कला
प्रो. डॉ. कमर रहमान: शिक्षा
अशोक निगम: साहित्‍य
डाॅ. सबीहा अनवर: साहित्‍य
नवाब मीर जाफर अब्‍दुल्‍ला: साहित्‍य
नसीरुद्दीन शाह: कला
डॉ. सैय्यद मुहम्‍मद हस्‍सान: चिकित्‍सा
वेंकट चंगावल्‍ली: सामाजिक कार्य
डॉ. रतीश चंद्र अग्रवाल: चिकित्‍सा
प्रो. डॉ. गाैर दास चौधरी: चिकित्‍सा
उस्‍ताद गुलफाम अहमद रबाब: कला
प्रो. राकेश कपूर: चिकित्‍सा
पं विश्‍वनाथ: कला
काशी नाथ यादव: कला
अतुल तिवारी: कला
राम मिलन यादव: खेल
राजेंद्र सिंह: सामाजिक कार्य
डॉ. दीपक कुमार अग्रवाल: चिकित्‍सा
सौरभ शुक्‍ला: कला
सर्वेश अस्‍थाना: साहित्‍य
अनुभव सिन्‍हा: कला
मो. असलम वारसी: कला
फारुक अहमद: सामाजिक कार्य
आत्‍म प्रकाश मिश्र: पत्रकारिता
डॉ. रमाकांत यादव: चिकित्‍सा
डॉ. शिवानी मातनहेलिया: कला
ज्ञानेंद्र पांडेय: खेल
विजय शेखर शर्मा: सामाजिक कार्य
अनुपमा राग: कला
सुमन यादव: खेल
प्रवीण कुमार: खेल
मरिंदर कुमार मिश्रा: साहित्‍य
पीयूष चावला: खेल
सुमोना चक्रवर्ती: कला
भुवनेश्‍वर कुमार सिंह मावी: खेल
गार्गी यादव: खेल
वरुण सिंह भाटी: खेल
योगेश मिश्र: पत्रकारिता
सोनी चौरसिया: कला
साबरी ब्रदर्स: कला
ले. जनरल अनिल चैत (पहली बार सैन्‍य सेवा के लोगों को भी अवॉर्ड दिया गया)
उमा उपाध्‍याय: सामाजिक कार्य
दीपराज राणा: कला
अर्जुन वाजपेयी: खेल
रवि कपूर: पत्रकारिता
मनोज मुंतशीर: कला
पदमा गिडवानी: कला
कमाल खान: कला
नूर अलस्‍सबा: कला
गुलामन: सामाजिक कार्य
डॉ. आलोक पारीक: चिकित्‍सा
उस्‍ताद नाजिम हुसैन: कला
पं. हरि प्रसाद मिश्र: सामाजिक कार्य
गुलाम मोईनुद्दीन कुरैशी: कला
पं. राम कुमार मिश्र: कला
प्रो. राममोहन पाठक: पत्रकारिता
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Monday, October 24, 2016

SAPA में घमासानः सुलह पर संशय बरकरार, बैठकों का दौर जारी, पढ़े पूरी खबर...

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी में मचे घमासान को खत्म करने के लिए सोमवार को यहां बुलाई गई बैठक का आगाज और खात्मा तू-तू, मैं-मैं और आरोप-प्रत्यारोप से हुआ। आज भी दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। सुलह की कोशिशों के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शाम साढ़े पांच बजे एक और बैठक बुलाई थी। इससे पहले सीएम अखिलेश यादव ने विधायकों के साथ बैठक की। खबरों के मुताबिक उधर सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने भी विधायकों के साथ बैठक की। देर शाम मुलायम सिंह के दांत में दर्द होने की खबर आई और उनको डॉक्टर ने आराम की सलाह दी। इसी बीच शिवपाल यादव और अखिलेश एक ही गाड़ी में सवार होकर मुलायम सिंह से मिलने उनके आवास गए।

इसस पहले दिन में हुई पार्टी की संयुक्त बैठक के दौरान मुलायम सिंह यादव, उनके मुख्यमंत्री पुत्र अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव तीनों भावुक हुए। उन्होंने अपने मन की बात भी मंच से बहुतेरी कही। तीनों ने अपने-अपने मन की गुबार जमकर निकाली। मुलायम ने अखिलेश को खूब नसीहतें दी और शिवपाल ने अर्से से दबाकर रखी एक-एक बात सार्वजनिक कर दी।

शिवपाल ने अखिलेश पर किया सीधा वार, बोले-क्‍यों छीने मेरे विभाग
अपने भाषण के बाद सपा मुखिया के कहने पर उनके भाई शिवपाल और बेटे अखिलेश ने एक दूसरे को गले लगाया। शिवपाल ने अखिलेश को जन्मदिन की बधाई भी दी, लेकिन यह सुलह समझौता थोड़ी ही देर तक कायम रहा। अखिलेश ने मंच से जब यह कहा कि एक अंग्रेजी अखबार में उनको औरंगजेब तक कहा गया, तो शिवपाल ने अपने भतीजे पर तत्काल झूठ बोलने की तोहमत मढ़ दी। इसे लेकर चाचा भतीजे में नोकझोंक हुई और जबरदस्त हंगामें और नारेबाजी के बीच बैठक खत्म हो गयी।

बैठक के तुरंत बाद सपा मुखिया ने भाई और बेटे को विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने आवास पर बुलाया और उनसे बातचीत की। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा कल बुलायी गई पार्टी विधायकों की बैठक के बाद आज सपा मुखिया द्वारा आहूत बैठक इस बैठक का कुल मिलाकर लुब्बोलुआब यह रहा कि सुबह बैठक शुरु होने तक ऐन पहले निश्चित लग रहा पार्टी का दो फाड़ होना फिलहाल टल सा गया नजर आने लगा है।

इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने भाषण के दौरान कई बार अखिलेश यादव और उनके समर्थकों को डांटा। यादव ने कहा कि चापलूसों से घिरे रहने वाला और आलोचना नहीं सुनने वाला कभी नेता नहीं बन सकता। बीच में टोका टोकी करने वाले अखिलेश समर्थक एक युवक को उन्होंने मंच से ही जबरदस्त फटकार लगायी।

सपाध्यक्ष ने कहा पार्टी बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया। लाठियां खाईं। जो उछल रहे हैं एक लाठी नहीं झेल पायेंगे। मैने गरीबों और किसानों के लिए संघर्ष किया। आलोचना सही है तो सुधार करो। वर्ना 20 सीटों पर पता नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी में अब जो हो रहा है उससे मैं दुखी हूं। तीन बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा और देश का रक्षामंत्री। प्रधानमंत्री बन सकता था, लेकिन सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया। आपातकाल में हम मीसा में बन्द थे। फांसी या उम्रकैद हो सकती थी। शिवपाल अंधेरी रात में आता था और खिड़की से झांककर जाता था।

नेताजी कहें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा, कह कर रोने लगे अखिलेश
यादव ने कहा मुझे भी राजनीतिक समझ है। कमी दूर करने की बजाए आपस में लड़ने लगे। मेरे एक इशारे पर नौजवान खड़े हो सकते हैं। मैं अभी कमजोर नहीं हुआ हूं। चापलूसों को पसन्द नहीं करता हूं। शिवपाल आम जनता के नेता हैं। उन्होंने मेरे साथ संघर्ष किया है। समाजवादी पार्टी टूट नहीं सकती। मैं शिवपाल के कामों को कभी नहीं भूल सकता।

अपने मुख्यमंत्री पुत्र को नसीहत देते हुये सपा संस्थापक ने कहा कि तुम्हारी हैसियत क्या है। क्या अकेले चुनाव जीत सकते हो। लाल टोपी पहनने से कोई समाजवादी नहीं बन जाता। मैं और शिवपाल कभी अलग नहीं हो सकते। शिवपाल के कामों को कभी नहीं भूल सकता। शिवपाल ने हमारा साथ दिया है। पार्टी बनाने में मदद की है। यादव ने कहा कि प्रजापति को तुमने अपमानित किया है। सपा ने छोटी-छोटी जातियों को सम्मान दिया। मैने लोहियाजी के साथ काम किया है। लोहिया जी कहते थे कि कमजोरों के 100 खून माफ हैं।

पार्टी महासचिव अमर सिंह का बचाव करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि तुमने अमर सिंह को गाली दी। अमर सिंह ने हमारी बहुत मदद की। अमर सिंह मेरा भाई है। अमर सिंह ने मुझे जेल जाने से बचाया। कौन कहां मिला, कैसे मिला, क्यों मिला, किससे मिला क्या मैं बताऊं। यादव ने कहा कि उनके एक इशारे पर नौजवान खड़े हो सकते हैं। नारेबाजी लगाने वालों को बाहर करेंगे। यह मीटिंग शिवपाल या अखिलेश ने नहीं उन्होने बुलायी है। कोई किसी से नाराज है रहे, लेकिन संकल्प लेकर जाना है कि सरकार फिर बनानी है।

इसके पहले सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव पर पार्टी से अलग होकर नया दल बनाने का आरोप लगाया। शिवपाल ने कहा, मैं अपने एकलौते बेटे और हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाने को तैयार हूं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुझसे सपा से अलग होकर नया दल बनाने की बात कही थी।'' शिवपाल ने कहा कि हम साइकिल चला चला कर गांव जाते थे। इमरजेंसी के दौरान हमने काम किया और पार्टी बनाने और उसे मजबूत करने में नेताजी का साथ दिया। उस समय गाड़ियां कम होती थी। हमने नेताजी के साथ साइकिल चलाई। गांव गांव में टोलियां बनवाई। क्या पार्टी बनाने में हमारा कोई योगदान नहीं।


उधर, बैठक की शुरूआत में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने संबोधन के दौरान भावुक होकर रो पडे। मुख्यमंत्री ने कहा, नेता जी (मुलायम सिंह यादव) पार्टी का पर्याय है। वह मुझे हटाना चाहें तो हटा दें, लेकिन साजिश करने वालों को बेनकाब किया ही जाना चाहिए। नेताजी ने ही अन्याय के सामने खड़ा होना सिखाया है। नेताजी मेरे पिता और गुरु दोनों हैं। मैं उनके आदेशों की अवहेलना क्यों करूंगा। नेताजी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया।

अखिलेश ने कहा कि नेताजी अन्याय के सामने आप ने खड़े होना सिखाया। पार्टी में लगातार साजिश हो रही है तो मैं कैसे बर्दाश्त करता। बाहर के लोग परिवार तोड़ने में लगे हैं। नेता जी की हर योजना को मैने लागू किया। नेताजी कहें तो मैं इस्तीफा देने को भी तैयार हूं। उन्होंने कहा कि राम गोपाल के कहने से किसी मंत्री को नहीं बर्खास्त किया। बहुत सारे लोग परिवार में मतभेद पैदा कर रहे हैं। वह रथयात्रा भी चलायेंगे और स्थापना दिवस भी मनायेंगे। सीमा से बाहर आकर यदि मैने कोई बात कही हो तो माफ कर दीजियेगा।

मंच पर मुलायम के एक बयान ने बदल दिया पूरा नजारा
मुलायम सिंह यादव के एक खुलासे पर सीएम अखिलेश यादव ऐसे खफा हुए कि मंच पर पल भर पहले बना सौहार्दपूर्ण माहौल तल्खी में बदल गया और अखिलेश व शिवपाल के नोकझोंक से लेकर तक धक्का-मुक्की तक हो गई। तब सुरक्षा कर्मियों ने आकर हालात संभालने की कोशिश की।

मुलायम ने जब यह कहा कि अखिलेश सरकार संभालें और शिवपाल संगठन और अगली बार फिर सपा की सरकार बनाने में जुटना है तो माहौल हल्का हो गया। मुलायम ने कहा कि अखिलेश चाचा से गले मिलो। दोनों गले मिले। अखिलेश ने भावुक होकर कहा कि आप लोग मेरा जन्मदिवस ही भूल गए। बधाई तो दीजिए, मुलायम व शिवपाल ने अखिलेश को बधाई दी।

अखिलेश ने पहले मुलायम के पैर छुए और शिवपाल के पैर छूने आगे बढ़े...और पैर छुए। अखिलेश ने कहा कि उम्मीद है कि अब साजिश नहीं होगी कह कर मामले को खत्म करने की कोशिश की। तभी मुलायम ने कहा कि सुनो अखिलेश, मुसलमानों को मैंने जोड़ा है। हम और शिवपाल क्षेत्र में निकल गए तो 70 प्रतिशत मुसलमान हमारे साथ आ जाएंगे।

मुसलमानों को सम्मान देना होगा। एक नेता ने मुझे कहा कि आपका बेटा चाहता है कि मुसलमान सपा से हट जाए। कई मुस्लिम नेता पार्टी से खुश नहीं हैं। बस यहीं से पूरी बात पलट गई। अखिलेश बोले, बताईए किसने मेरे बारे में ऐसा कहा है। .......सामने बैठे एमएलसी आशु मलिक को देखते हुए...अखिलेश ने नाराजगी भरे स्वर में कहा कि इन्होंने ही अमर सिंह के कहने पर मेरे खिलाफ एक अंग्रेजी अखबार में खबर छपवाई कि मैं औरंगजेब और नेता जी शाहजहां हैं। ...शिवपाल की ओर देखते हुए अखिलेश ने कहा कि आप अमर सिंह से मिलकर मेरे बारे में झूठी खबरे चलवाते हो।

इस पर शिवपाल ने अखिलेश से माइक छीनकर कहा- क्यों झूठ बोलते हो? इसके बाद दोनों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। तभी वहां आशु मलिक पहुंच गए और सीएम को रोकने के लिए आगे बढ़े और उनसे माइक छीनने की कोशिश की। तभी अखिलेश से शिवपाल ने माइक छीन लिया। इस चक्कर में माइक टूट गया।

धक्का-मुक्की हो गई। सिक्युरिटी अफसरों ने आशु मलिक को धक्का देकर अखिलेश से दूर किया। अखिलेश जबरदस्ती माइक लेकर बोले, अमर सिंह के कहने पर आशु मलिक ने मेरे खिलाफ छपवाया था। तभी शिवपाल ने माइक छीन लिया...ये बात पूरी तरह से गलत है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। मुलायम ने माइक से अखिलेश को हटाया।
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Thursday, October 20, 2016

लहचूरा बाँध परियोजना का हुआ लोकार्पण, सपा सरकार आयी तो बुंदेलखण्ड में नहीं होगी पानी की कमी- शिवपाल

महोबा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव गुरुवार को बुंदेलखंड दौरे में आज महोबा पहुंचे। यहां उन्होंने लहचूरी बांध परियोजना का लोकार्पण किया। इस दौरान शिवपाल ने बसपा और भाजपा पर तीखे प्रहार कियें।


लहचूरा बाँध परियोजना....

किसान फ्राफुल्लित ( झाँसी ) 1978 में सीएम चौधरी चरण सिंह के समय लहचुरा बांध का आधुनिकीकरण खाका खीचा गया था। लागत थी 7,04 करोड़ रुपये फिर आई गई सरकारो और लाल फीताशाही के चलते देर होती गई लागत बढ़ती गई । अंत में आज 2012 के आख़री स्टीमेट 328 करोड़ रुपये यानी 38 साल में चले अड़ाई कोस और पहले से अंत तक 800 सौ फीसदी अधिक खर्च के बाद सीएम अखिलेश सिंह के कार्यकाल में उक्त योजना ने लोकापर्ण का अमली जामा पहना। बसपा की मायावती सरकार ने आख़री बजट दिया था।इसमें कुल 67,89 हेक्टेयर जमीन अधिकृत की गई जिसमे 48,212 हेक्टेयर वन विभाग एवं 6,676 हेक्टेयर जमीन ग्राम सभा की शामिल है। इस नये बांध से 14,575 हेक्टेयर खेती की खरीफ की फसल को लाभ मिलेगा। वही आगे जाकर इसका पानी महोबा,हमीरपुर जनपद को वरदान बनेगे। बुंदेलखंड के लिये यह बड़ी सौगात है किसानो के लिये। आज सिचाई मंत्री शिवपाल यादव ने स्थानीय विधायक डॉ, रश्मि आर्य, प्रतिनिधि पप्पू सेठ के साथ जेसे ही दीप प्रज्ज्वलन किया किसानो के चेहरे खिल गये। साथ ही विधानसभा वासियो के साथ डॉ,रश्मि आर्य की तारीफ में शिवपाल ने जमकर कसीदे पड़े उनके विकास कार्य की तारीफ की। विकास महिला का तमगा मिला। मंच पर काफी देर तक गुफ्तगू हुई।। जिसके तमाम अर्थ राजनेतिक गलियारों में लगाये जा रहे सपा कुनबे के। आज पूरा जिला पुलिस एवं प्रशासन हलकान रहा। जब उड़नखटोला वापस हुआ तब राहत मिली।

बाँध परियोजना का किया लोकार्पण:

समाजवादी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव गुरुवार को बुंदेलखंड के दौरे पर हैं।
शिवपाल सिंह यादव ने महोबा में चौधरी चरण सिंह लहचूरा बाँध परियोजना का लोकार्पण किया।
इस परियोजना की पुनरीक्षित लागत 328.3038 करोड़ रुपये है।
इसके साथ ही मंत्री शिवपाल यादव ने जिले में भौरट बांध परियोजना का शिलान्यास भी किया।
इस दौरान शिवपाल ने कहा कि बुंदेलखंड सूखे के लिए नहीं बल्कि अपनी हरियाली से जाना जायेगा।
उन्होंने कहा कि जिले में 13 नई परियाजनाओं के लागू होने से किसानों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हम समाजवादी लोग गाय और गंगा दोनों की रक्षा करते हैं।
सपा सरकार आई तो बुंदेलखंड में पानी की कमी नहीं होगी।

मोदी मायावती पर साधा निशानाः

इस दौरान सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा और बसपा पर जमकर हमला बोला।
पीएम नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी बोलना जानते हैं, काम करना नहीं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र ने प्रदेश सरकार का 2800 करोड़ रूपया नहीं दिया।
शिवपाल ने कहा कि मोदी का सबके खाते में 15 लाख रूपये देने का वादा झूठा निकला।
वहीं, मायावती पर हमला बोलते हुए कहा कि बीएपी सरकार में पत्थरों पर पैसा बर्बाद किया गया।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में पत्थर का काम कमीशन पर होता था।
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Thursday, October 13, 2016

यूपी में बीजेपी नंबर-1 पार्टी : OPINION POLL, CM पद के लिए मायावती पहली पसंद, पढ़े पूरी खबर...

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक रणभूमि के विधानसभा चुनाव में 'कमल' खिलने के आसार हैं। INDIA TV- AXIS MY INDIA के ओपिनियन पोल के मुताबिक साल 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी बहुमत के करीब जाकर सरकार बना सकती है। ओपिनियन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में दूसरे नंबर पर BSP रहेगी।

 बहुमत के करीब बीजेपी

ओपिनियन पोल में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है. बीजेपी को 170 से 183 सीटें मिल सकती हैं. इसके साथ ही बीजेपी बहुमत के करीब दिख रही है लेकिन बहुमत तक पहुंचती नहीं दिख रही. दूसरे स्थान पर बीएसपी आती दिख रही है. बीएसपी को 115 से 124 सीटें मिलती दिख रही है. यूपी में अभी सत्तारूढ़ सपा तीसरे स्थान पर खिसकती दिख रही है. उसे 94 से 103 सीटें मिलती दिख रही है. कांग्रेस को 8 से 12 सीटें मिलने का अनुमान है. अन्य के खाते में 2 से 6 सीटें जाती हुईं दिख रही हैं.

CM पद पर पहली पसंद मायावती

सीएम कैंडिडेट के रूप में बीएसपी प्रमुख मायावती वोटरों की पहली पसंद हैं. 31 फीसदी लोग मायावती को सीएम पद पर देखना चाहते हैं. दूसरे नंबर पर अखिलेश यादव हैं. 27 फीसदी लोगों ने अखिलेश को बेहतर सीएम कैंडिडेट माना है. वहीं राजनाथ सिंह 18 फीसदी वोटों के साथ सीएम पद के लिए पसंद बने हैं. योगी आदित्यनाथ को 14 फीसदी लोगों ने बेहतर सीएम कैंडिडेट माना है. प्रियंका वाड्रा को 2 फीसदी लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं. शीला दीक्षित को सीएम के रूप में केवल 1 फीसदी लोगों ने पसंद किया है. मुलायम सिंह को 1 फीसदी लोग सीएम के रूप में देखना चाहते हैं. अन्य उम्मीदवारों के लिए 6 फीसदी लोगों ने अपना समर्थन जताया है.

इंडिया टुडे- एक्सिस माय इंडिया ने ये ओपिनियन पोल करवाया है। पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जंग बीजेपी और बसपा के बीच होगी। तीसरे नंबर पर कांग्रेस रहेगी। पोल के मुताबिक बीजेपी को सबसे ज्यादा 31 फीसदी मत यानि 170-183 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं 28 फीसदी वोट के साथ बहुजन समाज पार्टी रहेगी। वहीं समाजवादी पार्टी को 25 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है।

कांग्रेस का सूपड़ा साफ

इस ओपिनियन पोल की मानें तो कांग्रेस के लिए बेहद बुरी खबर है। पोल के मुताबिक कांग्रेस को महज 6 फीसदी वोट यानि कि 8 से 12 सीटें मिलने की संभावना है। यानि कि ऐसा हुआ तो राहुल गांधी फेल साबित होंगे। वहीं अन्य के खाते में दस फीसदी वोट यानि कि 2 से 6 सीटें जा सकती हैं।

बीजेपी बनेगी नंबर वन पार्टी

सर्वे में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनती नजर आ रही है। सर्वे के मुताबिक अभी तक उम्मीदवार का चयन न करना बीजेपी के लिए नुकसानदेह बना हुआ है।

माया फेवरेट और अखिलेश दूसरे नंबर पर लोगों की पसंद

वहीं बात अगर मुख्यमंत्री की पसंद की करें तो बसपा सुप्रीमो मायावती उत्तर प्रदेश के लोगों की पसंद में नंबर वन पर हैं। 31 फीसदी लोग मायावती को पसंद कर रहे हैं। वहीं सीएम के तौर पर दूसरे नंबर पर लोग 27 फीसदी के साथ अखिलेश को देखना चाहते हैं। राजनाथ सिंह को 18 फीसदी के साथ लोग तीसरे नंबर पर पसंद कर रहे हैं। वहीं शीला दीक्षित को महज एक फीसदी लोग पसंद कर रहे हैं।
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Thursday, October 6, 2016

सपा: शिवपाल यादव ने घोषित की अपनी 80 सदस्यीय प्रदेश टीम, ओमप्रकाश सिंह बने प्रदेश महामंत्री

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह ने गुरुवार को 80 सदस्यीय प्रदेश टीम घोषित कर दी है। इस टीम में ओमप्रकाश सिंह प्रदेश महामंत्री बने हैं। वहीं, पूर्व मंत्री किरन पाल सिंह सपा प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये गये हैं। इसके अलावा रघुनंदन सिंह, विधायक उदयराज सचिव, श्रीपति सिंह, बख्तावर प्रदेश सचिव घोषित किये गये हैं। वहीं, सचिव में अनूप गुप्ता, एसएन सिंह, राजेश यादव शामिल हैं, जबकि सतेंद्र उपाध्याय सचिव और राजकुमार मिश्रा को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

  • पूर्व मंत्री किरणपाल सिंह को अहम जिम्मेदारी देते हुए समाजवादी पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
  • ओमप्रकाश सिहं प्रदेश को महामंत्री बनाया गया है।
  • इसके साथ ही रघुनंदन सिंह और विधायक उदयराज को पार्टी में सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
  • वहीं राजकुमार मिश्रा को सपा कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
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